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दलित हितों के संरक्षण और सम्मान के लिए प्रतिबद्ध है योगी सरकार : डॉ० लालजी प्रसाद निर्मल

न्याय धारा/ कानपुर नगर। गुरुवार 21 मई 2026 (सूत्र/सूवि/पीआईबी/संवाददाता) सूर्य उत्तरायण, अधिक जेष्ठ मास शुक्ल पक्ष की पंचमी (पुरुषोत्तम मास), ग्रीष्म ऋतु २०८३ रौद्र नाम संवत्सर। सभापति, दैवीय आपदा प्रबन्धन एवं जांच समिति/सदस्य विधान परिषद एवं उ०प्र० अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम के पूर्व चेयरमैन डॉ० लालजी प्रसाद निर्मल ने गुरुवार को सर्किट हाउस, कानपुर में संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।

बैठक में उन्होंने सीवर सफाई, आपदा प्रबंधन एवं जनसुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बिना सुरक्षा उपकरणों के किसी भी सफाई कर्मी को सीवर में उतारे जाने पर संबंधित के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने बरसात से पूर्व जलभराव वाले क्षेत्रों में आवश्यक तैयारियां समय से पूर्ण कराने तथा आपदा से निपटने के लिए सभी विभागों को सतर्क एवं सक्रिय रहने के निर्देश भी दिए। समीक्षा बैठक के उपरांत आयोजित पत्रकार वार्ता में डॉ० लालजी प्रसाद निर्मल ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दलित समाज के सच्चे हितैषी हैं। उनके नेतृत्व में प्रदेश में दलितों के सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षिक सशक्तिकरण के लिए अनेक ऐतिहासिक कार्य किए गए हैं।उन्होंने कहा कि योगी सरकार ने संविधान निर्माता भारत रत्न डॉ० भीमराव आंबेडकर के सम्मान में प्रदेश के सभी सरकारी कार्यालयों में उनका चित्र स्थापित कराने का कार्य किया है। साथ ही लखनऊ के ऐशबाग क्षेत्र में डॉ० आंबेडकर स्मारक एवं सांस्कृतिक केन्द्र का निर्माण कराया जा रहा है, जिसमें 25 फीट ऊंची कांस्य प्रतिमा, पुस्तकालय, संग्रहालय, विपश्यना केन्द्र तथा आधुनिक सुविधाओं से युक्त प्रेक्षागृह विकसित किया जा रहा है।

डॉ० निर्मल ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा डॉ० आंबेडकर की प्रतिमाओं के सौंदर्यीकरण, बाउंड्रीवाल एवं छत्र निर्माण के लिए 500 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन से प्रदेश में हाथ से मैला उठाने जैसी अमानवीय प्रथा पर प्रभावी रोक लगी है।

उन्होंने कहा कि सीवर सफाई के दौरान किसी सफाई कर्मी की मृत्यु होने की स्थिति में उसके परिजनों को 30 लाख रुपये मुआवजा दिए जाने की व्यवस्था की गई है। इसके अतिरिक्त आपदा राहत कोष से 4 लाख रुपये की अतिरिक्त सहायता भी प्रदान की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुआवजे की धनराशि संबंधित संस्था अथवा जिम्मेदार व्यक्ति से वसूल की जाएगी तथा दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई भी सुनिश्चित होगी।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की स्टैंड अप इंडिया योजना के माध्यम से अनुसूचित जाति वर्ग के युवाओं को स्वरोजगार एवं उद्यमिता से जोड़ने के लिए 10 लाख से एक करोड़ रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे आर्थिक सशक्तिकरण को बल मिला है।

बैठक में अपर जिलाधिकारी (नगर) आलोक कुमार गुप्ता, उप जिलाधिकारी (सदर) अनुभव सिंह, अपर उप जिलाधिकारी संजीव दीक्षित, महाप्रबंधक जलकल विभाग नगर निगम आनंद कुमार त्रिपाठी, मुख्य अग्निशमन अधिकारी दीपक शर्मा, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग अनूप मिश्रा, सहायक अभियंता लोक निर्माण विभाग श्याम जी श्रीवास्तव एवं आपदा विशेषज्ञ जुगबीर सिंह सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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