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जिलाधिकारी के आदेश पर हुई कार्रवाई, लीज अवधि समाप्त, रेंट भी नहीं जमा

न्याय धारा/कानपुर नगर। गुरुवार 19फरवरी 2026 (सूत्र/सूवि /पीआईबी) सूर्य उत्तरायण, फाल्गुन मास शुक्ल पक्ष की द्वितीया, बसंत ऋतु २०८२ कालयुक्त नाम संवत्सर। शहर के प्रमुख शहरी क्षेत्रों में स्थित लगभग 11.26 हेक्टेयर बहुमूल्य नजूल भूमि पर प्रशासन ने निर्णायक कार्रवाई करते हुए पुनर्प्रवेश कर कब्जा ले लिया। यह भूमि ऐतिहासिक ब्रिटिश इंडिया कॉर्पोरेशन (बीआईसी) की मिल परिसंपत्तियों से संबंधित है और सिविल लाइंस, कूपरगंज व चुन्नीगंज क्षेत्र में स्थित 11 भूखंडों में फैली हुई है। इस भूमि का प्रयोग विभिन्न सरकारी परियोजनाओं में किया जाएगा।

जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह द्वारा पारित आदेश के अनुपालन में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/एसडीएम सदर अनुभव सिंह व तहसीलदार सदर विनय द्विवेदी के नेतृत्व में राजस्व एवं नजूल विभाग की संयुक्त टीम ने ब्लॉक संख्या 9, 11, 13 एवं 82-85 में स्थित इन भूखंडों पर मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। प्रत्येक भूखंड पर सरकारी संपत्ति/नजूल भूमि होने का सूचनापट्ट स्थापित किया गया और विधिवत कब्जा हस्तगत कर लिया गया।

आदेश में स्पष्ट किया गया है कि इन 11 संपत्तियों की पट्टा अवधि समाप्त हो चुकी थी। न तो लिक्विडेटर नियुक्त था, न फ्री-होल्ड कराने हेतु कोई धनराशि जमा की गई थी और न ही पट्टावधि विस्तार के लिए कोई वैध आवेदन नजूल अनुभाग में उपलब्ध था। लीज रेंट भी जमा नहीं किए गए थे तथा मौके पर व्यावसायिक गतिविधियां संचालित पाई गईं, जो पट्टे की शर्तों के विपरीत हैं।

शासन के 16 जनवरी 2026 के निर्देशों के अनुपालन में इन सभी भूखंडों पर पुनर्प्रवेश करते हुए उन्हें स्पष्ट रूप से अनावंटित सरकारी भूमि के रूप में दर्ज कर लिया गया है। अब इन भूखंडों का प्रबंधन पूर्णतः शासकीय नियंत्रण में रहेगा और अभिलेखीय प्रविष्टियों की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है।

उल्लेखनीय है कि ब्रिटिश इंडिया कॉर्पोरेशन की मिल परिसंपत्तियों से जुड़ी यह भूमि लंबे समय से वैधानिक परीक्षण के दायरे में थी। नजूल मैनुअल के प्रावधानों के अनुसार शाश्वत पट्टा प्रतिबंधित है तथा निर्धारित सीमा से अधिक अवधि का नवीनीकरण संभव नहीं है।

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