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दृष्टिबाधित होने के बाद भी रवींद्र जैन ने संगीत की दुनियां में अमित छाप छोड़ी - सचिव राजेन्द्र अवस्थी

न्याय धारा/कानपुर नगर। शनिवार 28फरवरी 2026 (सूत्र/संवाददाता) सूर्य उत्तरायण, फाल्गुन मास शुक्ल पक्ष की द्वादशी (होलाष्टमी प्रारम्भ), बसंत ऋतु २०८२ कालयुक्त नाम संवत्सर। आज हिन्दी फिल्मों को दिग्गज संगीतकार, गीतकार एवं गायक पद्मश्री से सम्मानित रविन्द्र जैन जी के जन्मदिन के अवसर पर कला एवं संगीत प्रेमियों द्वारा रामेष्ट धाम केशव मधुवन वाटिका में उनके भजनों को गा कर उन्हें याद किया गया।

इस अवसर पर उनके साथ संगीत एवं गायन में सहभागी रहे भाई विजय सिंह जी भी उपस्थित रहे जिन्होंने उनके रचे भजनों को गाकर अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

समिति के सचिव राजेन्द्र अवस्थी ने बताया कि दृष्टिबाधित होने के बाद भी रवींद्र जैन जी ने संगीत की दुनियां में अमित छाप छोड़ी।रामानंद सागर के सीरियल रामायण में उनके द्वारा दिया गया संगीत अद्भुत है।राम तेरी गंगा मैली हो गई, गीत गाता चल, अखियों के झरोखों से,नदिया के पार आदि फिल्मों का संगीत अमिट व अविस्मरणीय है। ऐसे अदभुत कलाकारों का जन्म कभी कभी ही होता है।

इस अवसर पर जयराम दुबे, श्याम बिहारी शर्मा, वी के दीक्षित, चन्द्र भूषण मिश्रा, कृष्ण मुरारी शुक्ला, नीरज शर्मा आदि उपस्थित रहे।

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