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विश्व रंगमंच दिवस उत्सव का हुआ समापन

न्याय धारा/कानपुर नगर। रविवार 29मार्च 2026 (सूत्र/संवाददाता) सूर्य उत्तरायण, चैत्र मास शुक्ल पक्ष की एकादशी, बसंत ऋतु २०८३ रौद्र नाम संवत्सर। कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक के मार्गदर्शन में स्वामी हरिदास संगीत एवं नाट्य अकादमी (SHSNA), सीएसजेएमयू द्वारा विश्व रंगमंच दिवस उत्सव का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का उद्देश्य रंगमंच को रचनात्मक अभिव्यक्ति, सामाजिक संवाद तथा सांस्कृतिक सहभागिता के सशक्त माध्यम के रूप में प्रस्तुत करना था।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं स्वागत उद्बोधन के साथ हुआ, जिसमें अकादमी के निदेशक डॉ. राज कुमार त्रिपाठी ने रंगमंच की शैक्षणिक एवं सामाजिक प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में वरिष्ठ आयुर्वेदाचार्य डॉ. वंदना पाठक तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रख्यात रंगकर्मी एवं प्राध्यापक डॉ. मीत कमल की गरिमामयी उपस्थिति रही। दोनों अतिथियों ने अपने संबोधन में रंगमंच को विचार, संवेदना और सामाजिक जागरूकता का प्रभावी माध्यम बताया।

कार्यक्रम में डॉ. रश्मि गोरे (विभागाध्यक्ष, संगीत) एवं डॉ. मिठाई लाल (विभागाध्यक्ष, ललित कला) का मार्गदर्शन एवं सहयोग विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की शुरुआत संगीत प्रील्यूड से हुई, जिसमें अनूप, रचित एवं आराध्या द्वारा सरस्वती वंदना एवं संगीतमय प्रस्तुति दी गई। इसके पश्चात मनु सोमानी द्वारा कथक (गणेश वंदना) की प्रस्तुति ने कार्यक्रम को ऊर्जा प्रदान की। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण सर्वेश्वर दयाल सक्सेना के नाटक “हवालात” का मंचन रहा, जिसका निर्देशन विकेश बाजपेयी ने किया। यह प्रस्तुति अपनी सादगीपूर्ण प्रस्तुति, सशक्त अभिनय और सामाजिक व्यंग्य के माध्यम से दर्शकों पर गहरा प्रभाव छोड़ने में सफल रही। कार्यक्रम का संचालन सहायक प्राध्यापक (रंगमंच) आशीष आत्रेय द्वारा किया गया।

कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ,* जिसमें आयोजन समिति, संकाय सदस्यों, विद्यार्थियों एवं विश्वविद्यालय प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया गया। यह आयोजन अकादमी की कला, शिक्षा और सामाजिक सरोकारों के समन्वय की प्रतिबद्धता को दर्शाता है तथा रंगमंच के क्षेत्र में नई संभावनाओं के द्वार खोलता है।

जल्द ही शुरू होगा थियेटर में बैचलर कोर्स

संगीत विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ रश्मि गोरे के अनुसार आगामी अकादमिक सत्र से संगीत विभाग में बैचलर ऑफ परफॉर्मिंग आर्ट्स (बी.पी.ए.) इन थिएटर शुरू किया जायेगा।

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