Customised Ads
हृदय रोग उपचार के क्षेत्र में निरंतर विकसित हो रही अवधारणाओं के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण वैज्ञानिक व्याख्यान का आयोजन

न्याय धारा/ कानपुर नगर। शनिवार 02 मई 2026 (सूत्र/सूवि/संवाददाता) सूर्य उत्तरायण, जेष्ठ मास कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा, ग्रीष्म ऋतु २०८३ रौद्र नाम संवत्सर। आई एम ए कानपुर की यूनिट द्वारा कार्डियोलॉजी के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक व्याख्यान का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें देश के प्रख्यात इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. विवेका कुमार, हेड इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी एवं डायरेक्टर, पैन मैक्स कार्डियोलॉजी, साकेत, नई दिल्ली मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहेंगे।

इस व्याख्यान में डॉ. विवेक कुमार हृदय रोग उपचार में नवीनतम तकनीकी नवाचारों- TAVI (Transcatheter Aortic Valve Implantation), MitraClip तथा कैप्सूल पेसमेकर (Leadless Pacemaker)- पर विस्तृत जानकारी साझा करेंगे। ये साझा करेंगे। ये तीनों तकनीकें हाल के वर्षों में कार्डियक इंटरवेंशन के क्षेत्र में क्रांतिकार में क्रांतिकारी बदलाव लेकर आई हैं।

TAVI (टैवी) एक अत्याधुनिक प्रक्रिया है, जिसमें बिना छाती खोले, जांघ (फेमोरल रूट) के माध्यम से हृदय के भीतर एओर्टिक वाल्व प्रत्यारोपित किया जाता है। यह तकनीक उन मरीजों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रही है, जो ओपन हार्ट सर्जरी के लिए उपयुक्त नहीं होते। इस प्रक्रिया के बाद मरीज शीघ्र स्वस्थ होकर सामान्य जीवन में लौट सकता है।

को पास MitraClip तकनीक भी इसी प्रकार एक अभिनव समाधान है, जिसमें बिना सर्जरी के माइट्रल वाल्व की लीकेज को कम किया जाता जाता है। इस प्रक्रिया में एक विशेष क्लिप के माध्यम से वाल्व की पत्तियों लाकर रिसाव को नियंत्रित किया जाता है, जिससे मरीज के लक्षणों में उल्लेखनीय सुधार होता है।इसके अतिरिक्त, कैप्सूल पेसमेकर (लीडलेस पेसमेकर) हृदय गति नियंत्रण के क्षेत्र में एक महत्वठपूर्ण प्रगति है। पारंपरिक पेसमेकर की तुलना में यह एक अत्यंत छोटा उपकरण है, जिसे सीधे हृदय के भीतर स्थापित किया जाता है। इसमें किसी बाहरी वायर या सर्जिकल पॉकेट की आवश्यकता नहीं होती, जिससे संक्रमण का जोखिम भी कम हो जाता है और मरीज सामान्य जीवन आसानी से जी सकता है।

डॉ. विवेका कुमार इन सभी प्रक्रियाओं का नियमित रूप से मैक्स हॉस्पिटल, नई दिल्ली में सफलतापूर्वक संचालन कर रहे हैं तथा देशभर के विभिन्न चिकित्सा केंद्रों पर इन तकनीकों का प्रशिक्षण भी दे रहे हैं। यह व्याख्यान चिकित्सकों के लिए नवीनतम ज्ञान और कौशल अर्जित करने का एक उत्कृष्ट अवसर होगा, साथ ही हृदय रोग उपचार में आधुनिक तकनीकों की उपयोगिता को समझने में भी सहायक सिद्ध होगा।

हृदय रोग उपचार के क्षेत्र में निरंतर विकसित हो रही अवधारणाओं के अंतर्गत आज एक महत्वपूर्ण वैज्ञानिक व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस अवसर पर डॉ. राहुल चंदोला, चेयरमैन, IHLD, नई दिल्ली मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहें।

व्याख्यान का विषय है - 

"Redefining Cardiac Care Beyond Discharge: The iLive Connect Continuous Cardiac Care Model"

डॉ. राहुल चंदोला अपने व्याख्यान में डिस्चार्ज के बाद हृदय रोगियों की देखभाल के पारंपरिक दृष्टिकोण में बदलाव की आवश्यकता पर प्रकाश डालेंगे। वे iLive Connect Continuous Cardiac Care Model की अवधारणा को विस्तार से समझाएंगे, जो अस्पताल से से छुट्टी के बाद भी मरीज की निरंतर निगरानी, मार्गदर्शन और प्रबंधन सुनिश्चित करता है।

इस मॉडल के अंतर्गत डिजिटल कनेक्टिविटी, रिमोट मॉनिटरिंग, समय पर चिकित्सकीय हस्तक्षेप और रोगी-केंद्रित देखभाल को एकीकृत किया गया है, जिससे हृदय रोगियों में पुनः भर्ती (readmission) की संभावना कम होती है और दीर्घकालिक परिणामों में सुधार होता है।

डॉ. चंदोला इस बात पर विशेष जोर देंगे कि आधुनिक कार्डियक केयर केवल अस्पताल तक सीमित नहीं रह सकती, बल्कि डिस्चार्ज के बाद की सतत निगरानी और उपचार ही वास्तविक सफलता का आधार है।

यह व्याख्यान चिकित्सकों के लिए कार्डियक केयर के बदलते आयामों को समझने तथा उन्नत, तकनीक-संचालित देखभाल मॉडल को अपनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा।

टिप्पणियाँ