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भगवान परशुराम महासभा कानपुर द्वारा फिल्म घूसखोर पंडित का जोरदार और कड़ा विरोध

कानपुर नगर। रविवार 08फरवरी 2026 (सूत्र/संवाददाता) सूर्य उत्तरायण, फाल्गुन मास कृष्ण पक्ष की सप्तमी, शिशिर ऋतु २०८२ कालयुक्त नाम संवत्सर। भगवान परशुराम महासभा कानपुर द्वारा श्याम नारायण शुक्ला की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में ओ टी टी प्लेटफॉर्म पर प्रदर्शित फिल्म घूसखोर पंडित का जोरदार एवं कड़े शब्दों में विरोध किया गया साथ ही फिल्म निर्माताओं एवं प्रदर्शित करने वाले जिम्मेदार के खिलाफ कड़ी कार्यवाही करने का अनुरोध किया गया ।साथ ही आगाह किया गया कि यदि फिल्म का प्रदर्शन नहीं रोका गया तो बड़े आंदोलन के साथ साथ कानूनी लड़ाई भी लड़ी जाएगी। 

आज की बैठक को सम्बोधित करते हुए महासभा के राष्ट्रीय संयोजक राजेन्द्र अवस्थी ने कहा कि आज ब्राह्मणों की उपेक्षा के साथ ही अपमानित करने का भी कुत्सित प्रयास किया जा रहा है।जिन ब्राह्मणों ने भारत की शैक्षणिक, धार्मिक, आध्यात्मिक सांस्कृतिक,सामाजिक, चेतना को जगाने के साथ साथ देश को संस्कारित करने में अपना पूरा जीवन लगा दिया आज इनको फिल्मों,राजनीतिक दलों एवं तमाम सारे अन्य माध्यमों से अपमानित करने का प्रयास किया जा रहा है।एक ब्राह्मण ने ही सदैव विश्व कल्याण की बात करते हुए दाधीच के रूप में अपनी हड्डियां तक दान कर दी,परशुराम जी ने क्षत्रिय राम को सारी शक्तियां प्रदान की,चाणक्य ने वंचित शोषित को भारत का राज्य सिंहासन दिलाया,शंकराचार्य ने अपने ज्ञान से समूचे राष्ट्र को भगवा ध्वज के नीचे ला कर खड़ा किया, चन्द्र शेखर आजाद, वीर सावरकर, मंगल पाण्डेय आदि देश की स्वाधीनता के लिए बलिदान हो गए आदि आदि...। आज उनको घूसखोर जैसे शब्दों से अपमानित किया जा रहा है। 

सबसे कष्ट एवं दुख की बात यह है कि पैसे ले लालच में अंधे होकर यह कार्य फिल्म का निर्माता एवं अभिनेता दोनों पंडित कर रहे है। जिनका सामाजिक विरोध व उपेक्षा करने के साथ ही इनकी आने वाली सभी फिल्मों का वहिष्कार किया जाना चाहिए। 

आज की बैठक में प्रमुखरूप जयराम दुबे,दीपक शुक्ला,राकेश बाजपेई,दिनेश अवस्थी, वी के शुक्ला, ए सी दुबे, रवि पाण्डेय,महेंद्र गुप्ता, सुशील चतुर्वेदी, प्रवीण मिश्रा, जितेंद्र अग्निहोत्री आदि उपस्थित रहे।

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