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मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में एच.आई.वी. परीक्षण EQAS कार्यशाला का आयोजन

न्याय धारा/कानपुर नगर। बुधवार 18फरवरी 2026 (सूत्र/संवाददाता) सूर्य उत्तरायण, फाल्गुन मास शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा, बसंत ऋतु २०८२ कालयुक्त नाम संवत्सर। आज जी.एस.वी.एम. मेडिकल कॉलेज, कानपुर के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में, एन.ए.बी.एल. द्वारा मान्यता प्राप्त,  एच.आई.वी. टेस्टिंग - स्टेट रेफरेंस लेबोरेटरी (एस.आर.एल.) द्वारा, डिस्ट्रिक्ट लेवल एच.आई.वी. परीक्षण EQAS कार्यशाला का, भव्य एवं सफल आयोजन किया गया।

इस महत्वपूर्ण शैक्षणिक पहल में, स्टेट रेफरेंस लेबोरेटरी (एस.आर.एल.) से संबद्ध, 07 जनपदों -कानपुर नगर, कानपुर देहात, औरैया, इटावा, कन्नौज, फर्रुखाबाद एवं उन्नाव के, लगभग 35 ICTC/HCTS केंद्रों के लगभग पचास लैब टेक्नीशियनों ने, सक्रिय सहभागिता कर अपनी प्रतिबद्धता प्रदर्शित की। यह आयोजन गुणवत्ता, सटीकता एवं जनस्वास्थ्य सुरक्षा के प्रति संस्थान की अटूट निष्ठा का सशक्त प्रमाण रहा।

यह कार्यशाला  का शुभारंभ, माइक्रोबायोलॉजी विभाग की विभागाध्यक्ष डा० मधु यादव एवं इस कार्यशाला के आयोजन सचिव - डॉ. (प्रो.) विकास मिश्रा  द्वारा, विशिष्ट अतिथियों, पैट्रन एवं प्राचार्य डा० संजय काला, प्रमुख अधीक्षक -लाला लाजपत राय तथा संबंधित चिकित्सालय डा० सौरभ अग्रवाल, का औपचारिक स्वागत कर किया गया। उनके प्रेरणादायी उद्बोधन ने, कार्यशाला को उत्कृष्ट दिशा एवं उद्देश्य प्रदान किया। माइक्रोबायोलॉजी विभाग की विभागाध्यक्ष, डा० मधु यादव ने इस कार्यशाला के सभी प्रतिनिधियों का स्वागत किया।  उनने स्पष्ट किया कि, EQAS (External Quality Assurance Scheme) एक ऐसी सुदृढ़ प्रणाली है, जो यह सुनिश्चित करती है कि एच.आई.वी. परीक्षण निर्धारित मानकों के अनुरूप, पूर्णतः सटीक, विश्वसनीय एवं प्रमाणित विधियों से संपन्न हो।

इस कार्यशाला के तकनीकी सत्र में, डा० विकास मिश्रा, वरिष्ठ प्रोफेसर, माइक्रोबायोलॉजी विभाग ने, प्रतिभागियों को एच.आई.वी. परीक्षण हेतु, नमूना संग्रहण की मानक विधियाँ, परीक्षण गुणवत्ता संवर्धन की रणनीतियाँ तथा EQAS प्रबंधन के व्यावहारिक आयामों पर, विस्तारपूर्वक प्रशिक्षण प्रदान किया गया।

डा० (प्रो०) विकास मिश्रा ने, एच.आई.वी. परीक्षण की मानकीकृत प्रक्रियाओं पर, अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं प्रभावी व्याख्यान प्रस्तुत किया, जिसने प्रतिभागियों की दक्षता को नवीन आयाम प्रदान किए।

डा० हिमांशी प्रकाश द्वारा, बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट पर दिया गया व्याख्यान, संक्रमण नियंत्रण एवं पर्यावरणीय उत्तरदायित्व के प्रति, सजगता का उत्कृष्ट उदाहरण रहा। तत्पश्चात टेक्निकल ऑफिसर  इसराफ़ा हुसैन खान द्वारा, एस.आर.एल. कार्यक्रम के अंतर्गत, लैब टेक्नीशियनों की भूमिका, दायित्व एवं उत्तरदायित्वों पर प्रकाश डाला गया, जिससे प्रतिभागियों को, अपने कार्य की संवेदनशीलता एवं महत्ता का सम्यक बोध हुआ।

कार्यक्रम में माइक्रोबायोलॉजी विभाग के संकाय सदस्य डा० सुरैया खानम अंसारी, डा० रजनी सिंह, डा० रुचि गुप्ता, डा० मनोज कुमार, डा० दीप्ति मिश्रा तथा समस्त रेजिडेंट्स की गरिमामयी उपस्थिति ने, आयोजन की शैक्षणिक गरिमा को और अधिक ऊँचाई प्रदान की।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर, आयोजन सचिव डा० (प्रो०) विकास मिश्रा ने सभी प्रतिभागियों, वक्ताओं एवं सहयोगियों के प्रति औपचारिक आभार ज्ञापित करते हुए कहा कि, यह कार्यशाला न केवल तकनीकी दक्षता का संवर्धन है, बल्कि जनस्वास्थ्य संरक्षण के प्रति हमारी सामूहिक प्रतिबद्धता का सशक्त उद्घोष भी है।

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