न्याय धारा/ कानपुर नगर। बुधवार 02 सितम्बर 2026 (सूत्र/संवाददाता) सूर्य उत्तरायण, भाद्रपद मास कृष्ण पक्ष की षष्ठी, वर्षा ऋतु २०८३ रौद्र नाम संवत्सर। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर के स्कूल ऑफ आर्ट्स, ह्यूमैनिटीज एंड सोशल साइंसेज के क्लिनिकल साइकोलॉजी विभाग द्वारा साइकोलॉग्स मैगज़ीन के सहयोग से राष्ट्रव्यापी मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता अभियान “उत्साह 3.0” का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्कूल ऑफ आर्ट्स, ह्यूमैनिटीज एंड सोशल साइंसेज के निदेशक डॉ. अमित कुमार ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य हमारे समग्र स्वास्थ्य का अभिन्न हिस्सा है और इसके प्रति जागरूकता एवं संवाद को हमारे दैनिक जीवन का हिस्सा बनाया जाना चाहिए।
विभागाध्यक्ष, क्लिनिकल साइकोलॉजी, डॉ. प्रियंका शुक्ला ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं को समझना, उनके प्रति संवेदनशील होना और आवश्यकता पड़ने पर समय रहते सहायता लेना स्वस्थ जीवन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मिथकों एवं वास्तविकताओं के प्रति जागरूक करने के लिए “मिथ एंड रियलिटी बस्टर” जैसी मनोरंजक एवं संवादात्मक गतिविधि का आयोजन किया गया। इस गतिविधि का संचालन बी.ए. साइकोलॉजी की छात्राओं कनिष्का शुक्ला एवं अनन्या तिवारी द्वारा फैकल्टी कोऑर्डिनेटर्स डॉ. अहमद अब्दुल्लाह, डॉ. अनमोल शेखर श्रीवास्तव एवं डॉ. दुर्गा यादव के मार्गदर्शन में किया गया। गतिविधि के माध्यम से विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े प्रचलित भ्रमों को दूर करते हुए वैज्ञानिक एवं सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
इस अवसर पर डॉ. अहमद अब्दुल्लाह ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता की शुरुआत स्वयं को समझने और अपनी भावनाओं को स्वीकार करने से होती है, इसलिए विद्यार्थियों को अपने मन की बात खुलकर साझा करने में संकोच नहीं करना चाहिए।
डॉ. अनमोल शेखर श्रीवास्तव ने कहा कि सबसे पहले आत्म-जागरूकता आवश्यक है; इसके साथ ही हमें अपने प्रियजनों पर भी ध्यान देना चाहिए और समय-समय पर यह जानने का प्रयास करना चाहिए कि वे वास्तव में ठीक हैं या नहीं।
डॉ. दुर्गा यादव ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशीलता, सही जानकारी और समय पर सहयोग किसी व्यक्ति को भावनात्मक रूप से मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक एवं सक्रिय रूप से सहभागिता की। इस अवसर पर विद्यार्थियों को साइकोलॉग्स मैगज़ीन भी वितरित की गई, जिसके माध्यम से उन्हें मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित उपयोगी एवं जागरूकता-आधारित सामग्री उपलब्ध कराई गई।
कार्यक्रम में अंशिका मिश्रा, प्रतिमा तिवारी एवं सृजन श्रीवास्तव की भी सक्रिय उपस्थिति रही।
कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों के बीच मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता बढ़ाना, मानसिक स्वास्थ्य संबंधी मिथकों को दूर करना तथा एक संवेदनशील एवं सकारात्मक वातावरण को प्रोत्साहित करना रहा। “ए सेफ़ प्लेस फॉर योर माइंड” के संदेश के साथ आयोजित उत्साह 3.0 ने विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने, आत्म-जागरूक बनने तथा अपने आसपास के प्रियजनों के मानसिक स्वास्थ्य के प्रति भी सजग रहने का सार्थक संदेश दिया।

addComments
एक टिप्पणी भेजें