न्याय धारा/ फतेहपुर। सोमवार 01जून 2026 (सूत्र/संवाददाता) सूर्य उत्तरायण, अधिक जेष्ठ मास कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा (पुरुषोत्तम मास), ग्रीष्म ऋतु २०८३ रौद्र नाम संवत्सर। शिक्षा व्यक्ति के सर्वागींण विकास का आधार स्तम्भ है। आज के बच्चे कल परिवार, समाज के नागरिक होंगे। जिन्हे आज शिक्षित करके सुयोग्य, स्वस्थ, और चरित्रवान नागरिक बनाया जा सकता है। इससे 2047 तक विकसित भारत की संकल्पना को साकार किया जा सकता है।
इस उद्देश्य को पूर्ण करने के लिए जिलाधिकारी द्वारा उत्कृष्ट शिक्षक पुरस्कार सहित अन्य दर्जनों पुरस्कार प्राप्त डॉ सुनील कुमार तिवारी जिन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार एवं सी बी एस सी बोर्ड के कक्षाओं के लिए पुस्तकें लिखी है गावों मे जाकर प्रत्येक अभिभावकों के घर की कुंडी खटखटाकर उन्हें शिक्षा के प्रति जागरूक कर रहे है।
परिषदीय विद्यालयों मे एक अप्रैल से नवीन शैक्षिक सत्र 2026-27 प्रारम्भ हो गया है। जिसमे हाउसहोल्ड सर्वे, स्कूल चलो अभियान के अंतर्गत कम्पोजिट विद्यालय गंगचौली बुजुर्ग के प्रधानाध्यापक डॉ सुनील कुमार तिवारी ने सेवित ग्राम पंचायत गंगचौली बुजुर्ग, खुर्द, हरचद्रखेड़ा, ओरियाखेड़ा आदि मे घर - घर जाकर बच्चो के माताओं, भाई, बहिन, अभिभावकों को शिक्षा का महत्त्व को समझाया और उन्हें बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार निःशुल्क एवं अनिवार्य बालशिक्षा प्राप्त करने के लिए बच्चो को अनेको सुविधाएं प्रदान कर रही है। इसलिए सभी बच्चो का शतप्रतिशत नामांकन कराकर नियमित विद्यालय भेजना आवश्यक है। कोई भी बच्चा ड्रापआउट न रहे इसके लिए उच्च कक्षा मे प्रवेश कराना भी आवश्यक है।
उक्त उद्देश्यों के पूर्ति के लिए खण्ड शिक्षा अधिकारी देवमई प्रवीन शुक्ल के मार्गदर्शन मे डॉ सुनील कुमार तिवारी प्रधानाध्यापक बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित कार्यक्रमों और योजनाओं को गतिविधियों के माध्य से डोर टू डोर सम्पर्क, फोन काल्स, व्हाट्सप्प ग्रुप, कॉलिंग रजिस्टर का प्रयोग, सोशल मीडिया, सामुदायिक सहभागिता, एम टी ए, पी टी ए मीटिंग, विद्यालय प्रबंध समिति का सहयोग एवं अन्य माध्यम से प्रचार प्रसार करके लगातार अभिभावकों और समुदाय के लोगो को जागरूक कर रहे हैं।
जिससे विद्यालय के नामांकन मे प्रगति हो रही है। खण्ड शिक्षा अधिकारी महोदय प्रवीन शुक्ल ने प्रधानाध्यापक डॉ सुनील कुमार तिवारी के प्रयास की सराहना किया है।

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