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हथकरघा वस्त्रों से सजी फैशन शो की शाम, मॉडलों ने हैंडलूम, खादी और सिल्क के परिधानों के साथ किया रैंप वॉक

न्याय धारा/ कानपुर नगर। रविवार 16 अगस्त 2026 (सूत्र/सूवि /पीआईबी /संवाददाता) सूर्य उत्तरायण, श्रावण मास शुक्ल पक्ष की चतुर्थी, वर्षा ऋतु २०८३ रौद्र नाम संवत्सर। राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के उपलक्ष्य में रविवार को नगर निगम स्थित प्रमिला सभागार में हथकरघा वस्त्र फैशन शो का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन प्रदेश के हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग, खादी एवं ग्रामोद्योग तथा रेशम उद्योग मंत्री राकेश सचान और महापौर प्रमिला पाण्डेय ने किया।

फैशन शो का उद्देश्य प्रदेश में उत्पादित हथकरघा वस्त्रों का प्रचार-प्रसार करने के साथ उनके विपणन और निर्यात को प्रोत्साहित करना था।

फैशन शो में प्रदेश के पुरस्कृत बुनकरों द्वारा तैयार हैंडलूम, खादी और सिल्क के आकर्षक परिधानों का प्रदर्शन किया गया। पारंपरिक बुनाई और आधुनिक डिजाइन के संगम से तैयार परिधानों को पहनकर मॉडलों ने रैंप वॉक किया। संजना वर्मा, प्रज्ञा सिंह, यशविता सिंह, संचिता वर्मा, नैना गुप्ता, श्रृंखला सिंह, रिया श्रीवास्तव, वंशिका सिंह, मुस्कान सिंह, शुभम मिश्रा और तारिक अहमद सहित विभिन्न मॉडलों ने फैशन शो में प्रतिभाग किया। डिजाइनर कुंतानिल दास ने परिधानों की डिजाइन, बनावट और उनकी विशेषताओं के बारे में जानकारी दी।मंत्री राकेश सचान ने कहा कि हथकरघा उद्योग हमारी समृद्ध परंपरा के साथ बड़ी संख्या में बुनकर परिवारों की आजीविका से भी जुड़ा है। स्थानीय उत्पादों को अपनाकर और ‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना को मजबूत करके भारतीय वस्त्र उद्योग को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाई जा सकती है। स्वदेशी उत्पादों का अधिकाधिक प्रयोग ही आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करेगा। प्रदेश सरकार स्वदेशी हथकरघा उत्पादों को प्रोत्साहन देने के लिए प्रतिबद्ध है।

महापौर प्रमिला पाण्डेय ने कहा कि विदेशी वस्त्रों के आकर्षण से बाहर निकलकर स्वदेशी वस्त्रों को प्राथमिकता देने की आवश्यकता है। हथकरघा भारत की प्राचीन और गौरवशाली धरोहर है। इसे संरक्षित रखने के लिए बुनकरों के उत्पादों को बाजार और समाज दोनों का सहयोग मिलना चाहिए। कानपुर में हैंडलूम उत्पादों की समृद्ध परंपरा रही है।

इस अवसर पर संयुक्त आयुक्त, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग पीसी ठाकुर, उप आयुक्त मनोज कान्त गर्ग, सुरेश गुप्ता अध्यक्ष खादी ग्रामोद्योग महासंघ उत्तर प्रदेश सहित विभागीय अधिकारी, बुनकर, वस्त्र डिजाइनर और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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