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पीएम सूर्य घर योजना से 53,382 घर जुड़े, अब तक 432.18 करोड़ रुपये की सब्सिडी वितरित

न्याय धारा/ कानपुर नगर। मंगलवार 06 अक्टूबर 2026 (सूत्र/सूवि /पीआईबी /संवाददाता) सूर्य दक्षिणायन (पितृ पक्ष), आश्विन मास कृष्ण पक्ष की एकादशी, शरद ऋतु २०८३ रौद्र नाम संवत्सर। कानपुर के घरों की छतों पर प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत अब तक 172.06 मेगावाट सौर ऊर्जा क्षमता स्थापित हो चुकी है। जिले के 53,382 घरों में रूफटॉप सोलर प्लांट लगाए जा चुके हैं। योजना के क्रियान्वयन में कानपुर नगर प्रदेश में तीसरे स्थान पर है। लाभार्थियों को अब तक 432.18 करोड़ रुपये की सब्सिडी वितरित की जा चुकी है।

मुख्य विकास अधिकारी अभिनव जे. जैन ने मंगलवार को विकास भवन सभागार में पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में पीओ नेडा राकेश कुमार पाण्डेय सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। सीडीओ ने सोलर प्लांट की स्थापना, निर्धारित लक्ष्य और सब्सिडी वितरण सहित योजना की प्रगति की बिंदुवार समीक्षा की।

सीडीओ ने निर्देश दिए कि जिले में रूफटॉप सोलर की मौजूदा गति को और बढ़ाते हुए अधिक से अधिक पात्र परिवारों को योजना से जोड़ा जाए। लोगों को योजना के लाभ एवं उपलब्ध सब्सिडी के संबंध में जागरूक किया जाए। संबंधित विभाग आपसी समन्वय से कार्य करते हुए योजना से जुड़े प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करें, जिससे पात्र परिवारों को योजना का लाभ सुगमता से मिल सके।

छह माह में 25 हजार से अधिक घरों में लगा सोलर

वित्तीय वर्ष 2026-27 में कानपुर नगर को 42,684 सोलर प्लांट स्थापित करने का वार्षिक लक्ष्य दिया गया है। अप्रैल से सितंबर तक छह माह का लक्ष्य 21,342 था। इसके मुकाबले जिले में 25,035 सोलर प्लांट स्थापित किए गए। यानी निर्धारित लक्ष्य से 3,693 अधिक प्लांट लगे और जिले ने छह माह के लक्ष्य के सापेक्ष 117.3 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की।

मासिक आंकड़ों में भी योजना की रफ्तार दिखाई देती है। अप्रैल में 3,410, मई में 4,088, जून में 4,216, जुलाई में 4,757, अगस्त में 4,385 और सितंबर में 4,179 सोलर प्लांट स्थापित हुए। इनमें जुलाई में सर्वाधिक 4,757 प्लांट लगे। मई से सितंबर तक लगातार प्रत्येक माह जिले ने निर्धारित मासिक लक्ष्य से अधिक इंस्टॉलेशन किए।

सौर ऊर्जा से 1.30 लाख टन कार्बन उत्सर्जन में कमी

रूफटॉप सोलर का विस्तार केवल घरों के बिजली खर्च में बचत तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका पर्यावरणीय लाभ भी सामने आ रहा है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार जिले में स्थापित सौर क्षमता से अब तक अनुमानित 1,30,764 टन कार्बन उत्सर्जन में कमी आई है। जिले में 172.06 मेगावाट स्वच्छ ऊर्जा क्षमता विकसित होने से परंपरागत ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम करने के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिल रहा है।

क्या है पीएम सूर्य घर योजना

प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत घरेलू उपभोक्ताओं को अपनी छत पर सोलर प्लांट लगाने के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार दोनों की ओर से अनुदान दिया जाता है। केंद्र सरकार की ओर से 30,000 रुपये प्रति किलोवाट की दर से अधिकतम 78,000 रुपये तथा राज्य सरकार की ओर से 15,000 रुपये प्रति किलोवाट की दर से अधिकतम 30,000 रुपये का अनुदान दिया जाता है। इस प्रकार पात्र घरेलू उपभोक्ता को निर्धारित क्षमता का रूफटॉप सोलर प्लांट लगाने पर केंद्र एवं राज्य सरकार से मिलाकर अधिकतम 1.08 लाख रुपये तक की सहायता मिल सकती है।

योजना का उद्देश्य घरेलू उपभोक्ताओं के बिजली खर्च को कम करने के साथ रूफटॉप सोलर और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देना है। घर की छत पर लगे सोलर प्लांट से उत्पादित बिजली का उपयोग उपभोक्ता स्वयं कर सकता है, जबकि अतिरिक्त बिजली का नेट मीटरिंग के माध्यम से समायोजन किया जा सकता है।

एक नजर में

  • 53,382 घरों में सोलर प्लांट स्थापित
  • 172.06 मेगावाट कुल स्थापित सौर क्षमता
  • प्रदेश में तीसरा स्थान
  • 432.18 करोड़ रुपये की सब्सिडी वितरित
  • 42,684 प्लांट का वित्तीय वर्ष 2026-27 का लक्ष्य
  • 25,035 प्लांट अप्रैल से सितंबर के बीच स्थापित
  • 117.3 प्रतिशत छह माह के लक्ष्य के सापेक्ष उपलब्धि
  • 1,30,764 टन कार्बन उत्सर्जन में अनुमानित कमी

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