न्याय धारा/कानपुर नगर। बुधवार 25फरवरी 2026 (सूत्र/संवाददाता) सूर्य उत्तरायण, फाल्गुन मास शुक्ल पक्ष की नवमी (होलाष्टमी प्रारम्भ), बसंत ऋतु २०८२ कालयुक्त नाम संवत्सर। कृषि क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग को नई दिशा देते हुए छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय के छत्रपति शाहू जी महाराज इनोवेशन फाउंडेशन (सीएसजेएमआईएफ) और एग्रीटेक कंपनी Nkosh ने संयुक्त रूप से ‘Nkosh Kisaan AI’ प्लेटफॉर्म की लांचिंग बुधवार को सेंटर फॉर एकेडमिक में आयोजित प्रेसवार्ता में की गयी। यह किसान-केंद्रित डिजिटल पहल खेत-स्तर पर त्वरित, सटीक और व्यवहारिक सलाह उपलब्ध कराने का दावा करता है।
इस मौके पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.विनय कुमार पाठक ने कहा कि यह संयुक्त पहल छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय के नवाचार एवं सामाजिक उत्तरदायित्व मॉडल को मजबूत करती है। इसे राष्ट्रीय शिक्षा नीति–2020 की भावना के अनुरूप तकनीक को समाज से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
11 भाषाओं में उपलब्ध, मातृभाषा में सलाह:
‘Nkosh Kisaan AI’ 11 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध है। इससे विभिन्न राज्यों के किसान अपनी मातृभाषा में फसल प्रबंधन, उर्वरक उपयोग, रोग नियंत्रण और बाजार रणनीति जैसी जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि भाषा बाधा हटने से तकनीक की पहुंच गांव-गांव तक सुनिश्चित होगी।
बोवाई से कटाई तक डिजिटल मार्गदर्शन:
यह एआई प्लेटफॉर्म फसल चयन, बीज बोवाई, उर्वरक एवं कीटनाशक की उचित मात्रा, रोग एवं कीट पहचान, मौसमी रणनीति और कटाई योजना तक संपूर्ण मार्गदर्शन देगा। साथ ही मंडी भाव और बाजार अपडेट की सुविधा भी उपलब्ध होगी, जिससे किसान बेहतर मूल्य निर्धारण कर सकेंगे।
परियोजना से जुड़े विशेषज्ञों ने बताया कि मॉडल को वास्तविक खेतों में परीक्षण और किसानों के फीडबैक के आधार पर विकसित किया गया है। डेयरी, बागवानी, फ्लोरिकल्चर और गार्डनिंग जैसे क्षेत्रों में भी इसके उपयोग की संभावनाएं हैं।
जल्द जुड़ेंगी उन्नत सुविधाएं:
डेवलपर्स के अनुसार आगामी चरण में व्हाट्सएप इंटीग्रेशन, वॉइस कॉल सपोर्ट, कैमरा आधारित फसल रोग पहचान, मिट्टी जांच इंटीग्रेशन और विशेषज्ञ एग्रोनॉमिस्ट परामर्श जैसी सुविधाएं जोड़ी जाएंगी। इससे कम डिजिटल साक्षरता वाले किसान भी आसानी से इसका लाभ उठा सकेंगे।
50 हजार किसानों तक पहुंचने का लक्ष्य:
विशेषज्ञों का अनुमान है कि एआई आधारित सटीक सलाह से खेती की लागत में 20–30 प्रतिशत तक कमी और उत्पादन में 15–25 प्रतिशत तक वृद्धि संभव है। प्रारंभिक चरण में 50,000 से अधिक किसानों तक इस तकनीक को पहुंचाने की योजना है।
‘Nkosh Kisaan AI’ ऐप और आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से किसान निःशुल्क परीक्षण कर सकते हैं। 50 से अधिक कृषि सारथी केंद्रों और 162 एफपीओ नेटवर्क के जरिए इसे देशभर में विस्तार देने की रणनीति तैयार की गई है। इस मौके पर विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति प्रो.सुधीर कुमार अवस्थी, कुलसचिव राकेश कुमार मिश्रा, एन कोश के संस्थापक श्री आशुतोष तिवारी, सीएसजेएम इनोवेशन फाउंडेशन से मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ० दिव्यांश शुक्ला, प्रोग्राम ऑपरेशन मैनेजर प्रभाकर सिंह, इनक्यूबेशन मैनेजर अनिल त्रिपाठी, इनोवेशन ऑफिसर शैलेंद्र यादव इत्यादि मौजूद रहे

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