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सीएसजेएमयू में शुरू हुयी पीएच.डी. प्रवेश 2026–27 प्रक्रिया 52 विषयों में 880 सीटों पर होगा प्रवेश

विवि की वेबसाइट पर 30 जून तक कर सकते हैं आवेदन

न्याय धारा/ कानपुर नगर। मंगलवार 02 जून 2026 (सूत्र/संवाददाता) सूर्य उत्तरायण, अधिक जेष्ठ मास कृष्ण पक्ष की द्वितीया (पुरुषोत्तम मास), ग्रीष्म ऋतु २०८३ रौद्र नाम संवत्सर। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू), कानपुर ने शैक्षणिक सत्र 2026–27 के लिए पीएच.डी. प्रवेश प्रक्रिया प्रारम्भ करने की घोषणा की है। इस वर्ष विश्वविद्यालय द्वारा 52 विषयों में कुल 880 शोध सीटें उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिनमें 231 सीटें विश्वविद्यालय परिसर तथा 649 सीटें संबद्ध एवं सम्बद्ध महाविद्यालयों के लिए निर्धारित हैं।

विश्वविद्यालय की डीन रिसर्च एंड डेवलप्मेंट डॉ नमिता तिवारी ने बताया कि मेडिकल लेबोरेटरी टेक्नोलॉजी (MLT), फिजियोथेरेपी (Physiotherapy) , Pharmacy और एग्रीकल्चर (Agriculture) विषयों में विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित प्रवेश परीक्षा की मेरिट तथा शेष 48 विषयों में प्रवेश नेट (नेशनल एलिजिबिलिटी टेस्ट) की मेरिट के अनुसार होगा। इस वर्ष विश्वविद्यालय ने विभिन्न विषयों में व्यापक शोध अवसर उपलब्ध कराए हैं। विशेष रूप से Hindi (77 सीटें), Teacher Education (68 सीटें), Zoology (44 सीटें), Political Science (39 सीटें), Botany (37 सीटें), Physics (50 सीटें), Mathematics (38 सीटें), Geography (28 सीटें), Home Science (24 सीटें), Defence & Strategic Studies (22 सीटें), Psychology (22 सीटें), Sociology (26 सीटें), History (22 सीटें) तथा English (40 सीटें) में उल्लेखनीय संख्या में शोध सीटें उपलब्ध हैं। इसके अतिरिक्त Engineering, Life Sciences, Biotechnology, Pharmacy, Management, Commerce, Agriculture एवं अन्य उभरते शोध क्षेत्रों में भी पर्याप्त सीटें उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे विभिन्न विषयों के अभ्यर्थियों को शोध के व्यापक अवसर प्राप्त होंगे।

माननीय कुलाधिपति एवं राज्यपाल महोदया द्वारा Working Professionals एवं शिक्षकों को उच्च शिक्षा एवं शोध से जोड़ने पर दिए गए विशेष बल तथा माननीय कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक के दूरदर्शी नेतृत्व में विश्वविद्यालय ने इस बार पीएच.डी. प्रवेश प्रक्रिया को अधिक research-oriented, flexible, technology-enabled तथा industry-academia aligned स्वरूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। 

शोध एवं नवाचार को व्यापक आधार प्रदान करने के उद्देश्य से विश्वविद्यालय ने पहली बार Part-Time Ph.D. Admissions को विशेष प्रोत्साहन देते हुए लगभग 10 प्रतिशत सीटें Working Professionals एवं Industry Sponsored Candidates के लिए प्रस्तावित की हैं। यह पहल उन अनुभवी पेशेवरों को शोध से जोड़ने का अवसर प्रदान करेगी, जो अपने व्यावहारिक ज्ञान और विशेषज्ञता को अकादमिक अनुसंधान में रूपांतरित करना चाहते हैं।

Industry Sponsored Research को बढ़ावा देने के लिए उद्योगों, शोध संस्थानों एवं पेशेवर संगठनों के साथ सहभागिता को सशक्त किया जा रहा है, जिससे शोध को वास्तविक जीवन की चुनौतियों, नवाचार और प्रौद्योगिकी विकास से सीधे जोड़ा जा सके। विश्वविद्यालय का लक्ष्य केवल शोधार्थियों की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि ऐसे अनुसंधान को प्रोत्साहित करना है जो समाज, उद्योग और नीति-निर्माण के लिए सार्थक योगदान दे सके।

हाइब्रिड मोड़ में होगा कोर्स वर्क

कार्यरत अभ्यर्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए Coursework को Hybrid Mode में संचालित करने का प्रस्ताव रखा गया है, जबकि Examination एवं Evaluation प्रक्रियाएँ नियमानुसार Offline Mode में आयोजित की जाएंगी। यह व्यवस्था UGC के प्रावधानों तथा आवश्यक Residential Requirements के अनुरूप होगी।

विवि के शिक्षक व अकादमिक कर्मी भी कर सकेंगे पार्ट टाइम पीएचडी

इस वर्ष की सबसे उल्लेखनीय पहल के रूप में विश्वविद्यालय परिसर में कार्यरत शिक्षकों एवं अकादमिक कर्मियों के लिए एक विशेष Campus Faculty Part-Time Ph.D. Scheme प्रस्तावित की गई है। इस योजना के अंतर्गत चयन Research Proposal, Academic Credentials एवं Interview Performance के आधार पर किया जाएगा। विश्वविद्यालय को विश्वास है कि यह पहल शोध संस्कृति को सुदृढ़ करने, गुणवत्तापूर्ण प्रकाशनों को बढ़ावा देने तथा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में संस्थान की स्थिति को और मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

विश्वविद्यालय अंतरराष्ट्रीय शोध सहयोग, Joint Research Activities एवं Global Academic Engagement को भी नई गति दे रहा है, जिससे शोधार्थियों को विश्वस्तरीय विशेषज्ञता, सहयोगात्मक अनुसंधान तथा वैश्विक अवसरों तक पहुँच प्राप्त हो सके।

साथ ही उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय का लक्ष्य शोध को अधिक समावेशी, प्रभावी और परिणामोन्मुख बनाना है। उन्होंने कहा कि Part-Time Ph.D., Industry Sponsored Research, Campus Faculty Research Initiative तथा Hybrid Academic Support जैसी पहलें शोध की नई संभावनाओं के द्वार खोलेंगी और उच्च गुणवत्ता वाले Research Publications, Patents, Innovation Outputs तथा International Collaborations को प्रोत्साहित करेंगी। 

व्यास एआई अस्सिटेंट दूर करेगा अभ्यर्थियों की समस्याएं

पीएच.डी. प्रवेश प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सुगम एवं अभ्यर्थी-केंद्रित बनाने की दिशा में डॉ नमिता तिवारी के मार्गदर्शन में “Vyas AI Assistant” विकसित किया गया है, जिसे विश्वविद्यालय की Research Website के साथ एकीकृत किया गया है। यह AI आधारित डिजिटल सहायक अभ्यर्थियों को Ph.D. Admissions, Eligibility Criteria, Admission Process, Coursework, Research Regulations, Research Policies तथा नवीनतम Ph.D. Ordinance से संबंधित प्रश्नों के त्वरित एवं सटीक उत्तर उपलब्ध कराएगा।

Vyas AI Assistant की विशेषता यह है कि यह केवल विश्वविद्यालय के सत्यापित अभिलेखों, अधिसूचनाओं, अध्यादेशों एवं शोध संबंधी आधिकारिक दस्तावेजों पर आधारित उत्तर प्रदान करता है। इससे अभ्यर्थियों को सही एवं अद्यतन जानकारी प्राप्त होगी, कार्यालयों पर निर्भरता कम होगी तथा शोधार्थियों, Working Professionals, Faculty Members एवं अन्य हितधारकों को 24×7 डिजिटल सहायता उपलब्ध हो सकेगी। विश्वविद्यालय का मानना है कि यह पहल Research Governance में Artificial Intelligence के प्रभावी उपयोग का एक अभिनव उदाहरण बनेगी तथा भविष्य में Scholar Support, Academic Services और Research Administration को और अधिक सशक्त बनाएगी।

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