न्याय धारा/ कानपुर नगर। बुधवार 22अप्रैल 2026 (सूत्र/सूवि /पीआईबी) सूर्य उत्तरायण, बैशाख मास शुक्ल पक्ष की पंचमी तदुपरि षष्ठी, बसंत ऋतु २०८३ रौद्र नाम संवत्सर। विश्व पृथ्वी दिवस पर बुधवार को ईदगाह कॉलोनी स्थित माँ कस्तूरबा गर्ल्स इंटर कॉलेज में पर्यावरण संरक्षण को लेकर विशेष कार्यक्रम आयोजित हुआ। कार्यक्रम में बच्चों ने पृथ्वी को बचाने के लिए सात संकल्प लिए।
जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने लीफ कंपोस्ट बिन का उद्घाटन किया, नीम का पौधा रोपित किया और गौरैया संरक्षण के लिए विद्यालय परिसर में 10 कृत्रिम घोंसले लगाए जाने की पहल की सराहना की।
जिलाधिकारी ने कहा कि सूखी पत्तियों से प्राकृतिक खाद तैयार करने जैसे प्रयोग पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बेहद उपयोगी हैं। इस तरह के प्रयास धरती को बिना नुकसान पहुंचाए उसे संवारने का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि गौरैया और अन्य पक्षियों को बचाने के लिए कृत्रिम घोंसले कारगर साबित हो रहे हैं। हरियाली का संवर्धन भी उतना ही जरूरी है, क्योंकि पशु-पक्षी, कीट-पतंगे और अन्य जीवों का भी इस धरती पर उतना ही अधिकार है। उन्होंने कहा कि विद्यालय में किए गए ये प्रयोग और यहां की हरियाली अन्य विद्यालयों के लिए भी प्रेरणा हैं। कार्यक्रम के दौरान बच्चों से पृथ्वी संरक्षण के लिए सात संकल्प भी दिलाए गए। जिलाधिकारी ने लीफ कंपोस्ट बिन का उद्घाटन कर उसके उपयोग को समझा और विद्यालय परिसर में नीम का पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
स्वीट स्पैरो कम बैक होम अभियान के तहत विद्यालय परिसर में गौरैया संरक्षण के लिए 10 कृत्रिम घोंसले निःशुल्क स्थापित किए गए। अभियान के संस्थापक गौरव वाजपेयी ने कहा कि धरती को बचाने के लिए हर व्यक्ति को अपनी सीमा में रहते हुए प्रकृति, पशु-पक्षियों, पेड़-पौधों और छोटे जीवों की मदद के बारे में सोचना होगा। यदि यह सोच समाज में विकसित हो जाए तो धरती को कंक्रीट का ग्रह बनने से बचाया जा सकता है।
विद्यालय की प्रधानाचार्य डॉ. कामिनी अवस्थी ने जिलाधिकारी के आगमन पर आभार जताते हुए कहा कि विद्यालय में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में ऐसे प्रयास आगे भी जारी रहेंगे। इस अवसर पर छात्राओं अंजली शर्मा, जेबा और वरीशा ने पृथ्वी दिवस पर अपने विचार प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम में एडीआईओएस प्रशांत द्विवेदी, विद्यालय प्रबंधन की इंदिरा डेम्बला, सरला सबनानी, कुसुम पांडेय, प्रेरणा संस्था एवं स्वीट स्पैरो कम बैक होम अभियान के प्रतिनिधियों के साथ शिक्षकगण एवं छात्राओं ने सक्रिय सहभागिता की।

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