न्याय धारा/ कानपुर नगर। सोमवार 24 अगस्त 2026 (सूत्र/सूवि /पीआईबी /संवाददाता) सूर्य उत्तरायण, श्रावण मास शुक्ल पक्ष की द्वादशी, वर्षा ऋतु २०८३ रौद्र नाम संवत्सर। रक्षाबंधन पर इस बार राजकीय बाल गृह की बेटियों के हुनर की झलक भी देखने को मिल रही है। राजकीय बाल गृह यूनिट-1 एवं यूनिट-2 की बालिकाओं ने अपने हाथों से आकर्षक राखियां और रोली-चावल की पोटलियां तैयार की हैं। सोमवार को इन हस्तनिर्मित राखियों का विशेष स्टॉल कलेक्ट्रेट स्थित जिलाधिकारी कार्यालय में लगाया गया। बालिकाओं की यह पहल उनके कौशल को निखारने के साथ भविष्य में उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का हिस्सा है।
अचिंत्य फाउंडेशन द्वारा संचालित कौशल विकास कार्यक्रम के तहत बाल गृह की बालिकाओं को प्रोफेशनल एम्ब्रॉयडरी के साथ सिलाई-कढ़ाई का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। कार्यक्रम का प्रायोजन भी फाउंडेशन की ओर से किया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान सीखे हुनर का इस्तेमाल करते हुए बालिकाओं ने रक्षाबंधन के लिए राखियां तैयार कीं। इसके साथ ही रोली और चावल की आकर्षक पोटलियां भी बनाई गई हैं।
जिला प्रशासन की ओर से इस कौशल विकास कार्यक्रम को सहयोग दिया जा रहा है। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने बालिकाओं के कौशल विकास और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों को प्रोत्साहित किया है। इसका उद्देश्य प्रशिक्षण को केवल गतिविधि तक सीमित न रखकर बालिकाओं को ऐसा हुनर देना है, जिसका भविष्य में वे आजीविका के लिए भी उपयोग कर सकें।
राखियां तैयार करने की इस गतिविधि के माध्यम से बालिकाओं में रचनात्मकता और आत्मविश्वास बढ़ाने का भी प्रयास किया गया है। राजकीय बाल गृह यूनिट-1 एवं यूनिट-2 में बालिकाओं के साथ रक्षाबंधन का पर्व भी मनाया जाएगा। इस दौरान बालिकाओं द्वारा स्वयं तैयार की गई राखियों का उपयोग किया जाएगा।
यह पहल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के महिला एवं बालिका सशक्तीकरण, सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के विजन तथा मिशन शक्ति की भावना से भी जुड़ी है। कौशल विकास कार्यक्रम के माध्यम से बालिकाओं को प्रशिक्षण देकर भविष्य में अपने पैरों पर खड़े होने योग्य बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
अजित फाउंडेशन की ओर से समाज के वंचित एवं संवेदनशील वर्ग के बच्चों को कौशल और अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है, ताकि प्रशिक्षण के माध्यम से उनमें आत्मविश्वास विकसित हो और वे भविष्य में आत्मनिर्भर जीवन की दिशा में आगे बढ़ सकें। इस दौरान अचिन्त्य चैरिटेबल फाउंडेशन की निदेशक दिशा अरोड़ा भी मौजूद रहीं।

addComments
एक टिप्पणी भेजें