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सीएसजेएमयू कानपुर का एनएसएस यूनिट 3 विवेकानन्द शिविर का द्वितीय दिवस

न्याय धारा/कानपुर नगर। रविवार 08मार्च 2026 (सूत्र/सूवि /पीआईबी) सूर्य उत्तरायण, चैत्र मास कृष्ण पक्ष की पंचमी, बसंत ऋतु २०८२ कालयुक्त नाम संवत्सर। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई 3 विवेकानंद द्वारा शिवदीनपुरवा ग्राम में आयोजित सात दिवसीय विशेष एनएसएस शिविर का द्वितीय दिवस  उत्साहपूर्वक संपन्न हुआ। इस दिन की गतिविधियों का मुख्य उद्देश्य महिला स्वास्थ्य, जागरूकता, पोषण, महिला सशक्तिकरण, स्व-रोजगार तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति समाज को जागरूक करना रहा।

कार्यक्रम में ग्राम प्रधान की पत्नी श्रीमती रेनू निषाद तथा प्रधान प्रतिनिधि श्रीमती ज्योति भी विशेष रूप से उपस्थित रहीं। उन्होंने स्वयंसेवकों के साथ वृक्षारोपण कार्यक्रम में भाग लिया, पौधे लगाए तथा गांव के बच्चों और एनएसएस स्वयंसेवकों को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के महत्व के बारे में प्रेरित किया।

इस अवसर पर स्वयंसेवकों द्वारा औक्तअंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के महत्व पर परिचर्चा आयोजित की गई। इसमें महिलाओं के अधिकार, समाज में उनकी भूमिका, महिला सशक्तिकरण और स्व-रोजगार के अवसरों के बारे में ग्रामीण महिलाओं और युवतियों को जागरूक किया गया। स्वयंसेवकों ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए छोटे-छोटे स्वरोजगार के माध्यमों के बारे में भी जानकारी दी।

साथ ही महिला स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। स्वयंसेवकों ने  रजोनिवृत्ति के बारे में जानकारी दी तथा महिलाओं को इससे जुड़े शारीरिक और मानसिक परिवर्तनों के बारे में बताया। इसके साथ ही पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम के कारण, लक्षण और बचाव के उपायों पर भी चर्चा की गई। ग्रामीण महिलाओं को सर्वाइकल कैंसर और ब्रेस्ट कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के लक्षण, कारण और उनकी रोकथाम के उपायों के बारे में भी जागरूक किया गया।

महिलाओं के लिए स्वस्थ भोजन और पोषण के महत्व पर भी विशेष जानकारी दी गई, जिसमें बताया गया कि संतुलित आहार और पोषक तत्वों से भरपूर भोजन महिलाओं के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए कितना आवश्यक है।

इसके पश्चात वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें स्वयंसेवकों और ग्रामवासियों ने मिलकर पौधे लगाए। इस दौरान पेड़ों के महत्व पर भी जागरूकता वार्ता आयोजित की गई, जिसमें बताया गया कि पेड़ पर्यावरण को स्वच्छ बनाए रखने, जलवायु संतुलन बनाए रखने तथा मानव स्वास्थ्य के लिए कितने महत्वपूर्ण हैं।

इस अवसर पर एक लड़की एक पेड़” पहल के अंतर्गत प्रत्येक बालिका को कम से कम एक पौधा लगाने के लिए प्रेरित किया गया। वृक्षारोपण के बाद स्वयंसेवकों ने लगाए गए पौधों को पानी देकर उनकी देखभाल भी की, ताकि वे स्वस्थ रूप से विकसित हो सकें।

शिविर के दौरान सभी स्वयंसेवकों ने मिलकर नाश्ता, दोपहर का भोजन और अल्पाहार की स्वयं तैयार की। इस सामूहिक गतिविधि से छात्रों में सहयोग, आत्मनिर्भरता और टीम भावना का विकास हुआ तथा सभी स्वयंसेवकों ने मिलकर पूरे उत्साह के साथ दिनभर की गतिविधियों को सफल बनाया।

अंत में स्वयंसेवकों ने दिनभर की गतिविधियों की समीक्षा की और ग्रामीणों को महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य जागरूकता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। दिन का समापन सभी स्वयंसेवकों द्वारा राष्ट्रीय गीत के सामूहिक गायन के साथ किया गया, जिससे पूरे वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा और उत्साह का संचार हुआ।

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