कार्यक्रम के मुख्य अतिथि धर्मपाल सिंह, मा० मंत्री, पशुधन, दुग्ध विकास एवं राजनैतिक पेंशन, उ०प्र० सरकार, श्री मुकेश कुमार मेश्राम अपर मुख्य सचिव, पशुधन, दुग्ध विकास एवं मत्स्य, श्रीमती धनलक्ष्मी के०, दुग्ध आयुक्त एवं आगरा तथा अलीगढ़ मण्डल के वरिष्ठ अधिकारीगण सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम में आगरा एवं अलीगढ़ मण्डल के कृषकों/गो पालकों / दुग्ध उत्पादकों/उद्यमियों / निवेशकों के लगभग 1000 से अधिक की सहभागिता रही। साथ ही वेब कास्टिंग / स्पअम ल्वनजनइम के माध्यम से प्रदेश के अन्य जनपदों के गौपालक / उद्यमियों को जोड़कर विभिन्न योजनाओं, नवीनतम प्रौद्योगिकी, स्वदेशी नस्ल के गौ-पालन, ग्रामीण अर्थव्यवस्था के सुदृढ़ीकरण पर विचार विमर्श एवं अन्य महत्वपूर्ण जानकारियाँ विषय विशेषज्ञों द्वारा साझा की गयी।धर्मपाल सिंह, मा० मंत्री, पशुधन, दुग्ध विकास एवं राजनैतिक पेंशन, उ०प्र० सरकार द्वारा कार्यक्रम में उपस्थित समस्त निवेशकगण / उद्यमी / दुग्ध उत्पादक/ कृषकों को सम्बोधित करते हुए उ०प्र० में विगत 10 वर्षों में डेयरी विकास पर प्रकाश डालते हुए इस क्षेत्र में दुग्ध विकास विभाग द्वारा किये गये अभूतपूर्व कार्यों को सराहा तथा इन दोनों मण्डलों में निजी क्षेत्र में निवेश की अपार सम्भावनाओं के दृष्टिगत दुग्ध विकास विभाग को सक्रिय भूमिका निभाने हेतु निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि निवेश से न केवल राज्य समृद्ध होगा, बल्कि हमारे किसानों / अन्नदाताओं की आय दोगुनी करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगा।
मुकेश कुमार मेश्राम, अपर मुख्य सचिव द्वारा कार्यक्रम में पधारे कृषकों/गो पालकों / दुग्ध उत्पादकों / उद्यमियों / निवेशकों का स्वागत करते हुए अपने संबोधन में वर्तमान परिदृश्य में स्वदेशी नस्ल के गौपालन से ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विकास के सम्बन्ध में संचालित विभिन्न योजनाओं के बहुआयामी लाभों पर प्रकाश डालते हुए योजनाओं से पशुपालकों / गौपालकों के जीवन स्तर में आने वाले बदलावों पर विस्तृत चर्चा की गयी।
कार्यक्रम में श्रीमती धनलक्ष्मी के०, दुग्ध आयुक्त द्वारा स्वागत सम्बोधन के साथ अवगत कराया गया कि प्रदेश दुग्ध उत्पादन में देश का अग्रणी राज्य है तथा इस स्थिति को बनाये रखने हेतु राज्य सरकार द्वारा अनेक महत्वपूर्ण योजनाओं के माध्यम से किसानों को सुनिश्चित बाजार, पारदर्शी मूल्य निर्धारण और स्थायी आय प्रदान की है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत आधार प्राप्त हुआ है। इसी परिप्रेक्ष्य में विभाग द्वारा दुग्ध उत्पादकों को अपने उत्पादन में गुणवत्तापरक दुग्ध उत्पादन हेतु नन्द बाबा दुग्ध मिशन एवं उपभोक्ताओं को वैश्विक स्तर के गुणवत्तायुक्त दूध एवं दुग्ध उत्पाद उपलब्ध हो सके, इसके लिए उ०प्र० दुग्धशाला विकास एवं दुग्ध उत्पाद प्रोत्साहन नीति-2022 प्रख्यापित की गयी है। आज डेयरी क्षेत्र उत्तर प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। आज उत्तर प्रदेश वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था की ओर अग्रसर है, जिसमें विभाग अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहेगा, जिसका लाभ सीधे कृषकों/गो पालकों / दुग्ध उत्पादकों / उद्यमियों / निवेशकों को हो रहा है। नन्द बाबा दुग्ध मिशन की योजनाओं में इन दोनों मण्डलों में 762 लाभार्थियों को लगभग रू0 500.00 लाख से अधिक की धनराशि वितरण तथा दुग्ध नीति-2022 के अन्तर्गत इन्हीं मण्डलों में उद्यमियों/ निवेशकों को लगभग रू0 800.00 लाख के अनुदान धनराशि की जा चुकी है।

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