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सीएसजेएमयू में ‘आईसीएसएमपी-2026’ का भव्य समापन

न्याय धारा/ कानपुर नगर। शनिवार 08 अगस्त 2026 (सूत्र/संवाददाता) सूर्य उत्तरायण, श्रावण मास कृष्ण पक्ष की दसमी, वर्षा ऋतु २०८३ रौद्र नाम संवत्सर। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर के स्कूल ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट द्वारा आयोजित द्वितीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन “सस्टेनेबल मैनेजमेंट प्रैक्टिसेस (ICSMP-2026)” का समापन सत्र सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। सम्मेलन के अंतर्गत आयोजित मुख्य व्याख्यान, तकनीकी सत्रों तथा वैश्विक अकादमिक संवाद ने इसे एक प्रभावशाली अंतरराष्ट्रीय मंच के रूप में स्थापित किया।

द्वितीय दिवस 8 अगस्त को आयोजित चार ऑनलाइन सत्रों में 80 से अधिक शोधपत्रों का सफलतापूर्वक प्रस्तुतीकरण किया गया, जिसमें देश-विदेश के शोधार्थियों ने सक्रिय सहभागिता की। 

इन सत्रों में अंतरराष्ट्रीय अतिथि वक्ताओं के रूप में डॉ. दया राज ढकाल (पोखरा विश्वविद्यालय, नेपाल), डॉ. के.एच. लाल गुणसेकारा (सबरागामुवा विश्वविद्यालय, श्रीलंका), डॉ. पुतु चंद्रावती (यूनिवर्सिटास महासरस्वती देनपसार, इंडोनेशिया) तथा डॉ. स्मागुलोवा (अस्ताना इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी, कजाखस्तान) ने भी अपने विचार प्रस्तुत कर सम्मेलन को वैश्विक दृष्टिकोण प्रदान किया।

सफल संचालन में प्रो. अजय प्रकाश (लुम्बा), डॉ. सुमित मिश्रा (बेनेट यूनिवर्सिटी, नोएडा), डॉ. रुचिका (पीएसआईटी), डॉ. नीरज शुक्ला (मोइनुद्दीन चिश्ती विश्वविद्यालय), डॉ. विजय लक्ष्मी शर्मा (कुमाऊँ विश्वविद्यालय, नैनीताल), डॉ. अखिलेश दीक्षित (सिद्धार्थ विश्वविद्यालय), डॉ. पुष्पा पोखरियाल (एसएसजे विश्वविद्यालय, अल्मोड़ा), डॉ. चारु बिसारिया (एमिटी विश्वविद्यालय), डॉ. सी.के. तिवारी तथा डॉ. भावना राघव (एसडीएसयू, गढ़वाल) ने सत्र अध्यक्ष एवं सह-अध्यक्ष के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

समापन सत्र में प्रशांत शुक्ला, अध्यक्ष – आईआईसी, आयरलैंड मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने अपने उद्बोधन में सतत प्रबंधन के अंतर्गत ग्रीन एनर्जी, ग्रीन एचआरएम एवं पर्यावरण अनुकूल प्रबंधन पद्धतियों पर विशेष बल देते हुए कहा कि “वर्तमान समय में सतत विकास केवल एक अवधारणा नहीं, बल्कि प्रत्येक संस्था की अनिवार्य जिम्मेदारी है।” उन्होंने आगे कहा कि “शोध को व्यवहारिक स्तर पर लागू करना ही वास्तविक सफलता का मापदंड है।”

इस अवसर पर निदेशक एवं आयोजन अध्यक्ष प्रो. सुधांशु पांडिया ने कहा कि “सतत प्रबंधन के सिद्धांतों को व्यवहार में लागू करना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है और ऐसे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

अंत में सम्मेलन के संयोजक डॉ. प्रभात कुमार द्विवेदी द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया, जिसमें उन्होंने सभी मुख्य वक्ताओं, अतिथि वक्ताओं एवं शिक्षाविदों का उनके संस्थान एवं देश सहित उल्लेख करते हुए हृदय से आभार व्यक्त किया — विशेष रूप से प्रो. संतोष रांगणेकर, प्रो. राज अग्निहोत्री (अमेरिका), डॉ. स्मागुलोवा (कजाखस्तान), डॉ. दया राज ढकाल (नेपाल), डॉ. के.एच. लाल गुणसेकारा (श्रीलंका), डॉ. पुतु चंद्रावती (इंडोनेशिया) सहित सभी अंतरराष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय विद्वानों के योगदान को सराहा।

उन्होंने विश्वविद्यालय के कुलपति महोदय के दूरदर्शी नेतृत्व एवं मार्गदर्शन के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की तथा आयोजन अध्यक्ष प्रो. सुधांशु पांडिया के नेतृत्व की सराहना की। साथ ही उन्होंने एसबीएम के संकाय सदस्यों जैसे प्रोफेसर अंशु यादव, प्रोफेसर नीरज सिंह, डॉ सुदेश श्रीवास्तव, इत्यादि, शोधार्थियों, आयोजन समिति के सदस्यों डॉ. संजीव कुमार सिंह, डॉ. मयंक जिंदल तथा छात्र समन्वयक अर्पण साहा के समर्पित प्रयासों की प्रशंसा करते हुए सभी स्वयंसेवकों के योगदान को भी इस सफलता का आधार बताया। इसके पश्चात समापन सत्र का संचालन श्रीमती नेहा श्रीवास्तव द्वारा अत्यंत कुशल, व्यवस्थित एवं प्रभावशाली ढंग से किया गया, जिससे संपूर्ण कार्यक्रम आकर्षक एवं सुव्यवस्थित बना रहा।

इसी के साथ ‘द्वितीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन सस्टेनेबल मैनेजमेंट प्रैक्टिसेस (ICSMP-2026)’ का सफलतापूर्वक समापन हुआ और यह एक प्रभावशाली, सफल एवं स्मरणीय अंतरराष्ट्रीय अकादमिक आयोजन के रूप में स्थापित हुआ।

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