न्याय धारा/ कानपुर नगर। शुक्रवार 17अप्रैल 2026 (सूत्र/संवाददाता) सूर्य उत्तरायण, बैशाख मास कृष्ण पक्ष की अमावस्या, बसंत ऋतु २०८३ रौद्र नाम संवत्सर। शहर में एक सनसनीखेज घटना क्रम सामने आया है, जिसमें समाजवादी पार्टी के एक वरिष्ठ नेता पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। वरिष्ठ अधिवक्ता जय प्रकाश यादव ने प्रेस वार्ता कर दावा किया है कि उनकी शिकायतों के कारण उन्हें जान से मारने की साजिश रची जा रही है।
कानपुर जर्नलिस्ट क्लब में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में अधिवक्ता ने बताया कि उनके द्वारा किए गए खुलासों के बाद उनकी जान को खतरा बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि इस मामले में अनवरगंज थाने में पहले से ही हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं।
अधिवक्ता ने आरोप लगाया कि सपा नेता अशोक यादव द्वारा देवरिया जिले में 33 हजार वोल्ट की हाई टेंशन लाइन के नीचे अवैध रूप से विद्यालय संचालित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि “दलिपन इंटर कॉलेज” और “डीएलडी एजुकेशन सेंटर” बिना नक्शा पास कराए और बिना भू-उपयोग परिवर्तन के चलाए जा रहे हैं, जो बच्चों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है।
जय प्रकाश यादव ने यह भी आरोप लगाया कि इन शिक्षण संस्थानों की मान्यता फर्जी दस्तावेजों के आधार पर ली गई है। साथ ही सपा शासनकाल के दौरान सांसद और विधायक निधि का दुरुपयोग कर निजी संपत्ति तैयार की गई।
उन्होंने बताया कि इस पूरे मामले की शिकायत प्रधानमंत्री कार्यालय, जिला विद्यालय निरीक्षक, बेसिक शिक्षा अधिकारी, बिजली विभाग और जिला पंचायत सहित कई विभागों से की गई थी। जांच में विद्यालय के अवैध संचालन की पुष्टि भी हुई, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
अधिवक्ता जय प्रकाश यादव ने कहा प्रदेश में योगी जी की सरकार चल रही है जो सुशासन पर निरंतर कार्य कर रही है परंतु शिकायत करने के बाद भी उनके ऊपर हमला किया गया। इस संबंध में वर्ष 2024 में अनवरगंज थाने में सपा नेता अशोक यादव, उनके भतीजे उपनिरीक्षक विवेक कुमार यादव और अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।
मामला उच्च न्यायालय तक पहुंचा, जहां आरोपियों की याचिका खारिज कर उन्हें निचली अदालत से जमानत लेने के निर्देश दिए गए। अधिवक्ता ने आरोप लगाया कि जमानत प्रक्रिया के दौरान न्यायालय को गुमराह करते हुए किसी अन्य व्यक्ति की फोटो लगाकर जमानत हासिल की गई। पीड़ित अधिवक्ता ने अब न्यायालय में नया प्रार्थना पत्र दाखिल कर पुनः एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। इस मामले में अगली सुनवाई 1 मई 2026 को निर्धारित की गई है।
अधिवक्ता ने आशंका जताई है कि सपा नेता और उनके सहयोगी किसी भी समय उनकी हत्या करवा सकते हैं। इस पूरे प्रकरण को लेकर कानूनी और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।
प्रेस वार्ता में अधिवक्ता रोहित कुमार यादव, रविंद्र सिंह अरोड़ा, तौफीक अहमद और शोभित यादव सहित कई अधिवक्ता मौजूद रहे।

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