Customised Ads
पं दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि समर्पण दिवस के रूप में मनाई गई

कानपुर नगर। बुधवार 11फरवरी 2026 (सूत्र/संवाददाता) सूर्य उत्तरायण, फाल्गुन मास कृष्ण पक्ष की दसमी, शिशिर ऋतु २०८२ कालयुक्त नाम संवत्सर। भाजपा दक्षिण जिले द्वारा भारतीय जनसंघ के संस्थापक सदस्य पं. दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि समर्पण दिवस के रूप में मनाई गई। पार्टी कार्यकर्ताओं ने पं दीनदयाल उपाध्याय के चित्र पर माल्यार्पण कर उनको श्रद्धांजलि अर्पित की।

जनप्रतिनिधियों एवं प्रदेश, क्षेत्र, जिला, मण्डल पदाधिकारियों, शक्तिकेंद्र और बूथ कार्यकर्ताओं सहित सभी कार्यक्रम में शामिल होकर पार्टी के लिए तन-मन के समर्पण के संकल्प के साथ समर्पण राशि भी समर्पित की। 

केशव नगर के राधे ग्रीन गेस्ट हाऊस में भाजपा दक्षिण द्वारा आयोजित संगोष्ठी में कार्यकर्ताओं को पं दीनदयाल के जीवन परिचय के बारे में विस्तार से बताया गया। मुख्य अतिथि क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रकाश पाल, पूर्व मंत्री पं बालचंद्र मिश्र एवं दक्षिण जिलाध्यक्ष शिवराम सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर संगोष्ठी का शुभारंभ किया। सभी ने पं दीनदयाल उपाध्याय के चित्र के सम्मुख पुष्पांजलि कर उनको श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्य अतिथि भाजपा कानपुर बुंदेलखंड क्षेत्र के अध्यक्ष प्रकाश पाल ने संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि 25 सितंबर 1916 को जन्मे पं दीनदयाल उपाध्याय आधुनिक भारत के अंत्योदय और एकात्म मानववाद के प्रणेता थे। पं दीनदयाल देश की एकता और अखंडता के लिए सदैव समर्पित रहे हैं। उनका मानना था कि राष्ट्र की निर्धनता और अशिक्षा को दूर किए बिना वास्तविक उन्नति संभव नहीं है।

पंडित जी कहते थे कि भारतीयता, धर्म, धर्मराज्य, राष्ट्रवादी और अंत्योदय की अवधारणा से ही भारत को विश्व गुरु का स्थान हासिल हो सकता है। सभी के लिए शिक्षा और हर हाथ को काम, हर खेत को पानी के उनके दृष्टिकोण ने ही एक लोकतांत्रिक आर्थिक व्यवस्था में आत्मनिर्भर होने का मार्ग प्रशस्त किया है। दीन दयाल जी एक ऐसी व्यवस्था के विरोधी थे जो रोजगार के अवसर को कम करती है लेकिन सामाजिक समानता, पूंजी और सत्ता के विकेंद्रीकरण के पक्षधर थे। स्वतंत्रता, समानता और न्याय की गारंटी देने वाली भारतीय

संस्कृति पर उनका विचार बिल्कुल स्पष्ट था। भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी ने सुशासन के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में व ग्रामीणों का जीवन स्तर ऊंचा उठाने में दीन दयाल उपाध्याय जी के पदचिन्हों का अनुसरण किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शी मार्गदर्शन में देश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ‘‘लोकल से वोकल’’ का सपना देखना वास्तव में हमारे लिए खुशी की बात है। पीएम मोदी के नेतृत्व वाली सरकार दीन दयाल उपाध्याय के आदर्शों पर चल रही है।

दक्षिण जिलाध्यक्ष शिवराम सिंह ने कहा कि निर्धन और अशिक्षित लोगों की उन्नति के लिए अंत्योदय की कल्पना का सुझाव उन्होंने दिया था। उनका कहना था अनपढ़ और गरीब लोग हमारे लिए नारायण हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पंडित दीनदयाल की अंत्योदय को जन जन तक पहुंचाने का काम किया है।

प्रमुख रुप से पूनम द्विवेदी, पूर्व विधायक रघुनंदन भदौरिया, कौशल किशोर दीक्षित, भूपेंद्र त्रिपाठी, राम बहादुर यादव,गणेश शुक्ला, जसविंदर सिंह, मनीष त्रिपाठी, शिवम मिश्रा, अनुराग शुक्ला, अरविन्द वर्मा, अर्जुन बेरिया आदि मौजूद रहे।

टिप्पणियाँ