न्याय धारा/कानपुर नगर। गुरुवार 26मार्च 2026 (सूत्र/सूवि /पीआईबी) सूर्य उत्तरायण, चैत्र मास शुक्ल पक्ष की अष्टमी (चैत्र नवरात्रि उत्सव), बसंत ऋतु २०८३ रौद्र नाम संवत्सर। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, खादी एवं ग्रामोद्योग, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग तथा रेशम विभाग, उत्तर प्रदेश शासन के मा० मंत्री राकेश सचान की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के अंतर्गत त्रि-मण्डलीय (कानपुर, झांसी एवं चित्रकूटधाम मण्डल) समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई।
बैठक में मंडलायुक्त के. विजयेन्द्र पांडियन, राज्य नोडल अधिकारी (सीएम युवा) सर्वेश्वर शुक्ला, संयुक्त आयुक्त उद्योग कानपुर मण्डल सुनील कुमार, चित्रकूट मण्डल के संयुक्त आयुक्त उद्योग सुधीर कुमार श्रीवास्तव, झांसी मण्डल के संयुक्त आयुक्त उद्योग सुधांशु तिवारी, एसएलबीसी प्रतिनिधि भवानी शंकर परिधा, अग्रणी जिला बैंक प्रबंधक कानपुर नगर आदित्य चंद्रा सहित विभिन्न जनपदों के उपायुक्त उद्योग, सीएम युवा फेलोज, फाइनेंशियल एक्सपर्ट एवं विभिन्न बैंकों के क्षेत्रीय अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक का प्रारंभ मंडलायुक्त द्वारा मा० मंत्री जी के स्वागत के साथ हुआ, तत्पश्चात संयुक्त आयुक्त उद्योग सुनील कुमार ने तीनों मण्डलों की वित्तीय वर्ष 2025-26 की प्रगति से अवगत कराया। समीक्षा के दौरान बताया गया कि तीनों मण्डलों में कुल 4200 आवेदन पत्र बैंक स्तर पर लंबित हैं तथा 788 स्वीकृत प्रकरणों में वितरण शेष है। इस पर मा० मंत्री जी ने सभी बैंक अधिकारियों को निर्देशित किया कि इन प्रकरणों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
कानपुर मण्डल की समीक्षा में पाया गया कि 11,700 के वार्षिक लक्ष्य के सापेक्ष 25,289 आवेदन बैंकों को प्रेषित किए गए, जिनमें से 10,514 आवेदन स्वीकृत तथा 10,002 का वितरण किया जा चुका है। 2,065 आवेदन लंबित पाए गए, जिन पर शीघ्र निर्णय लेने के निर्देश दिए गए। साथ ही 512 स्वीकृत प्रकरणों का वितरण 31 मार्च, 2026 तक सुनिश्चित करने को कहा गया।झांसी मण्डल में 14,902 आवेदन प्रेषित किए गए, जिनमें 5,838 स्वीकृत एवं 5,609 वितरित किए गए हैं। 1,974 आवेदन लंबित पाए गए, जबकि 503 स्वीकृत प्रकरणों के वितरण में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
चित्रकूटधाम मण्डल में कुल 10,082 आवेदन प्रेषित किए गए, जिनमें 4,803 स्वीकृत तथा 4,761 का वितरण किया गया है। 1,016 आवेदन स्वीकृति हेतु लंबित हैं तथा 47 स्वीकृत प्रकरणों का वितरण शेष है, जिन पर शीघ्र कार्यवाही के निर्देश दिए गए।
बैठक में बिना ठोस कारणों के आवेदन निरस्त/रिवर्ट किए जाने के मामलों की भी समीक्षा की गई। मा० मंत्री जी ने निर्देश दिए कि केवल पेंडेंसी कम करने के उद्देश्य से आवेदन निरस्त न किए जाएं, बल्कि पात्र आवेदकों की हैंडहोल्डिंग करते हुए अधिकतम स्वीकृति सुनिश्चित की जाए। राज्य नोडल अधिकारी ने अवगत कराया कि पोर्टल में संशोधन कर दिया गया है, जिससे बिना कारण बताए आवेदन निरस्त नहीं किए जा सकेंगे।
इसके अतिरिक्त शून्य प्रगति वाली बैंक शाखाओं की पहचान कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक सुधारात्मक कार्यवाही के निर्देश दिए गए।
मा० मंत्री जी ने सभी अधिकारियों एवं बैंकर्स से अपेक्षा की कि वित्तीय वर्ष की समाप्ति से पूर्व लंबित एवं स्वीकृत प्रकरणों का शत-प्रतिशत निस्तारण सुनिश्चित करते हुए योजना के लक्ष्यों की प्राप्ति में पूर्ण सहयोग प्रदान करें। अंत में मंडलायुक्त ने सभी उपस्थित अधिकारियों, बैंकर्स एवं सीएम युवा फेलोज का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए बैठक समाप्ति की घोषणा की।


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