न्याय धारा/ कानपुर नगर। शुक्रवार 24अप्रैल 2026 (सूत्र/संवाददाता) सूर्य उत्तरायण, बैशाख मास शुक्ल पक्ष की अष्टमी, बसंत ऋतु २०८३ रौद्र नाम संवत्सर। उत्तर प्रदेश की उच्च शिक्षा व्यवस्था में अकादमिक सुधारों और प्रशासनिक पारदर्शिता को गति देने के क्रम में प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति ने बड़ा निर्णय लिया है।
लखनऊ स्थित ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विवि की कार्यपरिषद में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने एक न्यायिक सदस्य और तीन सामान्य सदस्य की नियुक्ति की है। कुलाधिपति के विशेष कार्याधिकारी डॉ. सुधीर एम बोबडे के पत्रानुसार सामान्य सदस्य के रूप में छत्रपति शाहू जी महाराज विवि के स्कूल ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट के निदेशक प्रो. सुधांशु पाण्डिया दोबारा को नियुक्त किया हैं।
राजभवन द्वारा जारी आधिकारिक पत्र के अनुसार, कुलाधिपति ने 'उत्तर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम 1973' की धारा-20 की उपधारा-1 (जी) के तहत अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए ये नियुक्तियां की हैं। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि इन सदस्यों का कार्यकाल पदभार ग्रहण करने की तिथि से दो वर्ष अथवा अगले आदेश तक, जो भी पहले हो, प्रभावी रहेगा। प्रो. सुधांशु पांड्या का भाषा विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद में चुना जाना सीएसजेएमयू के बढ़ते प्रभाव को दर्शाता है। एक निदेशक के रूप में प्रो. पांड्या का अनुभव अब लखनऊ के भाषा विश्वविद्यालय के नीतिगत निर्णयों और विकास कार्यों में सहयोग प्रदान करेगा। सीएसजेएमयू के कुलपति प्रो.विनय कुमार पाठक ने हर्ष जाहिर करते हुए प्रो.सुधांशु पांड्या को शुभकामनाएं दी है । इस अवसर पर विवि के सभी संकायो के शिक्षकों ने प्रो पांड्या को बधाई दी ।

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