न्याय धारा/कानपुर नगर। शनिवार 11अप्रैल 2026 (सूत्र/सूवि /पीआईबी) सूर्य उत्तरायण, बैशाख मास कृष्ण पक्ष की नवमी, बसंत ऋतु २०८३ रौद्र नाम संवत्सर। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में जनपद में सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क के विस्तार और गैस पाइपलाइन के माध्यम से निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला स्तरीय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में अपर जिलाधिकारी आपूर्ति, जिला पूर्ति अधिकारी, नगर निगम, लोक निर्माण विभाग, केस्को तथा गैस वितरण कंपनियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
बैठक में जिलाधिकारी ने जनपद में संचालित गैस पाइपलाइन परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए गैस कंपनियों के प्रतिनिधियों से कार्यों की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिया कि घरेलू और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। इसके लिए गैस पाइपलाइन बिछाने और आपूर्ति से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की बाधा न आने पाए। सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए परियोजनाओं को समयबद्ध रूप से पूरा करें।
जिलाधिकारी ने कहा कि सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क के विस्तार में यदि किसी प्रकार की समस्या आती है तो उसका समाधान जिला स्तरीय समिति के माध्यम से किया जाए। विभिन्न विभागों द्वारा जारी स्वीकृतियों और अनापत्ति प्रमाण पत्र की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया जाए। जिन समस्याओं का समाधान जनपद स्तर पर संभव न हो, उन्हें समिति की संस्तुति के साथ राज्य स्तरीय समिति को भेजा जाए। बैठक में पीएनजी कनेक्शनों की संख्या बढ़ाने, घरेलू और वाणिज्यिक उपयोग को प्रोत्साहित करने तथा पाइपलाइन से जुड़े कराधान, भूमि उपयोग और अन्य विषयों पर भी चर्चा की गई।
जिलाधिकारी ने कहा कि भारत सरकार की मंशा है कि गैस उपभोक्ताओं को किसी भी परिस्थिति में आपूर्ति में परेशानी न हो। इसी उद्देश्य से जनपद में पाइप्ड नेचुरल गैस के कनेक्शन घर-घर उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। वर्तमान में जनपद में लगभग 11 लाख घरेलू उपभोक्ताओं को सिलेंडर के माध्यम से गैस आपूर्ति की जा रही है और विपरीत परिस्थितियों में भी आपूर्ति सुचारु बनी हुई है।
उन्होंने बताया कि जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों जैसे घाटमपुर और बिल्हौर में टोरेंट गैस कंपनी कार्य कर रही है, जबकि शहरी क्षेत्र में सीयूजीएल का नेटवर्क संचालित है। इसके अतिरिक्त बिठूर सहित अन्य क्षेत्रों में इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड द्वारा भी पाइपलाइन नेटवर्क का विस्तार किया जा रहा है। वर्तमान में सीयूजीएल के पास लगभग 1.31 लाख घरेलू उपभोक्ता तथा 455 वाणिज्यिक और 152 औद्योगिक कनेक्शन हैं, जिनमें वृद्धि की संभावनाएं हैं।
जिलाधिकारी ने कहा कि होटल, अस्पताल, बारात घर, स्कूल और कॉलेज जैसे संस्थानों को पीएनजी कनेक्शन लेने के लिए प्रेरित किया जाए, जिससे उन्हें सस्ती, सुरक्षित और निरंतर गैस आपूर्ति उपलब्ध हो सके।
उन्होंने बताया कि भारत सरकार की गाइडलाइन के अनुसार जहां गैस पाइपलाइन बिछ चुकी है, वहां अधिसूचना जारी होने के तीन माह के भीतर सिलेंडर के माध्यम से गैस आपूर्ति बंद की जा सकती है। इस दिशा में जनपद में नगर निगम, जिला पंचायत, लोक निर्माण विभाग, केस्को, परिवहन विभाग और अन्य संबंधित विभागों द्वारा आवश्यक अनुमतियां प्रदान की जा चुकी हैं। कैंटोनमेंट क्षेत्र में भी पाइपलाइन विस्तार का कार्य प्रगति पर है।
जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से अपील करते हुए कहा कि जहां पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध है, वहां इसका उपयोग करें। यह सुविधा सरल, सुरक्षित और किफायती है, जिसमें लगभग ₹5000 का एकमुश्त रिफंडेबल सुरक्षा शुल्क लिया जाता है। मीटर आधारित इस व्यवस्था में उपभोक्ता जितनी गैस उपयोग करेंगे, उतना ही भुगतान करेंगे। बैठक में लिए गए निर्णयों की नियमित समीक्षा करने के निर्देश भी दिए।

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