Customised Ads
डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को जन-आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाने पर जोर

न्याय धारा/ कानपुर नगर। सोमवार 24 अगस्त 2026 (सूत्र/सूवि /पीआईबी /संवाददाता) सूर्य उत्तरायण, श्रावण मास शुक्ल पक्ष की द्वादशी, वर्षा ऋतु २०८३ रौद्र नाम संवत्सर। आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM), उत्तर प्रदेश सरकार के तत्वावधान में आज प्रातः 9:30 बजे कानपुर एवं झांसी मंडल का मंडल स्तरीय सम्मेलन होटल इटर्निटी, बैकुंठपुर, बिठूर (ताज होटल), कानपुर में आयोजित किया गया।

सम्मेलन का उद्देश्य भारत के डिजिटल स्वास्थ्य इकोसिस्टम में सरकारी एवं निजी स्वास्थ्य सेवाओं के एकीकरण को गति प्रदान करना तथा डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ आमजन तक पहुंचाना रहा।

सम्मेलन में मुख्य कार्यकारी अधिकारी, आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, उत्तर प्रदेश अर्चना वर्मा (आईएएस) तथा सचिव, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण एवं मिशन निदेशक, आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन, उत्तर प्रदेश रितु माहेश्वरी (आईएएस) की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम में संयुक्त निदेशक, आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन, उत्तर प्रदेश डॉ. मोहित सिंह ने एबीडीएम की प्रगति, उपलब्धियों तथा डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने एबीडीएम के अंतर्गत आभा (ABHA) आईडी, हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्री (HFR) एवं हेल्थ प्रोफेशनल रजिस्ट्री (HPR) सहित विभिन्न डिजिटल स्वास्थ्य पहलों की जानकारी दी।

वक्ताओं ने कहा कि आभा आईडी के माध्यम से नागरिकों के स्वास्थ्य संबंधी रिकॉर्ड को डिजिटल रूप से सुरक्षित एवं व्यवस्थित रखा जा सकता है। इससे मरीजों को बार-बार पुराने चिकित्सा दस्तावेज साथ ले जाने की आवश्यकता कम होगी तथा चिकित्सकों और स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं को मरीज के स्वास्थ्य संबंधी विवरण उपलब्ध कराने में सुविधा होगी। डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से मरीजों एवं स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में भी सहायता मिलेगी। सम्मेलन में सरकारी एवं निजी स्वास्थ्य संस्थानों को एबीडीएम से जोड़ने, अधिक से अधिक आभा आधारित ओपीडी पंजीकरण कराने, डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड को बढ़ावा देने तथा जनपद एवं ब्लॉक स्तर पर एबीडीएम की नियमित समीक्षा किए जाने पर विशेष जोर दिया गया। एबीडीएम के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुविधाजनक, पारदर्शी एवं पेपरलेस बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों पर भी चर्चा की गई।

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी, कानपुर नगर अभिनव जे. जैन, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, कानपुर नगर डॉ. हरिदत्त नेमी, अपर निदेशक, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, झांसी मंडल डॉ. आर.के. सोनी तथा अपर निदेशक, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, कानपुर मंडल डॉ. रेनू जोशी पंत सहित संबंधित अधिकारी, चिकित्सक, नर्सिंग होम के संस्थापक, प्रबंधक एवं निदेशक तथा स्वास्थ्य विभाग के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

सम्मेलन में यह संदेश दिया गया कि डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को केवल तकनीकी पहल तक सीमित न रखते हुए इसे जन-आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाया जाए, ताकि प्रत्येक नागरिक को सुरक्षित, सुगम, पारदर्शी एवं आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सके।

टिप्पणियाँ