न्याय धारा/ कानपुर नगर। सोमवार 07 सितम्बर 2026 (सूत्र/सूवि /पीआईबी /संवाददाता) सूर्य उत्तरायण, भाद्रपद मास कृष्ण पक्ष की एकादशी, वर्षा ऋतु २०८३ रौद्र नाम संवत्सर। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर के स्कूल ऑफ हेल्थ साइंसेज में आयोजित राष्ट्रीय पोषण सप्ताह-2026 का सोमवार को समापन हुआ। एक सप्ताह तक चले इस आयोजन में विद्यार्थियों को केवल पोषण के प्रति जागरूक ही नहीं किया गया, बल्कि विभिन्न प्रतियोगिताओं और गतिविधियों के माध्यम से उन्हें स्वस्थ खान-पान की अवधारणाओं को व्यावहारिक रूप से समझने का अवसर भी मिला। विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को पोषण और स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि चन्द्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. विनीता सिंह रहीं। समरोह की अध्यक्षता वरिष्ठ आयुर्वेदाचार्या डॉ. वंदना पाठक ने की।
मुख्य वक्ता डॉ. विनीता सिंह ने स्वस्थ एवं संतुलित आहार के महत्व पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को बताया कि शरीर को आवश्यक पोषक तत्व उचित मात्रा में मिलने से व्यक्ति स्वस्थ रहने के साथ-साथ अपनी दैनिक गतिविधियों को बेहतर ढंग से कर सकता है। उन्होंने पोषण को बेहतर स्वास्थ्य और स्वस्थ जीवनशैली की आधारशिला बताया। वरिष्ठ आयुर्वेदाचार्या डॉ. वंदना पाठक ने स्वस्थ आहार और विरुद्ध आहार के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि भोजन का चयन केवल स्वाद के आधार पर नहीं, बल्कि उसके स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को सही खान-पान की आदतों और आयुर्वेद में बताए गए आहार संबंधी सिद्धांतों के प्रति जागरूक किया।
आयोजन के दौरान विद्यार्थियों को गतिविधियों के माध्यम से पोषण को समझने का अवसर मिला। 02 सितम्बर को रेसिपी प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें विद्यार्थियों ने पौष्टिक खाद्य पदार्थों को आकर्षक और स्वादिष्ट रूप में प्रस्तुत किया। इसके बाद 03 सितम्बर को कैंटीन से संबंधित गतिविधि आयोजित की गई, जबकि 05 सितम्बर को वाद-विवाद प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों ने पोषण, खान-पान और स्वास्थ्य से जुड़े विषयों पर अपने विचार रखे। प्रतियोगिताओं में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम में न्यूट्रिशन विभाग के विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मकता का भी प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों द्वारा डी-सन गलौटी, प्रोटीन बार, अगर केक, डीबी ड्रिंक, डायबिटिक लड्डू, सार बॉल्स और डिटॉक्स सलाद जैसे नवाचारपूर्ण खाद्य पदार्थ प्रस्तुत किए गए। इन खाद्य उत्पादों के माध्यम से विद्यार्थियों ने यह दिखाने का प्रयास किया कि पौष्टिक भोजन को भी स्वादिष्ट, आकर्षक और रचनात्मक तरीके से तैयार किया जा सकता है। समापन समारोह में विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र एवं डायटिशियन रोहित यादव ने विद्यार्थियों के साथ अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने अपने शैक्षणिक सफर और व्यावहारिक अनुभवों के बारे में बताते हुए विद्यार्थियों को न्यूट्रिशन के क्षेत्र में बेहतर भविष्य के लिए प्रेरित किया। इसके बाद विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को संस्थान के निदेशक डॉ. मुनीश रस्तोगी द्वारा सर्टिफिकेट एवं मेडल प्रदान कर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर एसोसिएट डीन प्रशासन डॉ. दिग्विजय शर्मा ने विशिष्ट अतिथि, मुख्य वक्ता, विभागीय शिक्षकों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम विद्यार्थियों को विषय के व्यावहारिक पक्ष से जोड़ने के साथ-साथ उनमें रचनात्मकता और जागरूकता भी विकसित करते हैं। उन्होंने भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने के लिए संकाय सदस्यों को प्रोत्साहित किया।
कार्यक्रम का संचालन सहायक आचार्या सुश्री गरिमा दीक्षित ने किया। समारोह में डॉ. हिना वैश्य, डॉ. मुनीश रस्तोगी, डॉ. दिग्विजय शर्मा , श्री धीरज कुमार, डॉ. अनामिका दीक्षित, सुश्री आमिना जैदी, डॉ. स्वाती अग्रवाल सहित अन्य शिक्षकगण एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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