न्याय धारा/ कानपुर नगर। शुक्रवार 08 मई 2026 (सूत्र/सूवि /पीआईबी/संवाददाता) सूर्य उत्तरायण, जेष्ठ मास कृष्ण पक्ष की सप्तमी, ग्रीष्म ऋतु २०८३ रौद्र नाम संवत्सर। भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय के अंतर्गत प्रशिक्षण महानिदेशालय (डीजीटी) द्वारा राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान (एनएसटीआई), कानपुर में प्रधानमंत्री स्किलिंग एंड एम्प्लॉयबिलिटी ट्रांसफॉर्मेशन थ्रू अपग्रेडेड आईटीआई (पीएम-setu) योजना के तहत प्रस्तावित एयरोनॉटिक्स एवं संबद्ध क्षेत्रों के राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र (एनसीओई) की स्थापना को लेकर उच्चस्तरीय उद्योग परामर्श बैठक आयोजित की गई।
बैठक की अध्यक्षता कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय की सचिव देबाश्री मुखर्जी ने की। इस दौरान डीजीटी के महानिदेशक दिलीप कुमार, प्रशिक्षण महानिदेशालय के वरिष्ठ अधिकारी, उत्तर प्रदेश सरकार के व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के अधिकारी तथा उद्योग जगत एवं बहुपक्षीय संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
परामर्श बैठक में रक्षा एयरोस्पेस, सिविल एविएशन, प्रिसीजन इंजीनियरिंग और विनिर्माण क्षेत्र से जुड़ी 25 से अधिक संस्थाओं ने भाग लिया। इनमें हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल), डसॉल्ट एविएशन इंडिया, टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड, एल एंड टी प्रिसीजन इंजीनियरिंग, अदाणी स्किल डेवलपमेंट सेंटर, होंडा मोटर्स, एडवांस्ड वेपन्स एंड इक्विपमेंट इंडिया लिमिटेड, जेके सीमेंट, नामटेक, इनोवेटिव्यू इंडिया लिमिटेड, इनोविजन लिमिटेड, जेआईटीएम, आईसीआईसीआई फाउंडेशन, नेट प्लांट प्राइवेट लिमिटेड, एवीपीएल इंटरनेशनल, नेवेली उत्तर प्रदेश पावर लिमिटेड (एनयूपीपीएल) के साथ एशियन डेवलपमेंट बैंक और विश्व बैंक के प्रतिनिधि शामिल रहे।
बैठक में एयरोस्पेस एवं संबद्ध क्षेत्रों की उभरती कौशल आवश्यकताओं के अनुरूप पाठ्यक्रम निर्माण, प्रशिक्षण संचालन, अधोसंरचना विकास तथा अप्रेंटिसशिप से जुड़ी व्यवस्थाओं में उद्योगों की सक्रिय भागीदारी बढ़ाने पर चर्चा की गई।
मंत्रालय ने बताया कि एनएसटीआई कानपुर में प्रस्तावित राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र को उद्योगों के सक्रिय सहयोग से विकसित किया जाएगा। इसका उद्देश्य उच्च स्तरीय विनिर्माण एवं एयरोनॉटिक्स ट्रेड्स में प्रशिक्षण क्षमता बढ़ाना तथा देश के तेजी से विकसित हो रहे एयरोस्पेस क्षेत्र के लिए कुशल मानव संसाधन तैयार करना है। बैठक में यह भी रेखांकित किया गया कि उद्योगों के सह-निवेश, भारत-फ्रांस सहयोग तथा पीएम-सेटू ढांचे के तहत विकसित होने वाला यह केंद्र देश में एयरोनॉटिक्स प्रशिक्षण का मॉडल संस्थान बनेगा। यहां प्रतिवर्ष हजारों प्रशिक्षुओं को अत्याधुनिक प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे भारत के एयरोस्पेस एवं संबद्ध क्षेत्रों को कुशल कार्यबल उपलब्ध होगा और आत्मनिर्भर भारत तथा वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लक्ष्य को मजबूती मिलेगी।
मंत्रालय ने बताया कि पीएम-सेतु के घटक-1 के अंतर्गत हब एंड स्पोक मॉडल अपनाया गया है। इसके तहत उत्तर प्रदेश के अलीगंज, साकेत, पांडु नगर कानपुर, मुजफ्फरनगर, आगरा, नैनी प्रयागराज, वाराणसी और चरगांव गोरखपुर सहित विभिन्न आईटीआई क्लस्टरों की पहचान की गई है। इनमें हब आईटीआई, स्पोक आईटीआई को मार्गदर्शन प्रदान करेंगे, जिससे क्षेत्रीय कौशल पारितंत्र को सुदृढ़ करने, प्रशिक्षण गुणवत्ता सुधारने तथा उद्योगों से जुड़ाव बढ़ाने में सहायता मिलेगी।
यह परामर्श बैठक पीएम-सेतु योजना के तहत आईटीआई के आधुनिकीकरण और व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण में उद्योगों की भागीदारी मजबूत करने की दिशा में जारी प्रयासों का हिस्सा है।

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