Customised Ads
आईएमए ने विश्व नेत्रदान दिवस पर नेत्रदानियों के परिजनों को "नेत्र ज्योति सम्मान" से सम्मानित किया

न्याय धारा/ कानपुर नगर। बुधवार 10 जून 2026 (सूत्र/संवाददाता) सूर्य उत्तरायण, अधिक जेष्ठ मास कृष्ण पक्ष की दसमी (पुरुषोत्तम मास), ग्रीष्म ऋतु २०८३ रौद्र नाम संवत्सर। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए), कानपुर शाखा द्वारा “विश्व नेत्रदान दिवस” के अवसर पर आज कानपुर में एक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य नेत्रदान के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना तथा इस महान कार्य में योगदान देने वाले व्यक्तियों एवं उनके परिजनों का सम्मान करना था।

आईएमए कानपुर के अध्यक्ष डॉ. अनुराग मेहरोत्रा ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए बताया कि नेत्रदान मानवता की सबसे महान सेवाओं में से एक है। भारत में लगभग 10 से 12 लाख लोग कॉर्नियल अंधत्व से प्रभावित हैं तथा प्रतिवर्ष लगभग 25,000 से 30,000 नए मरीज इस श्रेणी में जुड़ जाते हैं। इसके मुकाबले नेत्रदान की संख्या अभी भी आवश्यकता से काफी कम है। उन्होंने कहा कि यदि समाज का प्रत्येक व्यक्ति नेत्रदान के प्रति जागरूक हो जाए तो हजारों लोगों को पुनः दृष्टि प्रदान की जा सकती है। डॉ. मेहरोत्रा ने कहा कि नेत्रदान मृत्यु के उपरांत भी समाज की सेवा का एक अनमोल अवसर है तथा प्रत्येक नागरिक को अपने परिवार के साथ नेत्रदान का संकल्प लेना चाहिए, जिससे अधिक से अधिक लोगों के जीवन में प्रकाश लाया जा सके।

इस अवसर पर नेत्रदानियों के परिजनों को "नेत्र ज्योति सम्मान" से सम्मानित किया गया सम्मान पाने वालों में श्रीमती पुष्पा भाटिया श्रीमती सपना चैनानी श्री हरिओम भाटिया श्रीमती निशि भाटिया श्याम सुंदर भाटिया श्रीमती तारा देवी ओम प्रकाश श्रीमती आशा तिवारी श्रीमती संध्या द्विवेदी श्रीमती ऊषा भाटिया श्रीमती कांता भाटियाआदि रहे।

कार्यक्रम में नेत्रदान करने वाले महानुभावों एवं उनके परिजनों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि नेत्रदान एक ऐसा महादान है, जिससे मृत्यु के उपरांत भी किसी व्यक्ति के जीवन में प्रकाश लाया जा सकता है। एक नेत्रदाता दो नेत्रहीन व्यक्तियों को दृष्टि प्रदान करने में सहायक बन सकता है।

आईएमए कानपुर की सचिव डॉ शालिनी मोहन ने बताया कि इस कार्यक्रम में नेत्रदान कराने वाली मुख्य सक्रिय समाजसेवी संस्थाओं जिसमें मुख्य रूप से दिव्य दृष्टि संस्थान, युग दधीचि अभियान, मानव सेवा सदन तथा कृष्ण नगर के श्री मदन लाल भाटिया जी, युग दधीचि अभियान के मनोज सेंगर, माधवी सेंगर, दिव्या दृष्टि संस्थान से श्री चंद्रभान मोहनानी, श्री सीताराम खत्री, जी मनोज भोजवानी जी को भी सम्मानित किया गया। नेत्रदान से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए बताया कि मृत्यु के उपरांत निर्धारित समय के भीतर नेत्र सुरक्षित रूप से प्राप्त किए जा सकते हैं तथा इससे मृतक के शरीर की गरिमा एवं स्वरूप पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से नेत्रदान का संकल्प लेने एवं अपने परिवारजनों को भी इसके लिए प्रेरित करने का आह्वान किया। नेत्रदान मानवता की सर्वोच्च सेवाओं में से एक है। सम्मानित परिवारों का यह योगदान समाज के लिए प्रेरणास्रोत है तथा इससे नेत्रदान के प्रति लोगों में सकारात्मक सोच विकसित होगी।

कार्यक्रम में आईएमए कानपुर के डॉ अनुराग मेहरोत्रा अध्यक्ष, डॉ शालिनी मोहन सचिव, डॉ विशाल सिंह वित्त सचिव, डॉ दीपक श्रीवास्तव वैज्ञानिक सचिव, डॉ कमल धवन वरिष्ठ चिकित्सकगण, सामाजिक कार्यकर्ता एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

टिप्पणियाँ