Customised Ads
सीएसजेएमयू के एनएसएस स्वयंसेवकों ने बच्चों को पढ़ाया का पाठ

न्याय धारा/कानपुर नगर। गुरुवार 26फरवरी 2026 (सूत्र/संवाददाता) सूर्य उत्तरायण, फाल्गुन मास शुक्ल पक्ष की दसमी (होलाष्टमी प्रारम्भ), बसंत ऋतु २०८२ कालयुक्त नाम संवत्सर।  छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) की इकाई-3 'विवेकानंद' द्वारा गुरुवार को ग्राम शिवदीनपुरवा में एक दिवसीय विशेष शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर के माध्यम से स्वयंसेवकों ने न केवल ग्रामीण बच्चों के चेहरों पर मुस्कान बिखेरी, बल्कि उन्हें भारतीय गौरवशाली परंपराओं और आधुनिक शिक्षा के महत्व से भी रूबरू कराया।

शिविर के अंतर्गत एनएसएस स्वयंसेवकों ने ग्राम शिवदीनपुरवा के प्राथमिक विद्यालय का भ्रमण किया, जहाँ उन्होंने विद्यार्थियों से संवाद स्थापित किया एवं उन्हें शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूक किया। कार्यक्रम के दौरान स्वयंसेवकों ने उपस्थित बच्चों को रंगों के इस पारंपरिक पर्व होली के ऐतिहासिक, धार्मिक एवं सामाजिक महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह उत्सव बुराई पर अच्छाई की विजय, आपसी प्रेम, भाईचारे और सामाजिक समरसता का प्रतीक है।

स्वयंसेवकों ने भारतीय लोक कथाओं, सांस्कृतिक गतिविधियों, संवाद एवं प्रेरक प्रस्तुतियों के माध्यम से बच्चों को भारतीय संस्कृति और नैतिक मूल्यों से जोड़ने का प्रयास किया। रंगों के उत्सव के माध्यम से भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के प्रसार पर विशेष बल दिया गया। स्वयंसेवकों ने यह संदेश भी दिया कि ऐसे पारंपरिक अवसर समाज में आपसी संबंधों को सुदृढ़ करने एवं सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

इस अवसर पर बच्चों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए स्वयंसेवकों के प्रयासों की सराहना की तथा सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण एवं समाजहित में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया। स्वयंसेवकों ने भी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें निरंतर शिक्षा एवं संस्कारों के मार्ग पर अग्रसर रहने के लिए प्रेरित किया। इस एक दिवसीय शिविर में एनएसएस स्वयंसेवकों की सक्रिय एवं सराहनीय सहभागिता रही। इस अवसर पर कार्यक्रम प्रभारी डॉ. रंजना गौतम समेत अन्य छात्र छात्राएं मौजूद रहे।

टिप्पणियाँ