Customised Ads
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में संपूर्ण समाधान दिवस का हुआ आयोजन

न्याय धारा/ कानपुर नगर। शनिवार 20 जून 2026 (सूत्र/सूवि /पीआईबी /संवाददाता) सूर्य उत्तरायण, शुद्ध जेष्ठ मास शुक्ल पक्ष की षष्ठी, ग्रीष्म ऋतु २०८३ रौद्र नाम संवत्सर। जिलाधिकारी  जितेन्द्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में शनिवार को तहसील नरवल में सम्पूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 318 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से 09 प्रकरणों का मौके पर निस्तारण किया गया। शेष प्रकरणों को संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई हेतु प्रेषित किया गया।

सम्पूर्ण समाधान दिवस में प्राप्त शिकायतों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक प्रार्थना पत्र का गुणवत्तापूर्ण एवं संतोषजनक निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी प्रकरणों का निस्तारण शासनादेश में निर्धारित सात दिवस की समयावधि के भीतर किया जाए तथा किसी भी स्तर पर अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रत्येक प्रकरण की नियमित निगरानी संबंधित उप जिलाधिकारी द्वारा की जाएगी तथा निस्तारण की गुणवत्ता की भी समीक्षा होगी।

जिलाधिकारी ने कहा कि शिकायतकर्ता को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, यह सुनिश्चित करना अधिकारियों की जिम्मेदारी है। भूमि विवाद, कब्जा, नामांतरण, वरासत, पारिवारिक विवाद तथा जनहित से जुड़े अन्य मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए। उन्होंने राजस्व एवं पुलिस विभाग से संबंधित प्रकरणों में संयुक्त रूप से मौके पर जाकर जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

सम्पूर्ण समाधान दिवस के दौरान कुछ प्रकरणों का मौके पर ही निस्तारण कराया गया। फुफुवार सुईथोक निवासी अरविन्द कुमार के खतौनी संशोधन संबंधी मामले में अभिलेखीय त्रुटि को तत्काल ठीक कराया गया। समर्थाखेड़ा निवासी श्रीप्रकाश की पारिवारिक विवाद एवं भरण-पोषण से संबंधित शिकायत पर थाना नरवल पुलिस द्वारा हस्तक्षेप कर समाधान की कार्रवाई कराई गई। वहीं भूमि कब्जे से संबंधित शिकायतों में फैजुल्लापुर उमरी निवासी रामप्रकाश तथा नरवल निवासी सरोज देवी के मामलों में राजस्व अधिकारियों द्वारा मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई की गई।

समाधान दिवस में राजस्व अभिलेखों के अमलदरामद से जुड़े कई प्रकरण भी प्राप्त हुए। पुरवामीर निवासी संतोष कुमार के बंधक अमलदरामद, कसिगवां निवासी पुष्पा देवी के वरासत आदेश तथा कुड़नी निवासी निर्मला देवी के नामांतरण आदेश से संबंधित मामलों में अभिलेख अद्यतन कर खतौनी उपलब्ध कराई गई। इसके अतिरिक्त सवाइजपुर निवासी शिवसागर कुशवाहा द्वारा वर्ष 2005 में पारित नामांतरण आदेश पर अमलदरामद कराए जाने संबंधी प्रकरण में आवश्यक अभिलेख तलब करने की कार्रवाई प्रारंभ की गई।

सम्पूर्ण समाधान दिवस के अवसर पर दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण हेतु एक विशेष शिविर का भी आयोजन किया गया। शिविर में 27 दिव्यांगजनों का चिकित्सकीय परीक्षण किया गया, जिनमें से 14 को मौके पर ही दिव्यांग प्रमाण पत्र जारी किए गए जबकि 10 को विस्तृत जांच हेतु संदर्भित किया गया। पांच दिव्यांगजनों का दिव्यांग पेंशन के लिए पंजीकरण किया गया तथा दो दिव्यांगजनों को मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल उपलब्ध कराने हेतु पंजीकृत किया गया। इसके अतिरिक्त चार दिव्यांगजनों के एनपीसीआई लिंक बैंक खाते खोले गए तथा तीन के आय प्रमाण पत्र भी बनाए गए।

जिलाधिकारी ने कहा कि सम्पूर्ण समाधान दिवस केवल शिकायत प्राप्त करने का मंच नहीं है, बल्कि जनता की समस्याओं के प्रभावी समाधान और पात्र व्यक्तियों तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने का माध्यम है। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्राप्त प्रत्येक प्रकरण का निस्तारण संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ किया जाए तथा शिकायतकर्ता को की गई कार्रवाई से अवगत भी कराया जाए।

सम्पूर्ण समाधान दिवस में मुख्य चिकित्सा अधिकारी, उप जिलाधिकारी नरवल सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

टिप्पणियाँ