न्याय धारा/ कानपुर नगर। शनिवार 11 जुलाई 2026 (सूत्र/संवाददाता) सूर्य उत्तरायण, बैशाख मास कृष्ण पक्ष की एकादशी तदुपरि द्वादशी, वर्षा ऋतु २०८३ रौद्र नाम संवत्सर। ११ जुलाई को जंतर मंतर नई दिल्ली में लद्दाख को अनुसूची छह में शामिल करने, पर्यावरण एवं शिक्षा में सुधारों के लिये सनातन वैदिक रामराज परिषद् के सदस्यों द्वारा सोनम वागंचुक के साथ २४ घंटों का अनशन कर के समर्थन किया गया।
संस्था के अध्यक्ष अजय कुमार मिश्र ने जब बताया कि वह लोग कानपुर से सोनम वांगचुक और काक्रोच जनता पार्टी की न्यायपूर्ण मांगो का समर्थन करने के लिए दिल्ली आये है। यह जानकर काक्रोच जनता पार्टी ने सनातन वैदिक रामराज परिषद् के सदस्यों की भावना की सराहना करते हुए अपने मंच पर स्थान दिया और संबोधन देने के लिए कहा ।
सनातन वैदिक रामराज परिषद् के अध्यक्ष अजय कुमार मिश्र ने कहा कि सोनम वांगचुक भारत के जाने माने शिक्षाविद् वैज्ञानिक एवं पर्यावरणविद् है इनकी यह मांग है कि लद्दाख को अनुसूची छह में शामिल किया जाये और उसके अनुसार ही उसका संरक्षण एवं विकास किया जाये। लद्दाख के पर्यावरणीय प्रभाव को देखते हुए ही यहां अनियंत्रित विकास न होने पाएं इसका विशेष ध्यान रखना चाहिए। इसमें सिर्फ लद्दाख का ही नहीं अपितु पूरे भारत का हित है। पर्यावरण की दृष्टि से एवं भौगोलिक दृष्टि से उनकी मांग उचित हैं और भारतीय जनता पार्टी ने वहाँ चुनावों से पूर्व इसका वायदा किया था अतः उसे अपना वायदा पूरा करना चाहिये।
इसी प्रकार से काकरोच जनता पार्टी एवं सोनम वांगचुक जी की शिक्षा में सुधार संबंधी चिंताये पूरे राष्ट्र की चिंताये है। नीट और अन्य प्रतियोगी परिक्षाओं का लगातार लीक होना और सरकारी शिक्षा का स्तर दिन पर दिन गिरते जाना संपूर्ण राष्ट्र की चिन्ता का विषय है। होनहार छात्र आत्महत्यायें कर रहें। सरकारी स्कूलों की स्थिति दिन पर दिन खराब हो रही है और सरकारी स्कूल बन्द हो रहें हैं यह किसी भी दृष्टिकोण से उचित नहीं है। एक मात्र शिक्षा के क्षेत्र में सुधार से ही भारत को पुनः स्वर्णिम भारत और विश्वगुरू भारत बनाया जा सकता है। इसके लिये सबसे पहले शिक्षा के क्षेत्र मे अयोग्य लोगों को हटाकर योग्य लोगों को लाया जाना ही एक मात्र विकल्प है। यही मांग देश की जनता कर रही है और एक लोकप्रिय सरकार को इसे मानने से उसकी लोकप्रियता और बढ़ेगी तथा देश की युवा शक्ति का भरोसा उस पर बढ़ेगा।
हमारे युवा ही हमारे देश के भविष्य है। कोई तो इनके दुःख को समझे ये काकरोच नही हैं देश का भविष्य हैं यह इन्हें समझाएं और इन्हे कॉकरोच कह कर अपमानित करने वाले सार्वजनिक रूप से माफी मांगे और शिक्षा में सुधार का सार्थक प्रयास करें।
यहाँ के लोग सरकार के दुश्मन नही है आप संवाद तो स्थापित करके देखिये ये अपने राष्ट्र को नई ऊॅचाईयाँ देने में आपके सबसे बडे़ मदद्गार साबित होंगे। सनातन वैदिक रामराज परिषद् के लोगों ने सोनम वागंचुक के साथ 24 घंण्टे का उपवास किया, एकादशी व्रत रहकर पूजा की और ईश्वर से प्रार्थना की कि सरकार को सद्बुद्धि दें कि वह जनता की जायज मांगों को मान ले और सोनम वागंचुक जैसे लोगों को शक्ति प्रदान करें कि वह न्याय के लिये लड़ने वाले योद्धा बनें।
आदरणीय सोनम वांगचुक ने कहा कि कहाँ गया? कहाँ गया? वह भारत, जहाँ के लोग भगवान राम के बताये रास्ते - प्राण जाये पर वचन न जाये का पालन करते थे।
रघुकुल रीति सदा चलि आई।
प्राण जाई पर वचन न जाई।।
यहाँ वचन उनके जाते है और प्राण हमारे जाते है।
भीड़ की चिन्ता न करें आवाज उठाने वाले इतने ही होते हैं, पूरा देश उनके पीछे होता है। पूरे देश की शक्ति उनके पीछे होती है। आप वो लोग हैं जिनके पीछे पूरे राष्ट्र की शक्ति हैं। अंग्रेजो का शासन काल याद कीजिये उनके खिलाफ भी आवाज उठाने वाले लोग गिनती के ही थे, कुछ को फाँसी हुयी, कुछ को काला पानी दिया गया, परंतु उनको जाना ही पड़ा।
यदि हम भी संघर्ष करते रहे तो निश्चित जानिये कि हम शिक्षा में सुधार का लक्ष्य प्राप्त कर लेंगे। जैसा कि समाचारों से हमें पता चला है कि नीट की परीक्षा का पेपर लीक होने से हमारे 22 बच्चों ने आत्महत्या कर ली और विभिन्न अन्य परीक्षाओं में भ्रष्टाचार के चलते अनेक होनहार बच्चों ने असमय अपना जीवन समाप्त किया है। हम इसलिये यहाँ एकत्रित हैं कि जो इन बच्चों के साथ हुआ ‘वह अब’ आगे न हो।
हम न्यायपूर्ण मांग कर रहे हैं कि इस सबकी जिम्मेदारी कोई ले और यह स्वीकार करे कि हमसे गलती हुई है और मै इस्तीफा देता हूँ मेरी जगह कोई सक्षम व्यक्ति शिक्षा मंत्री बने, जो भारत के बच्चों का भविष्य उज्जवल बना सके।
अजय कुमार मिश्र ने कहा कि भारत में आज भी योग्य लोगो की कमी नहीं है। सोनम वांगचुक जैसे व्यक्ति हमारी भारत माँ के महान पुत्र हैं यह ऐसे व्यक्ति हैं जिन्होंने कमजोर विद्यार्थियों को होनहार विद्यार्थी में तब्दील कैसे किया जाये यह लद्दाख में बहुत ही सीमित साधनों से अपने दम पर करके दिखाया है। इनके जैसे व्यक्तियों को शिक्षा मंत्री बनाया जाना चाहिये जो देश के लिये, देश के बच्चों के लिये कुछ कर दिखाने का जज्बा रखते है, योग्यता रखते है। यह एक नया प्रयोग हो सकता है भारत की राजनीति में देश के उज्जवल भविष्य के लिये देश में उपलब्ध योग्य व्यक्ति को शिक्षा मंत्री या अन्य व्यक्ति को मंत्री बनाया जाये भले ही वह सत्तारूढ़ दल के सदस्य हो या ना हो। इस तरह से आप भारत को स्वार्णिम भारत बना सकते है।
सरकार को यह समझना चाहिये कि हम जो यहाँ कर रहे है वह सरकार के भी हित में है और हमारे नौजवानों के भी हित में है। एक लोकप्रिय और न्याय प्रिय सरकार को अपने देश के लोगों प्रति संवेदनशील होना ही चाहिये। हम सनातन वैदिक रामराज परिषद् के सदस्य आदरणीय सोनम वांगचुक के साहस की सराहना करते हैं।
आज बहुत ही महत्वपूर्ण एकादशी का दिन है। आज हम लोग भारत मे रामराज जैसी लोकप्रिय शासन प्रणाली की स्थापना, लद्दाख को अनुसूची छह में शामिल करने, पर्यावरण की जायज मांगो, तथा शिक्षा के क्षेत्र में जायज मांगों के समर्थन में सोनम वांगचुक के साथ में 24 घण्टे का उपवास रखेगें। हम और हमारे मित्रगण आज सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक 24 घंटे तक एकादशी माता का उपवास करेंगे । इस संकल्प को पूरा करने हेतु एकादशी व्रत का अनुष्ठान करेंगे, तथा माता से प्रार्थना करेंगे।एकादशी माता की कथा करेंगे और उससे मिला हुआ पुण्य सोनम वांगचुक को समर्पित करेगें। जिससे उनका संकल्प पूरा हो और लद्दाख ही नही समस्त भारत राष्ट्र का भविष्य उज्जवल हो। पर्यावरण में सुधार हो, शिक्षा का सुधार हो।
सनातन वैदिक रामराज परिषद् के उपाध्यक्ष विनीत मिश्रा ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा के बिगड़ते सिस्टम को सुधारने का प्रयास किया जाना चाहिए। बच्चों के भविष्य से सरकार जो खिलवाड़ कर रही हैं वह बहुत ही निंदनीय है। प्रत्येक व्यक्ति को सोनम जी के आंदोलन को सफल बनाने का प्रयास करना चाहिए । अभिभावकों की भी जिम्मेदारी है कि अपने स्तर से सरकार की गलत नीतियों का विरोध करें ।आज जिन बच्चों की पढ़ाई पर लाखों खर्च कर रहे हैं अगर इसी प्रकार से पेपर्स लीक होते रहे तो इन बच्चों की मेहनत और उम्मीदों पर पानी फिर जाएगा इसलिए प्रत्येक अभिवावकों से आग्रह है कि गलत नीतियों का विरोध करें। सनातन वैदिक रामराज परिषद् के सदस्य राजेश राय ने कहा कि किसी भी आन्दोलन की स्थायी सफलता के लिए हमें गांधी जी के दो विचारों को ध्यान रखना चाहिए कि हमारे साधन एवं साध्य दोनों पवित्र हो।भारत की संसदीय प्रणाली के अंतर्गत जनता प्रतिनिधि का चुनाव करती है और प्रतिनिधि सरकार बनाते हैं। अतः हमें सरकार के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए अपने प्रतिनिधियों पर दबाव डालने का काम करना चाहिए। यही सही संवैधानिक अधिकार जनता को प्राप्त है।
महेश्वर पांडेय ने कहा कि यह प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि सरकार को शिक्षा के प्रति जिम्मेदार बनने के लिए मजबूर किया जाए। सनातन वैदिक रामराज परिषद् के उपाध्यक्ष विनीत मिश्र, राजेश राय, महेश्वर पाण्डेय आदि ने सोनम वागंचुक एवं भारत की जनता के साथ उपवास किया।

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