न्याय धारा/ कानपुर नगर। सोमवार 11 मई 2026 (सूत्र/सूवि/पीआईबी/संवाददाता) सूर्य उत्तरायण, जेष्ठ मास कृष्ण पक्ष की नवमी, ग्रीष्म ऋतु २०८३ रौद्र नाम संवत्सर। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) के शिक्षा विभाग द्वारा “सोमनाथ अमृत महोत्सव” के अवसर पर एक विशेष व्याख्यान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक की प्रेरणा एवं मार्गदर्शन में संपन्न हुआ, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, इतिहास और सांस्कृतिक विरासत के प्रति जागरूक करना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ विभागाध्यक्षा डॉ. तनुजा भट्ट ने किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षक शिक्षा के पाठ्यक्रम केवल शैक्षणिक ज्ञान तक सीमित नहीं हैं, बल्कि विद्यार्थियों के सांस्कृतिक और नैतिक विकास को भी मजबूत बनाने का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को अपनी जड़ों और भारतीय परंपराओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मुख्य वक्ता डॉ. रत्नर्त्तु मिश्रा ने अपने व्याख्यान में सोमनाथ मंदिर के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सोमनाथ मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, संघर्ष और पुनर्निर्माण की ऐतिहासिक यात्रा का प्रतीक है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे भारतीय इतिहास और सांस्कृतिक विरासत को केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित न रखें, बल्कि उससे भावनात्मक और वैचारिक रूप से भी जुड़ें। व्याख्यान के दौरान विद्यार्थियों को सोमनाथ मंदिर से जुड़े पौराणिक प्रसंगों, ऐतिहासिक घटनाओं और सांस्कृतिक महत्व की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि भारत की सांस्कृतिक धरोहर केवल अतीत की स्मृति नहीं, बल्कि वर्तमान पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत भी है। वक्ताओं ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन युवाओं में सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रीय गौरव की भावना विकसित करने में सहायक सिद्ध होते हैं।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने भी सक्रिय सहभागिता की और भारतीय संस्कृति से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। इस अवसर पर डॉ. गोपाल सिंह, डॉ. प्रिया तिवारी सहित अन्य शिक्षक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन शोध छात्रा पारुल ने किया, जबकि संयोजन शोध छात्र सूरज गुप्ता द्वारा किया गया। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने भारतीय सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और उसके प्रति जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।

addComments
एक टिप्पणी भेजें