न्याय धारा/ कानपुर नगर। गुरुवार 18 जून 2026 (सूत्र/संवाददाता) सूर्य उत्तरायण, शुद्ध जेष्ठ मास शुक्ल पक्ष की तृतीया, ग्रीष्म ऋतु २०८३ रौद्र नाम संवत्सर। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के राष्ट्रव्यापी अभियान के अंतर्गत आज डी०एम० कार्यालय पर सैकड़ों शिक्षक, शिक्षिकाओं ने पहुंचकर माननीय प्रधानमंत्री, माननीय केंद्रीय मंत्री एवं माननीय मुख्यमंत्री महोदय को संबोधित ज्ञापन दिया।
ज्ञापन के संदर्भ में वरिष्ठ शिक्षक नेता डॉ० शैलेंद्र द्विवेदी ने बताया कि माननीय प्रधानमंत्री एवं केंद्रीय शिक्षा मंत्री को संबोधित ज्ञापन में सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय 29 मई 2026 से प्रदेश एवं देश के लाखों शिक्षकों में गहरी चिंता, पीड़ा एवं असुरक्षा की भावना से अवगत करवाया गया है और शिक्षकों की स्पष्ट मांग है कि प्रदेश में टीईटी लागू होने की दिनांक 27 जुलाई 2011 से पहले से नियुक्त शिक्षकों को विधायी एवं नीतिगत संरक्षण के लिए संसद में नया कानून लाया जाए। डॉ० द्विवेदी का यह भी कहना है कि किसी भी पात्रता मानदंड को पूर्व से लागू करना न्यायोचित नहीं है जिस पर पुनर्विचार शीघ्र अपेक्षित है और आवश्यकता पड़ने पर उपयुक्त विशेष प्रावधान संसद में लाकर शिक्षकों को स्थायी राहत प्रदान की जाय।
जिलाध्यक्ष चंद्रदीप सिंह ने मांग रखी कि माननीय मुख्यमंत्री आदित्य नाथ जी के द्वारा केन्द्र सरकार के समक्ष उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से शिक्षकों के संकट दूर कराने के लिए प्रभावी पैरवी की जाय।
जिलाधिकारी कार्यालय पर टीईटी अनिवार्यता के विरोध में वरिष्ठ मंडल उपाध्यक्ष आदित्य द्विवेदी, डॉ० राहुल कुमार मिश्रा, अवधेश कटियार, उमेश सिंह, अम्बरीष शुक्ला, सुयष शुक्ला, रचना अवस्थी, अलका गुप्ता, डॉ० पवन मिश्रा, शैलेन्द्र कुमार, आशीष सिंह, विमल गुप्ता, जय सिंह, अरविन्द सिंह, अनुपम त्रिवेदी, अनिल राय, अलका गौर, पूनम दीक्षित, नीलम कनौजिया, विवेक कटियार, मनीष सिंह, आशुतोष निगम, राकेश पाल, रजनीश कुमार, धीरेन्द्र सिंह, त्रिभुवन मिश्रा, दीपक वर्मा, सलोनी सचान, राकेश कुमार सविता, पूर्णिमा दीक्षित, स्वतंत्र शर्मा, भानू विश्वकर्मा सहित सैकड़ों शिक्षक उपस्थित रहे।

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