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सीएसजेएमयू के पत्रकारिता विभाग में हिंदी दिवस पर कार्यक्रम आयोजित

न्याय धारा/ कानपुर नगर। सोमवार 14 सितम्बर 2026 (सूत्र//संवाददाता) सूर्य दक्षिणायन, भाद्रपद मास शुक्ल पक्ष की तृतीया तदुपरि चतुर्थी, वर्षा ऋतु २०८३ रौद्र नाम संवत्सर। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग में हिंदी दिवस के अवसर पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में गोविंद बल्लभ पंत सामाजिक विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो. योगेन्द्र प्रताप सिंह उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यार्थियों को हिंदी भाषा के इतिहास, मातृभाषा के महत्व तथा वर्तमान मीडिया परिदृश्य में हिंदी की व्यापक भूमिका और संभावनाओं से अवगत कराया।

अपने संबोधन में प्रो. योगेन्द्र प्रताप सिंह ने हिंदी भाषा के ऐतिहासिक विकास पर विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि भाषा केवल विचारों को व्यक्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि वह समाज की संस्कृति, परंपरा और सामूहिक चेतना को भी अभिव्यक्त करती है। उन्होंने मातृभाषा के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि व्यक्ति अपनी मातृभाषा के माध्यम से अपने सामाजिक और सांस्कृतिक परिवेश से सहज रूप से जुड़ता है। उन्होंने विद्यार्थियों को हिंदी के अध्ययन और प्रयोग के प्रति गंभीर रहने के लिए प्रेरित किया।

प्रो. योगेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि डिजिटल मीडिया, समाचार पोर्टल, सामाजिक मीडिया, टेलीविजन, रेडियो और अन्य संचार माध्यमों के विस्तार के साथ हिंदी भाषा का क्षेत्र लगातार व्यापक हो रहा है। आज हिंदी केवल पारंपरिक प्रिंट पत्रकारिता तक सीमित नहीं है, बल्कि डिजिटल और नए मीडिया के विभिन्न मंचों पर प्रभावी संचार का माध्यम बन चुकी है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता एवं जनसंचार के विद्यार्थियों के लिए हिंदी भाषा पर मजबूत पकड़ अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि भाषा ही उनके विचारों, सूचनाओं और समाचारों को प्रभावी ढंग से समाज तक पहुंचाने का प्रमुख माध्यम है।

उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे हिंदी भाषा के शुद्ध एवं प्रभावी प्रयोग के साथ-साथ समकालीन मीडिया की आवश्यकताओं को समझें और लेखन, संपादन तथा संचार कौशल को निरंतर विकसित करें।कार्यक्रम के प्रारंभ में पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ दिवाकर अवस्थी ने मुख्य अतिथि एवं उपस्थित अतिथियों का स्वागत करते हुए हिंदी दिवस की प्रासंगिकता पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि हिंदी भाषा का पत्रकारिता और जनसंचार के क्षेत्र में महत्वपूर्ण स्थान है। विद्यार्थियों के लिए भाषा की समझ केवल परीक्षा तक सीमित विषय नहीं, बल्कि उनके व्यावसायिक जीवन की महत्वपूर्ण आधारशिला है।

विभाग के प्रो. कौशल त्रिपाठी ने भी हिंदी भाषा और पत्रकारिता के अंतर्संबंध पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने विद्यार्थियों को भाषा के विभिन्न आयामों को समझने तथा पत्रकारिता में हिंदी के प्रभावी प्रयोग के लिए प्रेरित किया।

विभाग के सहायक आचार्य डॉ. जितेन्द्र डबराल ने भी कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने हिंदी भाषा के महत्व तथा बदलते मीडिया परिवेश में इसके प्रयोग की संभावनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि पत्रकारिता में भाषा की स्पष्टता, सहजता और प्रभावशीलता अत्यंत महत्वपूर्ण है।

कार्यक्रम का समन्वय एवं उपस्थित अतिथियों तथा प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापन विभाग के सहायक आचार्य डॉ. हरिओम कुमार ने किया। उन्होंने मुख्य अतिथि, विभागीय शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम के सफल आयोजन में सहयोग देने वाले सभी लोगों को धन्यवाद दिया। कार्यक्रम में विभाग के डॉ योगेंद्र पांडेय, डॉ ओम शंकर गुप्ता, डॉ रश्मि गौतम, डॉ विनय कुमार, सागर कनौजिया, प्रेम किशोर शुक्ला सहित सभी छात्र उपस्थित रहे।

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