न्याय धारा/ कानपुर नगर। सोमवार 08 जून 2026 (सूत्र/संवाददाता) सूर्य उत्तरायण, अधिक जेष्ठ मास कृष्ण पक्ष की अष्टमी (पुरुषोत्तम मास), ग्रीष्म ऋतु २०८३ रौद्र नाम संवत्सर। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 के अवसर पर इस वर्ष की वैश्विक थीम “Yoga for Healthy Aging” को केंद्र में रखते हुए छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) में 9 जून से 21 जून 2026 तक भव्य योग पखवाड़ा आयोजित किया जाएगा।
योग पखवाड़े का उद्घाटन 9 जून, मंगलवार को प्रातः 10 बजे विश्वविद्यालय के सीनेट हॉल में होगा। उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि डॉ. कप्तान सिंह, क्षेत्रीय आयुर्वेद एवं यूनानी अधिकारी, कानपुर नगर एवं देहात होंगे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक करेंगे। कार्यक्रम में प्रतिकुलपति प्रो. सुधीर कुमार अवस्थी, नीमा वूमेन फोरम कानपुर की अध्यक्ष डॉ. नीरजा दुबे, वरिष्ठ आयुर्वेदाचार्य एवं पूर्व क्षेत्रीय आयुर्वेद एवं यूनानी अधिकारी डॉ. निरंकार गोयल सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहेंगे। उद्घाटन समारोह के उपरांत ईशा फाउंडेशन द्वारा विशेष ध्यान कार्यशाला भी आयोजित की जाएगी, जिसमें प्रतिभागियों को ध्यान एवं मानसिक स्वास्थ्य के वैज्ञानिक पहलुओं की जानकारी दी जाएगी। योग पखवाड़े के अंतर्गत विश्वविद्यालय परिसर एवं विभिन्न संस्थानों में कुल 15 कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें महिला योग शिविर, समर योग कैंप, नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में योग शिविर, पूर्व योग छात्रों का सम्मेलन, योग चिकित्सा शिविर, योग चिकित्सा कार्यशाला, ध्यान शिविर, अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी, वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष योग सत्र तथा 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का मुख्य समारोह शामिल हैं। इन कार्यक्रमों का आयोजन शारीरिक शिक्षा विभाग, सीएसजेएमयू योग ओपीडी तथा नेशनल इंटीग्रेटेड मेडिकल एसोसिएशन (नीमा) के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है। साथ ही ब्रह्मकुमारी, गायत्री परिवार, ईशा फाउंडेशन, इस्कॉन, NCC, NSS तथा अन्य सामाजिक एवं स्वयंसेवी संस्थाओं का भी सहयोग प्राप्त होगा।
योग शिक्षा का प्रमुख केंद्र बन रहा है सीएसजेएमयू
योग पखवाड़े के माध्यम से विश्वविद्यालय न केवल योग के प्रति जागरूकता बढ़ा रहा है, बल्कि योग शिक्षा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
वहीं योगाचार्यों का यह भी मानना है कि बढ़ती जीवनशैली संबंधी बीमारियों, मानसिक तनाव तथा वृद्धावस्था की चुनौतियों के बीच योग एक प्रभावी समाधान के रूप में उभर रहा है। ऐसे में योग शिक्षा एवं योग अनुसंधान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इन पाठ्यक्रमों को विशेष रूप से विकसित किया गया है।
योग पखवाड़ा समन्वयक डॉ. राम किशोर ने बताया कि 9 जून से 21 जून तक लगातार चलने वाले इन कार्यक्रमों का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग तक योग का लाभ पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ, संतुलित और सकारात्मक जीवनशैली का आधार है। इसी भावना के साथ विश्वविद्यालय “योग अपनाएं, स्वस्थ रहें, स्वस्थ समाज बनाएं” संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास कर रहा है। योग पखवाड़े का समापन 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के भव्य आयोजन के साथ होगा, जिसमें बड़ी संख्या में विद्यार्थी, शिक्षक, कर्मचारी, चिकित्सक, योग प्रशिक्षक एवं आमजन सहभागिता करेंगे।
विश्वविद्यालय में वर्तमान में योग से संबंधित चार प्रमुख पाठ्यक्रम संचालित हैं।
पाठ्यक्रम सीटें वार्षिक शुल्क
- बी.एससी. योग साइंस 40 ₹27,200
- एम.ए. योग 20 ₹37,200
- एम.एससी. योग साइंस 20 ₹37,200
- पी.जी. डिप्लोमा इन योग 20 ₹19,700

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