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लखनऊ में 18 ड्रग इन्सपेक्टरों की संयुक्त कार्यवाही 12 फर्मों का संचालन तत्काल रोका गया

न्याय धारा/ लखनऊ। बुधवार 08 जुलाई 2026 (सूत्र/सूवि /पीआईबी /संवाददाता) सूर्य उत्तरायण, बैशाख मास कृष्ण पक्ष की अष्टमी, वर्षा ऋतु २०८३ रौद्र नाम संवत्सर। उत्तर प्रदेश राज्य में काउंटरफीट और स्पूरियस दवाओं के पूरे नेटवर्क व सप्लाई चेन को जड़ से उखाड़ने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा चलाए जा रहे व्यापक अभियान के क्रम में लखनऊ में 06 जुलाई 2026 की रात को मेट्रो स्टेशन आलमबाग के पास आलमबाग बस स्टेशन विभाग द्वारा एक गत्ते के कार्टन में भारी मात्रा में संदिग्ध नकली एलोपैथिक औषधियाँ बरामद की गई।

कार्टन में निर्माता फर्म की बहुचर्चित ब्रैन्ड की 4800 टैबलेट और निर्माता फर्म की 2940 टैबलेट सीज की गई जिसका मूल्य लगभग 1.6 लाख रु0 है।

कार्टन एवं स्ट्रिप्स पर कई प्रिंटिंग त्रुटियों पर पैकिंग एवं स्ट्रिप्स का मूल उत्पाद से तुलनात्मक परीक्षण करने पर कई गंभीर त्रुटियाँ पाई गईं, जिससे यह स्पष्ट रूप से नकली/स्पूरियस होने की पुष्टि हुई। वाराणसी निवासी विमल कुमार सिंह पुत्र रमेश कुमार सिंह को मौके पर गिरफ्तार किया गया, जिसने स्वीकार किया कि ये औषधियाँ वाराणसी के मेसर्स न्यू सर्जिकल, चौधरी कटरा संदीप श्रीवास्तव पुत्र मुन्ना लाल श्रीवास्तव से बिना बिल-लाइसेंस के खरीदकर लखनऊ भेजी थीं। प्रकरण में आलमबाग थाना में 2023 की धारा 318(4), 319(2), 276, 277, 278 के तहत नंबर 0086/2026 दर्ज कराई गई।प्राप्त सूचना के आधार पर ही त्वरित कार्यवाही करते हुए जनपद वाराणसी में भी 6 जुलाई 2026 को मडुवाडीह थाना क्षेत्र के चौधरी कटरा स्थित मेसर्स न्यू सर्जिकल जिसके स्वामी संदीप श्रीवास्तव पुत्र मुन्ना लाल श्रीवास्तव है, पर विभाग द्वारा पुलिस दल के साथ छापेमारी की गई। छापेमारी के दौरान बिना वैध औषधि अनुज्ञप्ति के भारी मात्रा में एलोपैथिक औषधियाँ अवैध रूप से भंडारित पाई गईं। दुकान मालिक संदीप श्रीवास्तव को मौके पर गिरफ्तार किया गया। उन्होंने औषधियाँ संजय सिंह चौहान जो प्रयागराज निवासी है एवं गौरव शर्मा जो वाराणसी के है, से खरीदने की बात कबूल की। मौके पर संदिग्ध 12 औषधियों के नमूने नियमानुसार लिए गए तथा शेष माल सील कर जब्त किया गया, जिसका मूल्य रु0 लगभग 25 लाख है। प्रकरण में मडुवाडीह थाना में ठछै 2023 की धारा 277, 278 एवं 318(4) के अंतर्गत एफआईआर दर्ज कराई गई। पूरा प्रकरण ब्रांडेड कंपनियों की डुप्लीकेट/नकली दवाओं के अंतर-जनपदीय रैकेट से जुड़ा होने की आशंका है जिसकी जांच जारी है ।

 दोनों प्रकरणों में दोषी व्यक्तियों/फ़र्मों के विरुद्ध औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 की सुसंगत धाराओं के अंतर्गत सक्षम न्यायालय में नियमानुसार दाखिल किए जाएंगे।

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