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मिशन एडमिशन 2026-27 के तहत पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग की जानकारी

न्याय धारा/कानपुर नगर। मंगलमय 31मार्च 2026 (सूत्र/सूवि/पीआईबी) सूर्य उत्तरायण, चैत्र मास शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी, बसंत ऋतु २०८३ रौद्र नाम संवत्सर।  मीडिया के क्षेत्र में कदम रखकर टीवी पर सितारों की तरह चमकना कौन नहीं चाहता, लेकिन अवसरों और धनाभाव में बहुत सारे युवाओं की ये तमन्ना अधूरी ही रह जाती है। ऐसे में अगर आप युवा हैं और आपकी भी इच्छा ग्लैमर और लाइम लाइट की दुनियां में जाकर चमकने की है तो अब आपको कहीं भटकने की जरूरत नहीं है। 

छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर लेकर आया आपके लिए एक ऐसा स्वर्णिम अवसर जिसमें आप बन सकते हैं भविष्य के सफल पत्रकार, दुनियां आपको देखेगी टीवी पर, प्रसिद्ध अखबारों में पढ़े जायेंगे आपके लिखें लेख और आप भी बनेंगे फिल्मों का हिस्सा वो भी बिल्कुल न्यूनतम खर्च पर। चलिए जानते हैं आखिर ये होगा कैसे...?

प्राप्त जानकारी के मुताबिक छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर के पत्रकारिता विभाग में सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। ऐसे में जो विद्यार्थी पत्रकारिता में करियर बनाकर अपने सपनों को उड़ान देना चाहते हैं उनके लिए ये शानदार मौका है। जिसमें वो विद्यार्थी जिन्होने इस वर्ष ही अपनी इंटरमीडिएट परीक्षा किसी भी स्ट्रीम में पास की है, उनके लिए न्यूनतम शुल्क पर ही विश्वविद्यालय में पत्रकारिता एवं जनसंचार का स्नातक स्तरीय (BAJMC) कोर्स उपलब्ध है और जिन विद्यार्थियों ने किसी भी स्ट्रीम में अपनी स्नातक परीक्षा पास कर ली है, उनके लिए पत्रकारिता एवं जनसंचार का परास्नातक स्तर पर (MAJMC) कोर्स उपलब्ध है। इसके अलावा छात्रों की सुविधा के लिए विभाग में न्यूनतम शुल्क पर ही परास्नातक स्तरीय 1 वर्षीय डिप्लोमा कोर्स, लेटरल इंट्री PG कोर्स भी उपलब्ध हैं, जो कि कम समय में ही विद्यार्थियों को मीडिया के क्षेत्र में पारंगत कर देंगे और आप दुनियां की चमचमाती लाइम लाइट में प्रसिद्धि के आसमान को जल्द छू सकेंगे। इसके साथ फ़िल्म मेकिंग में भी दो वर्षीय परास्नातक का कोर्स कर सकते हैं

विभाग में मौजूद है विभाग का अपना शानदार स्टूडियो

विभाग में न सिर्फ विद्यार्थियों को पत्रकारिता से जुड़ी बोलने व लिखने की कला सहित शब्द संकलन की बारीकियां सिखाई जाती हैं बल्कि उन्हें विभाग के स्टूडियो में प्रायोगिक कक्षाओं के माध्यम से एंकरिंग से लेकर, ग्राफिक डिजाइनिंग, PCR कंट्रोल, कैमरा चलाना, रिपोर्टिंग वॉइस ओवर करना इत्यादि भी बहुत ही अच्छे व योग्य प्रोफेसरों के माध्यम से सिखाया जाता है, जिससे विद्यार्थियों को आने वाली कठिनाइयों को दूर करने में मदद मिलती है। 

फील्ड में आने के बाद अवसरों कि भरमार

रोजगार की दृष्टि से इस फील्ड की सबसे खास बात ये है कि इसमें करियर की असीम संभावनाएं हैं और प्रतिस्पर्धा भी कम है

वैसे आम तौर पर लोगों को लगता है की जो एंकर टीवी पर आकर खबर सुना रहा है वही सबकुछ है लेकिन ऐसा नहीं है। क्या आप जानते हैं कि एक खबर को तैयार करने के लिए एक पूरी टीम काम करती है। ये संख्या सैकड़ो से लेकर हजारों में भी हो सकती है, जोकि आम खबर को दर्शकों तक प्रोफेशनल खबर की तरह पेश करती है। आइये जानते हैं कि इस पूरी प्रक्रिया के लिए हम किस तरह और कौन कौन से रोजगार पा सकते हैं। स्नातक स्तरीय BAJMC और परास्नातक स्तरीय MAJMC कोर्स करने के बाद आप किसी भी अखबार में न्यूजराइटर, कॉपी एडिटर, कंटेंटराइटर, फोटो एडिटर, रिपोर्टर जैसी पोस्ट पर अपनी सेवाएं दे सकते हैं। इसके अलावा बड़े बड़े TV News चैनलों में जाकर आप एंकर, न्यूज़ रीडर, PCR कंट्रोलर, रिपोर्टर, ग्राफिक्स डिजाइनर, वीडिओ एडिटर, फोटो एडिटर, टिकर राइटर, वॉइस ओवर आर्टिस्ट, कैमरामैन, इत्यादि पोस्ट के लिए भी अपनी सेवाएं देकर रोजगार प्राप्त कर सकते और नाम कमा सकते हैं। 

पत्रकारिता विभाग की अब तक की उपलब्धियां

वैसे तो विश्वविद्यालय ने हमेशा से शिक्षा के क्षेत्र में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है और देश के विभिन्न विभागों को अभिसिंचित करने वाले बहुत से छात्र दिए हैं। लेकिन अगर बात पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग की की जाये तो यह विभाग अपनी स्थापना के समय से ही होनहारों को दिशा देकर सफल पत्रकार बनाने में अग्रणी रहा है। देश में समाचार सेवाएं प्रदान करने वाली न्यूज़ एजेंसियां हों, टीवी चैनल हों, रेडियो हो, समाचार पत्र हों, डिजिटल प्लेटफार्म या प्रशासनिक पद सभी जगहों पर विभाग से शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थी आज अपनी सेवाएं प्रदान कर न सिर्फ रोजगार प्राप्त कर रहे हैं बल्कि अपनी सेवाओं से विभाग और विश्वविद्यालय को भी गौरवान्तित कर रहे हैं।

पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यक्ष डॉ दिवाकर अवस्थी ने बताया कि आज विभाग से शिक्षा प्राप्त कर चुके छात्र जहाँ टीवी न्यूज़ चैनलों में दूरदर्शन, आज तक, जी न्यूज़, इंडिया टीवी, रिपब्लिक भारत, ndtv, न्यूज़ 24, न्यूज़ नेशन जैसे बड़े मीडिया हाउसों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं, तो वहीं प्रिंट मीडिया में दैनिक जागरण, अमर उजाला, हिंदुस्तान, दैनिक भाष्कर और आज जैसे प्रतिष्ठित अखबारों में, विविध भारती, FM आदि के उच्च पदस्थ होकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं। विभाग के अनुभवी प्रोफेसरों के मार्गदर्शन में होने वाले छात्रों के कौशल विकास का ही परिणाम है की छात्र न केवल मीडिया के क्षेत्र में यश कमा रहे हैं बल्कि यहाँ से निकले हुए छात्र प्रशासनिक विभागों में PCS, देश के प्रतिष्ठित अनुसन्धान संस्थान इसरो में SRO की पोस्ट पर अपना योगदान दे रहे हैं। इसके अलावा यहाँ के पूर्व छात्र NET/JRF जैसी परीक्षाओं में सफलता हासिल कर अनगिनत उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं, जो ये दिखाता है कि विभाग कितने समर्पित भाव से अपने विद्यार्थियों को निखारने में अपना योगदान दे रहा है।

विभाग में वर्तमान में उपलब्ध कोर्स की सूची

1. स्नातक स्तरीय कोर्स

    बैचलर ऑफ़ आर्ट्स जर्नलिज्म & मास कम्युनिकेशन (BAJMC)  योग्यता: इंटरमीडिएट  अवधि: 3 वर्ष  कुल सीटें: 50 शल्क: 31200/ प्रति वर्ष

2. परास्नातक स्तरीय कोर्स

     मास्टर ऑफ़ आर्ट्स जर्नलिस्म & मास कम्युनिकेशन ( MAJMC)  योग्यता: किसी भी स्ट्रीम में स्नातक कोर्स अवधि: 2 साल सीटों की संख्या: 50 शुल्क: 41200/- प्रतिवर्ष

3. परास्नातक स्तरीय लेटरल इंट्री

    योग्यता: परास्नातक स्तरीय 1 year जर्नलिज्म डिप्लोम कोर्स अवधि: 1 साल  सीटों की संख्या: 10  शुल्क: 42200/- प्रतिवर्ऊ

4. परास्नातक स्तरीय फ़िल्ममेकिंग डिग्री

     योग्यता: स्नातक  कोर्स अवधि: 2 साल सीटों की संख्या: 30 शुल्क: 51200/-प्रतिवर्ष

5. परास्नातक स्तरीय डिप्लोमा कोर्स पीजीडीजेएमसी

    योग्यता: स्नातक  कोर्स अवधि: 1 वर्ष  सीटों की संख्या: 30  शुल्क: 42200/- प्रतिवर्ष

इसके अलावा अगर आप और भी अधिक जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं तो विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एव जनसंचार विभाग जाकर भी आप पता कर सकते हैं। प्रवेश समन्वयक की जिम्मेदारी डॉ ओमशंकर गुप्ता को दी गयी है।

एआई जर्नलिज्म एवं हेल्थ कम्युनिकेशन भी होगा पढ़ाई का हिस्सा

जनसंचार एवं पत्रकारिता विभाग में संचालित परास्नातक पाठ्यक्रम में एआई जर्नलिज्म एवं हेल्थ कम्युनिकेशन दो विषयों को जोड़ा जा रहा है । सत्र 2026-27 में इन दोनों विषयों को पाठ्यक्रम में जोड़ने के उपरांत विशेषज्ञ छात्रों को इसके व्यावहारिक पक्ष के बारे में जानकारी देंगे । साथ ही भारतीय ज्ञान परंपरा को भी पाठ्यक्रम में जोड़ते हुए पत्रकारिता में भारतीयता के विचार के साथ काम करने वाले नामचीन पत्रकार भी पाठ्यक्रम का हिस्सा होंगे।

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