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भीषण गर्मी में सतर्क रहें: हीट स्ट्रोक से बचाव ही जीवन रक्षा – विशेषज्ञों की चेतावनी

न्याय धारा/ कानपुर नगर। सोमवार 27अप्रैल 2026 (सूत्र/संवाददाता) सूर्य उत्तरायण, बैशाख मास शुक्ल पक्ष की एकादशी (मोहिनी एकादशी), बसंत ऋतु २०८३ रौद्र नाम संवत्सर। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, कानपुर शाखा द्वारा आज दोपहर 2:00 बजे “हीट स्ट्रोक (लू) से बचाव” के विषय पर एक महत्वपूर्ण पत्रकार वार्ता का आयोजन कॉन्फ्रेंस हॉल में किया गया।

इस अवसर पर शहर के वरिष्ठ एवं विशेषज्ञ चिकित्सकों ने आमजन को बढ़ती गर्मी के खतरों और उससे बचाव के उपायों के प्रति जागरूक किया।

इस पत्रकार वार्ता को आईएमए कानपुर अध्यक्ष डॉ. अनुराग मेहरोत्रा, डॉ. शालिनी मोहन सचिव आईएमए कानपुर, डॉ. डी.पी. अग्रवाल, वरिष्ठ फिजिशियन, डॉ. ए. सी. अग्रवाल, वरिष्ठ फिजिशियन, डॉ. पुनीत दीक्षित बरिष्ठ न्यूरोलोगिस्ट, डॉ आलोक वर्मा, न्यूरोलॉजिस्ट, डॉ आशुतोष त्रिवेदी, फिजिशियन, डॉ राहुल कपूर, फिजिशियन, डॉ विशाल सिंह, वित्त सचिव, डॉ. दीपक श्रीवास्तव वैज्ञानिक सचिव तथा अन्य विशेषज्ञ चिकित्सकों ने संयुक्त रूप से संबोधित किया।

भीषण गर्मी में सतर्क रहें: हीट स्ट्रोक से बचाव ही जीवन रक्षा – विशेषज्ञों की चेतावनी

क्या है हीट स्ट्रोक?

विशेषज्ञों ने बताया कि हीट स्ट्रोक एक गंभीर चिकित्सीय आपात स्थिति है, जिसमें शरीर का तापमान 40°C या उससे अधिक हो जाता है और शरीर की ताप नियंत्रित करने की क्षमता प्रभावित हो जाती है। समय पर उपचार न मिलने पर यह जानलेवा साबित हो सकता है।

हीट स्ट्रोक के प्रमुख लक्षण:

  • तेज बुखार एवं शरीर का अत्यधिक गर्म होना
  • सिरदर्द, चक्कर आना, कमजोरी
  • उल्टी या मतली
  • पसीना कम आना या बंद हो जाना
  • त्वचा का लाल, सूखा और गर्म होना
  • भ्रम, बेहोशी या दौरे (गंभीर स्थिति में)

किसे है ज्यादा खतरा?

  • बुजुर्ग एवं छोटे बच्चे
  • बाहर काम करने वाले लोग (मजदूर, ट्रैफिक पुलिस आदि)
  • हृदय, किडनी या अन्य गंभीर बीमारियों से ग्रस्त मरीज
  • डिहाइड्रेशन से पीड़ित व्यक्ति

“लापरवाही जानलेवा हो सकती है” चिकित्सकों ने चेताया कि हीट स्ट्रोक को हल्के में लेना खतरनाक हो सकता है। समय पर पहचान और तत्काल उपचार अत्यंत आवश्यक है।

बचाव के प्रभावी उपाय:

  • दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी, ORS, नींबू पानी, छाछ आदि का सेवन करें
  • धूप में निकलते समय सिर को ढकें (टोपी/गमछा/छाता)
  • हल्के, ढीले एवं सूती कपड़े पहनें
  • दोपहर 12 से 4 बजे के बीच अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें
  • बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें
  • खाली पेट या डिहाइड्रेट होकर धूप में न जाएं

प्राथमिक उपचार (First Aid):

  • मरीज को तुरंत ठंडी जगह पर ले जाएं
  • कपड़े ढीले करें और शरीर को ठंडा करें (पानी डालकर/गीले कपड़े से पोंछकर)
  • ORS या पानी दें (यदि मरीज होश में हो)गंभीर स्थिति में तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाएं
  • हाइड्रेशन ही सबसे बड़ा बचाव

डॉक्टरों ने जोर देकर कहा कि लगातार पानी पीना, शरीर को ठंडा रखना और धूप से बचाव ही हीट स्ट्रोक से बचने का सबसे सरल और प्रभावी तरीका है।

अंत में आईएमए पदाधिकारियों ने सभी नागरिकों से अपील की कि वे स्वयं सतर्क रहें, अपने परिवार का ध्यान रखें तथा इस महत्वपूर्ण जानकारी को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाए।

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