न्याय धारा/ कानपुर नगर। सोमवार 27अप्रैल 2026 (सूत्र/संवाददाता) सूर्य उत्तरायण, बैशाख मास शुक्ल पक्ष की एकादशी (मोहिनी एकादशी), बसंत ऋतु २०८३ रौद्र नाम संवत्सर। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर के यशस्वी कुलपति प्रोफेसर विनय कुमार पाठक की प्रेरणा से आज स्कूल ऑफ आर्ट्स, ह्यूमैनिटीज एंड सोशल साइंसेस के समाज कार्य विभाग द्वारा ग्रामीण शिविर (Rural Camp) का आयोजन किया गया। इस शिविर के अंतर्गत विभाग के सभी एम.एस.डब्ल्यू. छात्र-छात्राएँ एवं संकाय सदस्य बरहट बंगर ग्राम,बिठूर का भ्रमण किया।
विश्वविद्यालय से बस द्वारा रवाना होकर समस्त छात्र-छात्राएँ एवं शिक्षकगण निर्धारित स्थान पर पहुँचे। इस अवसर पर स्कूल की निदेशिका डॉ. किरन झा, विभाग के कार्यक्रम समन्वयक डॉ. सत्येंद्र एस. चौहान, डॉ. एस.पी. वर्मा, डॉ. अजय प्रताप सिंह, डॉ. बुशरा बरकाती एवं डॉ. उर्वशी जी का विशेष मार्गदर्शन रहा।
ग्रामीण शिविर में सहभागी ग्रामीण मूल्यांकन (PRA- Participatory Rural Appraisal) की प्रमुख तकनीकों- सामाजिक मानचित्रण (Social Mapping) एवं संसाधन मानचित्रण (Resource Mapping)- का व्यावहारिक अभ्यास किया गया। इसके लिए समस्त छात्र-छात्राओं को 8-8 के समूहों में विभाजित किया गया तथा प्रत्येक समूह को गाँव की एक दिशा- उत्तर, दक्षिण, पूर्व एवं पश्चिम- आवंटित की गई।
प्रत्येक समूह के साथ एक संकाय सदस्य का मार्गदर्शन रहा।समस्त समूहों ने अपनी-अपनी निर्धारित दिशाओं में भ्रमण करते हुए ग्रामीण क्षेत्र का विस्तृत सामाजिक एवं संसाधन मानचित्रण तैयार किया। छात्र-छात्राओं ने गाँव के स्थानीय निवासियों से सीधी बातचीत कर वहाँ की सामाजिक-आर्थिक स्थिति, उपलब्ध संसाधनों, संसाधनों की कमी तथा ग्रामीणों द्वारा सामना की जा रही प्रमुख समस्याओं की जानकारी प्राप्त की।इस भ्रमण से छात्र-छात्राओं को सामुदायिक विकास की वास्तविक चुनौतियों को प्रत्यक्ष रूप से समझने एवं PRA पद्धति के व्यावहारिक प्रयोग का अमूल्य अनुभव प्राप्त हुआ। यह ग्रामीण शिविर M.S.W. पाठ्यक्रम का अनिवार्य घटक है, जो विद्यार्थियों को समुदाय-आधारित हस्तक्षेप की दिशा में सक्षम बनाता है।


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