न्याय धारा/कानपुर नगर। गुरुवार 09अप्रैल 2026 (सूत्र/संवाददाता) सूर्य उत्तरायण, बैशाख मास कृष्ण पक्ष की सप्तमी, बसंत ऋतु २०८३ रौद्र नाम संवत्सर। छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर के माननीय कुलपति प्रोफेसर विनय कुमार पाठक जी की प्रेरणा से आज दिनांक 9 अप्रैल 2026 को योग पाठ्यक्रम के छात्र-छात्राओं की एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर “महर्षि पतंजलि हाउस” एवं “महर्षि घेरंड हाउस” का औपचारिक गठन किया गया।
इन दोनों हाउसों के गठन का मुख्य उद्देश्य छात्र-छात्राओं की शैक्षणिक एवं प्रायोगिक गतिविधियों को अधिक गुणवत्तापूर्ण, प्रभावी एवं रोचक बनाना है। इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों में योग के व्यावहारिक ज्ञान के साथ-साथ नेतृत्व क्षमता, टीम भावना एवं समन्वय कौशल का विकास किया जाएगा। हाउसों का गठन शारीरिक शिक्षा विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. श्रवण कुमार यादव एवं योग ओपीडी प्रभारी डॉ. रामकिशोर के मार्गदर्शन में किया गया। संगोष्ठी की शुरुआत डॉ. अभिषेक सिंह द्वारा हाउस प्रणाली के नियमों एवं उसकी उपयोगिता पर विस्तृत प्रकाश डालते हुए की गई।
डॉ. रामकिशोर ने जानकारी दी कि दोनों हाउसों की टीमें प्रत्येक शनिवार को अपनी रुचि के अनुसार खेल गतिविधियों, योग आसनों की प्रतियोगिताओं एवं विभिन्न स्थानों पर योग शिविरों का आयोजन करेंगी। इससे एक ओर विश्वविद्यालय में संचालित योग पाठ्यक्रम एवं ओपीडी सेवाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार होगा, वहीं दूसरी ओर विद्यार्थियों के व्यक्तित्व का समग्र विकास सुनिश्चित होगा।
महर्षि पतंजलि हाउस का टीम लीडर अंतिम वर्ष के छात्र निहाल सिंह को तथा महर्षि घेरंड हाउस का टीम लीडर विष्णु पाल को नियुक्त किया गया। दोनों हाउसों के मेंटर के रूप में क्रमशः डॉ. राघवेंद्र चतुर्वेदी (सहायक आचार्य) एवं सोनाली धनवानी (योग कोच) को जिम्मेदारी सौंपी गई। दोनों टीम लीडरों ने आगामी शनिवार (11 अप्रैल 202) को योग शिविर आयोजित करने का निर्णय लिया है। इसके अंतर्गत महर्षि पतंजलि हाउस द्वारा गौतम बुद्ध पार्क में प्रातः 7:30 से 9:30 बजे तक योग शिविर आयोजित किया जाएगा, जबकि महर्षि घेरंड हाउस द्वारा इसी समय जेके मंदिर में योग शिविर का आयोजन किया जाएगा।
इस संगोष्ठी में योग पाठ्यक्रम के सभी छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। उन्हें दोनों हाउसों में विभाजित कर टीम लीडरों के नेतृत्व में सक्रिय सहभागिता हेतु प्रेरित किया गया। इस अवसर पर भारतीय संस्कृति परीक्षा में सम्मिलित छात्र-छात्राओं को प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए।

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