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कारगिल के रणबांकुरों का पराक्रम भारत के स्वाभिमान का अमिट अध्याय - शिवराम सिंह

न्याय धारा/ कानपुर नगर। शनिवार 26 जुलाई 2026 (सूत्र/सूवि /पीआईबी /संवाददाता) सूर्य उत्तरायण, बैशाख मास शुक्ल पक्ष की द्वादशी, वर्षा ऋतु २०८३ रौद्र नाम संवत्सर। भारतीय सेना के अद्वितीय शौर्य, अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान के प्रतीक कारगिल विजय दिवस के अवसर पर श्याम नगर स्थित दुर्गा पैलेस में उत्तर प्रदेश पूर्व सैनिक संयुक्त संस्था, कानपुर द्वारा भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया

समारोह में भारतीय जनता पार्टी कानपुर दक्षिण के जिला अध्यक्ष शिवराम सिंह जी ने कारगिल युद्ध के वीर योद्धाओं एवं पूर्व सैनिकों को सम्मानित कर उनके प्रति राष्ट्र की कृतज्ञता व्यक्त की।

इस अवसर पर जिला अध्यक्ष शिवराम सिंह जी ने कहा कि कारगिल विजय दिवस केवल एक दिवस नहीं, बल्कि भारत की अस्मिता, स्वाभिमान और वीर सैनिकों के अदम्य पराक्रम का अमर पर्व है। कारगिल की दुर्गम एवं प्रतिकूल परिस्थितियों में भारतीय सेना ने अद्वितीय शौर्य का परिचय देते हुए विश्व को यह संदेश दिया कि भारत अपनी एक-एक इंच भूमि की रक्षा के लिए हर बलिदान देने में सक्षम है। हमारे वीर सैनिकों का साहस, समर्पण और सर्वोच्च बलिदान प्रत्येक भारतीय के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत रहेगा।

उन्होंने कहा कि आज का दिन उन अमर शहीदों के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता प्रकट करने का अवसर है, जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया। राष्ट्र सदैव उनके ऋण से ऋणी रहेगा। हम सभी का दायित्व है कि उनके आदर्शों को अपने जीवन में उतारते हुए राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखें तथा देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा के लिए सदैव प्रतिबद्ध रहें। कार्यक्रम में पूर्व डीजीपी सुलखान सिंह जी, पूर्व डीआईजी तहसीलदार सिंह जी, रतन कुमार श्रीवास्तव जी,  गणेश तिवारी जी, अजय सिंह जी, केपी सिंह चौहान जी, मानसिंह चौहान जी, जसविंदर सिंह जी, एल.बी. सिंह पटेल जी, गौरव चतुर्वेदी जी,  आशीष साहू जी सहित बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक, वीर सैनिकों के परिजन एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

समारोह के दौरान कारगिल के अमर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई तथा उपस्थित सभी लोगों ने राष्ट्र की एकता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा के लिए सदैव समर्पित रहने का संकल्प लिया। पूरे कार्यक्रम का वातावरण राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत रहा और "भारत माता की जय" तथा "वंदे मातरम्" के जयघोष से सभागार गूंज उठा।

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