न्याय धारा/ कानपुर नगर। शुक्रवार 03 जुलाई 2026 (सूत्र संवाददाता) सूर्य उत्तरायण, बैशाख मास कृष्ण पक्ष की तृतीया, वर्षा ऋतु २०८३ रौद्र नाम संवत्सर। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर के 41वें दीक्षांत समारोह के उपलक्ष्य में स्कूल ऑफ आर्ट्स, ह्यूमैनिटीज़ एंड सोशल साइंसेज़ द्वारा दिनांक 03 जुलाई, 2026 को "परंपरा और प्रगति : आधुनिक युग में नारी" विषय पर महिला सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता तथा भारतीय परंपरा एवं आधुनिकता के समन्वय पर सार्थक विमर्श करना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। तत्पश्चात मुख्य अतिथि श्रीमती रेखा पचौरी, विशिष्ट अतिथि डॉ. बनदेव कुमारी सिंह (बिंदु सिंह) एवं डॉ. अनीता निगम का तुलसी पादप एवं अंगवस्त्र भेंट कर स्वागत एवं अभिनंदन किया गया।
स्कूल ऑफ आर्ट्स, ह्यूमैनिटीज़ एंड सोशल साइंसेज़ के निदेशक डॉ. अमित कुमार मिश्रा ने स्वागत उद्बोधन में "यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः" श्लोक का उल्लेख करते हुए नारी को समाज की आधारशिला बताया तथा कहा कि महिलाएँ आज प्रत्येक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दे रही हैं। इसके उपरांत आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC) के निदेशक प्रो. संदीप कुमार सिंह ने मातृत्व, संस्कार, आत्मविश्वास, अभिव्यक्ति एवं महिला सशक्तिकरण पर अपने विचार व्यक्त करते हुए महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने तथा समाज से समान अवसर प्रदान करने का आह्वान किया।
मुख्य अतिथि श्रीमती रेखा पचौरी ने अपने उद्बोधन में वित्तीय साक्षरता के महत्व पर बल देते हुए कहा कि परंपरा और प्रगति एक-दूसरे की पूरक हैं तथा अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहते हुए आधुनिक सोच को अपनाना ही समाज के समग्र विकास का आधार है। डॉ. बनदेव कुमारी सिंह (बिंदु सिंह) ने अपने जीवन के संघर्षों एवं अनुभवों को साझा करते हुए महिलाओं को आत्मविश्वास, धैर्य एवं निरंतर प्रयास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। डॉ. अनीता निगम ने महिलाओं के विकास के लिए बड़ी सोच, आत्मनिर्भरता तथा जड़ों से जुड़े रहने पर बल दिया तथा महिला शिक्षा एवं समान अवसरों की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। स्कूल की सह निदेशक डॉ. पूजा सिंह ने वित्तीय साक्षरता एवं आर्थिक आत्मनिर्भरता के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए। अंत में डॉ. उर्वशी ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर राष्ट्रीय छात्र पर्यावरण प्रतियोगिता (NSPC-2026) "Sowing to Growing" के पोस्टर का विमोचन भी किया गया। साथ ही महिला उद्यमिता को प्रोत्साहित करने हेतु डॉ. बिंदु सिंह, डॉ. ज्योति चौहान, श्रीमती अर्चना श्रीवास्तव, श्रीमती पूजा चौहान, श्रीमती अर्चना मिश्रा एवं श्रीमती पूजा तिवारी द्वारा विभिन्न उत्पादों के स्टॉल लगाए गए, जिन्होंने सभी का विशेष आकर्षण प्राप्त किया। कार्यक्रम के सांस्कृतिक सत्र में मनोविज्ञान विभाग की सुष्मिता द्वारा प्रस्तुत मनमोहक नृत्य ने सभी का मन मोह लिया।
सम्पूर्ण कार्यक्रम का प्रभावी संचालन डॉ. अनमोल शेखर श्रीवास्तव एवं सुश्री अंजलि सचान द्वारा किया गया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में डॉ. अनीता अवस्थी, डॉ. प्रियंका शुक्ला, डॉ. उर्वशी, डॉ. अनुराधा शर्मा, सुश्री बुशरा बरकाती, सुश्री शैलजा यादव, सुश्री आकृति पाल, सुश्री कोमल अवस्थी, सुश्री अंजिता सिंह, एवं सुश्री प्रतिमा तिवारी का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम में डॉ. प्रशान्त, डॉ. अभिषेक कुमार मिश्रा, डॉ. सत्य प्रकाश वर्मा, डॉ. अजय प्रताप सिंह सहित समस्त शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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