न्याय धारा/ कानपुर नगर। शुक्रवार 16 अक्टूबर 2026 (सूत्र/सूवि /पीआईबी /संवाददाता) सूर्य दक्षिणायन (शारदीय नवरात्र), आश्विन मास शुक्ल पक्ष की षष्ठी, शरद ऋतु २०८३ रौद्र नाम संवत्सर। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कानपुर में आयोजित किए जा रहे उत्तर क्षेत्रीय किसान मेला एवं कृषि उद्योग प्रदर्शनी के अंतर्गत आज महिला सशक्तिकरण पर एक विशेष सत्र का आयोजन किया गया। सत्र का मुख्य उद्देश्य कृषि क्षेत्र में महिलाओं के महत्वपूर्ण योगदान को रेखांकित करना, उन्हें आधुनिक कृषि तकनीकों एवं वैज्ञानिक पद्धतियों से जोड़ना तथा आर्थिक एवं सामाजिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रोत्साहित करना था।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. विनय कुमार पाठक, कुलपति, छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर रहे, जबकि अध्यक्षता डॉ. संजीव गुप्ता, कुलपति, चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कानपुर ने की। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में श्रीमती नीलिमा कटियार, विधायक, कल्याणपुर, कानपुर; डॉ. विजय रत्ना तोमर, ब्लॉक प्रमुख, सरसौल; डॉ. सीमा सोनकर, अधिष्ठाता, गृह विज्ञान महाविद्यालय तथा डॉ. कौशल कुमार, अधिष्ठाता, कृषि संकाय उपस्थित रहे। किसान मेले के सफल आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे डॉ. विवेक कुमार त्रिपाठी, निदेशक प्रसार एवं अधिष्ठाता, उद्यान संकाय भी मंचासीन रहे।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ.विनय कुमार पाठक ने अपने संबोधन में बताया कि दोनों विश्वविद्यालय के मध्य शीघ्र ही एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। इस समझौते के माध्यम से दोनों विश्वविद्यालय कृषि क्षेत्र में परस्पर सहयोग को बढ़ावा देते हुए अनुसंधान, शिक्षा, प्रशिक्षण तथा नवीन तकनीकों के हस्तांतरण की दिशा में संयुक्त रूप से कार्य करेंगे। उन्होंने महिला सशक्तिकरण पर विशेष बल देते हुए कहा कि महिलाओं को कृषि आधारित उद्यमिता, कौशल विकास एवं स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ना समय की आवश्यकता है। इससे न केवल उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी, बल्कि वे परिवार एवं समाज के विकास में भी अधिक प्रभावी भूमिका निभा सकेंगी।
कार्यक्रम में विभिन्न जनपदों से बड़ी संख्या में महिला कृषकों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। इस अवसर पर कृषि एवं कृषि से संबद्ध गतिविधियों में महिलाओं की भूमिका, कृषि आधारित आजीविका के अवसर, आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने, मूल्य संवर्धन, खाद्य प्रसंस्करण, पोषण वाटिका, उद्यमिता विकास तथा कृषि उत्पादों के विपणन के माध्यम से महिलाओं की आय में वृद्धि जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डॉ. संजीव गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि महिला सशक्तिकरण के लिए भारत सरकार द्वारा संचालित अंत्योदय योजना सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ महिलाओं तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि महिलाओं को विभिन्न योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने, कौशल विकास प्रशिक्षण प्रदान करने, वित्तीय सहायता से जोड़ने तथा उनके उत्पादों के लिए उपयुक्त बाजार उपलब्ध कराने से उनके सामाजिक एवं आर्थिक विकास को गति मिलेगी। उन्होंने विश्वविद्यालय की ओर से महिला कृषकों को आवश्यक वैज्ञानिक एवं तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराने का आश्वासन भी दिया। निदेशक प्रसार डॉक्टर वी के त्रिपाठी ने बताया कि बड़ी संख्या में कानपुर के विभिन्न स्कूलों के छात्र छात्राओं ने भी प्रतिभाग किया तथा विश्वविद्यालय की विभिन्न गतिविधियों को जाना आज मेले में साढ़े आठ हजार से अधिक प्रतिभागियों ने प्रतिभाग किया।इस अवसर पर डॉ. विजय रत्ना तोमर, ब्लॉक प्रमुख, सरसौल ने संदेश दिया गया कि महिला सशक्तिकरण कृषि विकास और ग्रामीण समृद्धि का एक महत्वपूर्ण आधार है। महिलाओं को वैज्ञानिक तकनीकों, प्रशिक्षण, वित्तीय संसाधनों एवं बाजार से जोड़कर न केवल उनकी आय में वृद्धि की जा सकती है, बल्कि कृषि को अधिक टिकाऊ, समावेशी एवं लाभकारी बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए जा सकते हैं।

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