न्याय धारा/ कानपुर नगर। गुरुवार 11 जून 2026 (सूत्र/सूवि/पीआईबी/संवाददाता) सूर्य उत्तरायण, अधिक जेष्ठ मास कृष्ण पक्ष की एकादशी (पुरुषोत्तम मास), ग्रीष्म ऋतु २०८३ रौद्र नाम संवत्सर। संभावित बाढ़ आपदा से प्रभावी ढंग से निपटने की तैयारियों का आकलन करने एवं विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से जनपद कानपुर नगर में दो अलग-अलग स्थानों पर बाढ़ आपदा मॉक ड्रिल का सफल आयोजन किया गया। यह अभ्यास उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सहयोग से प्रदेश के बाढ़ संवेदनशील जनपदों में आयोजित कराई जा रही मॉक एक्सरसाइज के तहत संपन्न हुआ।
जिलाधिकारी एवं अध्यक्ष, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण कानपुर नगर जितेन्द्र प्रताप सिंह के निर्देश पर इन्सिडेंट रिस्पॉन्स सिस्टम (आईआरएस) को सक्रिय करते हुए सभी संबंधित विभागों को अपने संसाधनों एवं कार्मिकों सहित 24 घंटे अलर्ट मोड में रहने तथा किसी भी आपदा की सूचना प्राप्त होने पर तत्काल प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इसी क्रम में तहसील बिल्हौर एवं घाटमपुर में बाढ़ राहत एवं बचाव कार्यों का पूर्वाभ्यास कराया गया।
मॉक ड्रिल की शुरुआत राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर से प्राप्त अलर्ट संदेश के साथ हुई, जिसमें अतिवृष्टि तथा गंगा एवं यमुना नदियों के जलस्तर में वृद्धि के कारण तहसील बिल्हौर एवं घाटमपुर के कुछ क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होने की सूचना दी गई।
अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) एवं नोडल अधिकारी विवेक चतुर्वेदी ने जिला इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर से संपूर्ण अभियान का संचालन किया। उनके निर्देशन में प्रथम घटना स्थल ग्राम नानामऊ (तहसील बिल्हौर) में बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों के सुरक्षित निकासी एवं राहत शिविर संचालन तथा द्वितीय घटना स्थल ग्राम गडाथा (तहसील घाटमपुर) स्थित बाढ़ राहत शिविर के कम्युनिटी किचन में आग लगने की काल्पनिक घटना पर राहत एवं बचाव कार्यों का सफल पूर्वाभ्यास किया गया।
ग्राम नानामऊ में बाढ़ प्रभावितों को सुरक्षित पहुंचाया गया राहत शिविर
उप जिलाधिकारी बिल्हौर मनीष कुमार के नेतृत्व में गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने की चेतावनी मिलने पर ग्राम नानामऊ के निवासियों को राजस्व विभाग, पुलिस, होमगार्ड, पंचायतीराज विभाग एवं एसडीआरएफ की सहायता से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। प्रभावित ग्रामीणों को बाबा रघुनन्दन दास इंटर कॉलेज, बिल्हौर में स्थापित राहत शिविर में ठहराया गया, जहां उन्हें भोजन, पेयजल, चिकित्सा सुविधा, एम्बुलेंस सेवा तथा पशुओं के उपचार सहित सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं।
गडाथा राहत शिविर में अग्निकांड पर त्वरित कार्रवाई का प्रदर्शन
उप जिलाधिकारी घाटमपुर अबिचल प्रताप सिंह के नेतृत्व में ग्राम गडाथा स्थित नत्थूराम इंटर कॉलेज में संचालित बाढ़ राहत शिविर के कम्युनिटी किचन में आग लगने की काल्पनिक घटना पर मॉक ड्रिल आयोजित की गई। सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग, होमगार्ड, आपदा मित्र, राजस्व विभाग तथा स्थानीय ग्रामीणों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आग पर नियंत्रण पाया और सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।
अभ्यास के दौरान एक वृद्ध व्यक्ति के घायल होने की स्थिति भी प्रदर्शित की गई, जिसे चिकित्सकीय टीम द्वारा प्राथमिक उपचार प्रदान करने के बाद एम्बुलेंस से अस्पताल भेजा गया। साथ ही ग्रामीणों को आपदा के समय अपनाई जाने वाली सावधानियों एवं बचाव उपायों के प्रति जागरूक किया गया।
मॉक ड्रिल में पुलिस, अग्निशमन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, राजस्व विभाग, एसडीआरएफ, होमगार्ड, पंचायतीराज विभाग, आपदा मित्रों एवं स्थानीय ग्रामीणों की सक्रिय सहभागिता रही। इस दौरान राहत, बचाव एवं पुनर्वास कार्यों की तैयारियों का सफल परीक्षण किया गया तथा आपदा की स्थिति में त्वरित एवं समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित करने की क्षमता का प्रदर्शन किया गया।

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