प्रेस वार्ता के माध्यम से एडीसीपी ट्रैफिक राजेश कुमार पाण्डेय डे ने बताया की कानपुर की यातायात व्यवस्था को सुचारू, दुरुस्त और सुरक्षित करने के लिए ई-रिक्शा और ई ऑटो के रूट को 7 भागों में बांटा गया है ताकि महानगर के सभी क्षेत्रों में समान रूप से यातायात होता रहे एक ही स्थान पर अत्यधिक वाहनों के आने से जाम ना लगे।एडीसीपी ट्रैफिक राजेश कुमार पाण्डेय ने बताया कि सात प्रकार के स्टीकर बनाए गए हैं जिसमें रूट और बारकोड के साथ एक नंबर भी दिया गया है जिसका डुप्लीकेट नहीं बन सकता है यह स्टिकर पंजीकृत ई रिक्शा और ई ऑटो को बिना किसी पैसे के इशू किए जाएंगे।
यह कार्य यंग इंडिया के सहयोग से हो रहा है और रूट निर्धारण से कानपुर महानगर के यातायात पर एक बिंदु पर बोझ नहीं पड़ेगा और जाम लगने की संभावनाएं कम होगी। उन्होंने बताया कि हाई कोर्ट के निर्देश के अनुसार ई रिक्शा चालकों को प्रशिक्षित करने का भी प्रावधान है ताकि ट्रैफिक सुरक्षित रहे क्योंकि इसकी बनावट इतनी पतली है जिसके कारण आए दिन ये गिर जाते हैं पलट जाते हैं।
उन्होंने कहा कि ई रिक्शा और ई ऑटो चलाक जो भी है वो कम अर्निंग करने वाले है वेरोजगार है उन्हीं लोगों द्वारा यह चलाया जा रहा है लेकिन उनको व्यवस्थित चलाने के लिए मेरे द्वारा क्यूआर कोड कलर कोड जारी किया जा रहा है जिससे उनकों जो क्षेत्र निर्धारित किया जा रहा है वह उसी में रहकर अपने रुट में रिक्शा चलाएं। यह प्रणाली लागू होने से यात्रियों और ई रिक्शा चालकों दोनों को लाभ मिलेगा जबकि बनारस में यह प्रणाली सफलतापूर्वक संचालित हो रही है।
कलर कोड स्टीकर प्राप्त करने के लिए संबंधित थाने में अथवा सहायक पुलिस आयुक्त यातायात कार्यालय मे गाड़ी के कागज इंश्योरेंस सहित आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और फिटनेस प्रमाण पत्र आदि प्रस्तुत करने पर निशुल्क संबंधित रूट का क्यूआर कोड युक्त कलर स्टीकर जारी किया जाएगा। इस अभियान में यंग इंडिया के संचित अग्रवाल अध्यक्ष, यश सह-अध्यक्ष, तुषार, सड़क सुरक्षा के अध्यक्ष, मयंक सड़क सुरक्षा के अध्यक्ष, तनुशेष सड़क सुरक्षा के सह-अध्यक्ष आदि का इस अभियान में ट्रैफिक पुलिस के साथ विशेष सहयोग है। शिकायत एवं असुविधा होने पर ट्रैफिक मीडिया हेल्पलाइन नंबर 9305104387 पर संपर्क कर सकते हैं।
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