न्याय धारा/कानपुर नगर। मंगलवार 24फरवरी 2026 (सूत्र/सूवि /पीआईबी) सूर्य उत्तरायण, फाल्गुन मास शुक्ल पक्ष की सप्तमी तदुपरि अष्टमी, बसंत ऋतु २०८२ कालयुक्त नाम संवत्सर। ग्राम सचेंडी (ब्लॉक कल्याणपुर) में ग्राम पंचायत से निर्मित दुकानों के आवंटन और राजस्व प्रबंधन में पाई गई गंभीर अनियमितताओं पर जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने सीधे हस्तक्षेप करते हुए सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की है।
जिलाधिकारी के निर्देश पर जिला पंचायत राज अधिकारी मनोज कुमार द्वारा कराई गई जांच में ग्राम निधि को 10,31,800 रुपये की राजस्व देनदारी सामने आई है। प्रकरण में ग्राम प्रधान उर्मिला देवी तथा तत्कालीन सचिव राकेश झा, शैली राठौर और सुशील वर्मा को कारण बताओ नोटिस जारी कर 15 दिन के भीतर साक्ष्य सहित स्पष्टीकरण देने को कहा गया है।
आवंटन से लेकर किराया जमा तक अनियमितता
जांच में पाया गया कि वर्ष 2015 में ग्राम पंचायत द्वारा निर्मित 23 दुकानों के आवंटन में निर्धारित शर्तों का समुचित अनुपालन सुनिश्चित नहीं किया गया। कई दुकानों पर मूल आवंटी के स्थान पर अन्य व्यक्तियों द्वारा संचालन पाया गया। निर्धारित किराया नियमित रूप से ग्राम पंचायत खाते में जमा नहीं कराया गया।
रिपोर्ट में किराया वसूली और बैंक जमा अभिलेखों में अंतर दर्ज किया गया है। कुछ दुकानों का किराया अभिलेखों में शून्य अंकित था, जबकि मौके पर दुकानें संचालित मिलीं। किराया दरों का समयानुसार पुनरीक्षण नहीं किया गया। आवंटन पत्र, अनुबंध और शर्तों से संबंधित अभिलेख व्यवस्थित रूप से सुरक्षित नहीं पाए गए।
आय के स्रोत निष्क्रिय रहे
लगभग 500 वर्गमीटर क्षेत्र में निर्मित पंचायत उद्योग भवन को आय सृजन के उद्देश्य से उपयोग में नहीं लाया गया। जांच में यह भी उल्लेख है कि पंचायत की आय बढ़ाने हेतु अपेक्षित सक्रिय प्रयास नहीं किए गए, जिसके परिणामस्वरूप ग्राम निधि पर 10,31,800 रुपये की राजस्व देनदारी आई। पंचायत स्तर पर यह राशि महत्वपूर्ण मानी जाती है।
15 दिन में देना होगा जवाब, उत्तरदायित्व होगा तय
नोटिस में संबंधित पदाधिकारियों को 15 दिन के भीतर लिखित स्पष्टीकरण साक्ष्य सहित प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। संतोषजनक उत्तर न मिलने की स्थिति में नियमानुसार वित्तीय दायित्व निर्धारण एवं विभागीय कार्रवाई की जाएगी। बकाया राजस्व की वसूली की प्रक्रिया भी प्रारंभ की जा रही है।
जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहा है कि पंचायत संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता से किसी प्रकार का समझौता नहीं होगा। ग्राम निधि को नुकसान पहुँचाने के मामलों में दोषी पाए जाने पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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