न्याय धारा/कानपुर नगर। शनिवार 28फरवरी 2026 (सूत्र/संवाददाता) सूर्य उत्तरायण, फाल्गुन मास शुक्ल पक्ष की द्वादशी (होलाष्टमी प्रारम्भ), बसंत ऋतु २०८२ कालयुक्त नाम संवत्सर। राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) के प्रोजेक्ट एंड एक्सटर्नल रिसोर्स जनरेशन सेल द्वारा सेंटर फॉर एकेडमिक में शनिवार को शोध परियोजनाओं हेतु एक करोड़ 20 लाख रुपये का अनुदान वितरित किया गया। इस अवसर पर 61 शिक्षकों को सीवी रमन अनुसंधान अनुदान स्वीकृति पत्र वितरित किया गया।
यह आयोजन महान वैज्ञानिक सी. वी. रमन की स्मृति को समर्पित रहा, जिनके नाम पर दिए जाने वाले सीवी रमन मेजर, माइनर एवं सीड ग्रांट के स्वीकृति पत्र वितरित किए गए।
इस शोध परियोजना के अंतर्गत 9 सी. वी. रमन मेजर, 42 सी. वी. रमन माइनर एवं 10 सी. वी. रमन सीड ग्रांट वितरित की गई। उल्लेखनीय है कि इस वर्ष की थीम "विकसित भारत के लिए महिलाओं को सशक्त बनाना" के अनुरूप 9 में से 6 प्रतिष्ठित मेजर ग्रांट महिला वैज्ञानिकों एवं शिक्षकों को प्रदान किए गए। कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के स्वागत से हुई। डॉ. अनुराधा कालानी, डीन प्रोजेक्ट्स ने पिछले एक वर्ष में प्रोजेक्ट सेल की उपलब्धियों को प्रस्तुत किया। वित्त अधिकारी ने अनुदान राशि के जिम्मेदार उपयोग पर बल दिया, जबकि आईक्यूएसी निदेशक ने स्कोपस एवं वेब ऑफ साइंस जैसी गुणवत्तापूर्ण शोध प्रकाशनों के महत्व को रेखांकित किया। प्रति कुलपति ने प्रतिभा पलायन को रोकने की आवश्यकता पर जोर देते हुए शोध को संस्थागत स्तर पर प्रोत्साहित करने की बात कही। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य के शोध कार्यों में सीवी रमन ग्रांट एवं विश्वविद्यालय का उल्लेख किया जाना चाहिए।
कुलपति महोदय ने अपने संबोधन में एआई आधारित शोध को जिम्मेदारी के साथ अपनाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि शोध रणनीतिक होना चाहिए और परिणाम आधारित योजना के तहत किया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने आश्वस्त किया कि नवाचारी प्रस्तावों को पूरे वर्ष प्रोत्साहित एवं वित्तपोषित किया जाएगा।कार्यक्रम के तकनीकी सत्र में डॉ. सोनी गुप्ता (नोडल अधिकारी एवं एसोसिएट डीन) ने " नो योर सैंक्शन लेटर" विषय पर जानकारी दी। डॉ. राजीव मिश्रा ने शोध नैतिकता, डॉ. मोहित अग्रवाल ने संस्थागत शोध उत्कृष्टता को बढ़ावा देने पर तथा डॉ. स्मृति रॉय (निदेशक, विधि एवं सहायक डीन) ने फीडबैक सत्र का संचालन किया। अंत में डॉ. अजय के. गुप्ता (एसोसिएट डीन, प्रोजेक्ट) ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।
यह आयोजन न केवल शोध संस्कृति को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ, बल्कि विश्वविद्यालय में नवाचार एवं उत्कृष्टता को नई दिशा देने वाला भी रहा। इस अवसर पर विश्वविद्यालय परिसर के सभी स्कूल के निदेशक उपस्थित रहे।

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