न्याय धारा/ कानपुर नगर। शनिवार 09 मई 2026 (सूत्र/संवाददाता) सूर्य उत्तरायण, जेष्ठ मास कृष्ण पक्ष की सप्तमी, ग्रीष्म ऋतु २०८३ रौद्र नाम संवत्सर। आज जनपद में एक बहुत ही रोचक और देशभक्ति से ओतप्रोत नाटक का मंचन किया गया इस नाटक के माध्यम से स्वाधीनता के संघर्ष से लेकर पहलगाम की धर्म देखकर हिन्दू हत्या करने तक की घटनाक्रम को राष्ट्र धर्म के चिंतन के साथ जोड़कर प्रस्तुत किया गया।
नाटक के लेखक ने बड़ी ही चतुराई के साथ देश के 100 वर्षों का वास्तविक राष्ट्र निर्माण प्रस्तुत करने का प्रयास किया है। सेकंड इनिंग्स विमेन थिएटर ने अरुणिमा मिश्रा द्वारा लिखित, रूपीना मिश्रा तथा अन्नू गोयल द्वारा निर्देशित नाटक पूछ रहा है आज वतन का मंचन पंडित दीन दयाल उपाध्याय सनातन धर्म विद्यालय सभागार में महापौर श्रीमती प्रमिला पांडेय के मुख्यआतिथ्य में किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता के सामने दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक द्वारा मातृ दिवस पर विशेष प्रश्नोत्तरी का आयोजन सेकंड इनिंग्स विमेन थिएटर के साथ किया और पुरस्कार वितरित किए।
पूछ रहा है आज वतन एक ऐसे वास्तविक धरातल से जुड़ी काल्पनिक कथा है जिसमें महान क्रांतिकारी राम प्रसाद बिस्मिल और अशफाक उल्लाह खान अपनी फांसी की सौ साल पूरे होने का जश्न मनाने को तैयार हैं, कहानी 1927 के बाद भारत में हो रहे विभिन्न घटनाक्रमों को बिस्मिल और अशफाक के नजरिए से देखती हुई आगे चलती है, जहां कुछ घटनाएं उन्हें विचलित करती हैं तो कहीं शोक और कहीं हर्ष भी है
कहीं वो गद्दारी और मतलबपरस्ती से आहत हैं तो कहीं धर्मों की एकता से गौरवान्वित एक अहम मोड़ पर उनकी मुलाकात दीन दयाल उपाध्याय से होती है और देश की तत्कालीन परिस्थिति पर चर्चा।
नाटक को कानपुर की लगभग खो चुकी कला नौटंकी का भी जामा पहनाया है, विशाल जी का नक्कारा और गुरजीत सिंह का गायन इसे नई ऊंचाइयों पर पहुंचा देता है।
बिस्मिल के रूप में अजीत पाल, अशफाक के रूप में आयुष , दीन दयाल के रूप में प्रभात सिंह, पहलगाम में मारे गए व्यक्ति के रूप में गुरजीत, 1947 की खौफशुदा बच्ची के रूप में रिया सिंह चौहान, कारगिल शहीद फौजी के रूप में जय शुक्ला और नैरेटर के रूप में मीना मेहरोत्रा में ने अभिनय किया। अन्नू गोयल, नीता पाण्डेय, सुमन निगम और सुनीता वार्ष्णेय ने नृत्य और गायन से समां बांधी।
संचालन मीना मेहरोत्रा ने किया। विद्यालय के प्रधानाचार्य राकेश तिवारी विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहे। प्रधानाचार्य उनके सहयोग के बिना मंचन संभव नहीं था। वरिष्ठ रंगकर्मी राधे श्याम दीक्षित जी ने तीन कलाकारों को तथा संस्था की सदस्य मीना मेहरोत्रा और सुनीता वार्ष्णेय ने अन्य सभी कलाकारों को पुरस्कार दे कर उनका उत्साहवर्धन किया साथ ही प्रभात सिंह और आयुष को उत्कृष्ट अभिनय के लिए सम्मानित किया।

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