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उपभोग शून्य व्यक्तित्व का निर्वाहन करें शिक्षक- डॉ विनय सहस्त्रबुद्धे

न्याय धारा/ कानपुर नगर। शनिवार 19 सितम्बर 2026 (सूत्र/संवाददाता) सूर्य दक्षिणायन, भाद्रपद मास शुक्ल पक्ष की अष्टमी (राधा अष्टमी), वर्षा ऋतु २०८३ रौद्र नाम संवत्सर। जिसप्रकार राजा का आदर्श व्यक्तित्व उपभोग शून्य स्वामित्व का होता है उसीप्रकार के उपभोग शून्य व्यक्तित्व का निर्वाहन करें शिक्षक । उक्त विचार गणेश शंकर विद्यार्थी मेडिकल कॉलेज सभागार मे राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ कानपुर संभाग के तत्वावधान में आयोजित गुरुवन्दन 2026 में मुख्य वक्ता के रूप में प्रखर चिंतक एवम विचारक पूर्व राज्य सभा सांसद डॉ. विनय सहस्त्रबुद्धे ने कही।

श्री सहस्त्रबुद्धे ने शिक्षकों को सम्बोधित करते हुए वर्तमान समय में शिक्षक- छात्र संबंध को स्वस्थ बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने शिक्षकतत्व को समाज का सर्वाधिक सम्मानपूर्ण एवम स्वाभिमान पूर्ण कार्य बताया। उन्होंने कहा कि चाहें शिक्षण संस्थान में कितने भी झंझावांत हो या समाज में कितने भी व्यतिक्रम हो शिक्षक को अपनी महती भूमिका का निर्वाहन करना ही होगा क्योंकि समाज और राष्ट्र का निर्माण इसी से संभव है।

कार्यक्रम के प्रधान संरक्षक डॉ. दिलीप सरदेसाई ने संगठन की उपलब्धियों को बताते हुए उसकी रीति नीति एवम क्रियाशीलता के विषय में अपने विचार रखे।

कार्यक्रम संयोजक डॉ. शैलेन्द्र द्विवेदी ने राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ की गौरवशाली परम्परा पर विचार व्यक्त करते हुए शिक्षकों की समस्याओं के समाधान की ओर ध्यान आकृष्ट किया । संयोजक डॉ. द्विवेदी ने बताया कि गुरुवन्दन कार्यक्रम में लगभग 2750 शिक्षक प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया । गुरुवन्दन कार्यक्रम में प्राथमिक, माध्यमिक व उच्च संवर्ग से 51 शिक्षक, शिक्षिकाएं, प्रधानचार्य उनकी विशेष उपलब्धियों के लिए सम्मानित किए गए। कार्यक्रम की अध्यक्षता सुप्रसिद्ध व्यवसायी अरविंद चतुर्वेदी ने की तथा संचालन डॉ. विपिन कौशिक व डॉ. पवन कुमार मिश्रा ने किया।कार्यक्रम का प्रारम्भ माँ सरस्वती एवम महाऋषि वेद व्यास जी के चित्र पर माल्यार्पण एवम दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। गुरुवंदना शिक्षिका बहनों श्रीमती शिखा एवम श्रीमती मधु ने प्रस्तुत की।

मीडिया प्रभारी डॉ. राहुल मिश्रा के अनुसार कार्यक्रम में प्रमुख रूप से आदित्य द्विवेदी, शैलेन्द्र अवस्थी, डॉ. राहुल मिश्रा, प्रो.मनोज अवस्थी, प्रो.ए. बी.जायसवाल,चंद्रदीप सिंह यादव,श्रीओम तिवारी अरविंद दुबे, संजय तिवारी, के के दुबे, अमरनाथ, अलका गुप्ता, शैलेन्द्र कुमार, अम्बरीष , रचना अवस्थी, डॉ पूजा अवस्थी, डॉ. राम मिलन सिंह, डॉ रतन लाल, अक्षय मिश्रा, अरविंद कुशवाहा, उमेश कुमार, आशुतोष निगम, विमल गुप्ता, राकेश पाल, मनीष सिंह, आशीष सिंह, अनिल राय, शशांक दुबे, सुष्मिता, प्रदीप यादव, समेत हजारों शिक्षक मौजूद रहे।

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