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जिलाधिकारी ने निवेश मित्र के 12 लंबित प्रकरणों पर जतायी नाराजगी

न्याय धारा/कानपुर नगर। शुक्रवार 20फरवरी 2026 (सूत्र/सूवि /पीआईबी) सूर्य उत्तरायण, फाल्गुन मास शुक्ल पक्ष की तृतीया, बसंत ऋतु २०८२ कालयुक्त नाम संवत्सर।  सरसैया घाट स्थित नवीन सभागार में जिला उद्योग बंधु एवं जिला व्यापार बंधु की बैठक में शुक्रवार को आयोजित हुई। बैठक में जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि औद्योगिक और व्यापारिक क्षेत्रों की समस्याएं किसी भी स्थिति में लंबित नहीं रहनी चाहिए और प्रत्येक विभाग समयसीमा के भीतर जवाबदेही तय करे।

बैठक में निवेश मित्र पोर्टल पर समयसीमा के बाद लंबित 12 प्रकरणों की समीक्षा की गई। इनमें सबसे अधिक सात प्रकरण हाउसिंग विभाग के पाए जाने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई और संबंधित विभागाध्यक्ष को पत्र लिखकर विलंब के लिए उत्तरदायी कार्मिकों की जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए। फूड सेफ्टी एंड ड्रग विभाग, यूपीसीडा, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तथा यूपीपीसीएल के लंबित मामलों को भी तत्काल निस्तारण के निर्देश दिए गए।

औद्योगिक संगठनों आईआईए, फीटा, पीआईए और लघु उद्योग भारती ने एलएलआर तिराहे के पास अंडरपास की ग्रीन बेल्ट में दोबारा हो रहे अतिक्रमण का मुद्दा उठाया। एनएचएआई द्वारा कार्रवाई की जानकारी दिए जाने के बावजूद पुनः कब्जे की शिकायत पर जिलाधिकारी ने परियोजना निदेशक एनएचएआई और थाना पनकी को संयुक्त अभियान चलाकर नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।व्यापार बंधु बैठक में गोविंदपुरी रेलवे स्टेशन मार्ग पर बीच सड़क लगे ट्रांसफार्मर से अवरुद्ध आवागमन का मामला प्रमुखता से उठा। केस्को अधिकारियों ने स्थानांतरण में लगभग 10 लाख रुपये व्यय का अनुमान बताया। जिलाधिकारी ने धनराशि उपलब्ध कराने का आश्वासन देते हुए शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।

विकासनगर मार्केट में शौचालय निर्माण की लंबित मांग पर जिलाधिकारी ने स्पष्ट समयसीमा तय करते हुए 28 मार्च तक कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए। डीएम ने नाराजगी जताई कि 3.92 लाख रुपये की लागत से होने वाला शौचालय निर्माण अगस्त 2025 में निर्देशित किये जाने के बावजूद अभी तक नहीं बन सका है।उन्होंने कहा कि सार्वजनिक सुविधाओं से जुड़े कार्यों में अनावश्यक विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा।

उद्योग बंधु एवं व्यापार बन्धु की बैठक में नगर निगम क्षेत्रांतर्गत स्टाम्प शुल्क के सापेक्ष अवस्थापना विकास के लिए प्राप्त होने वाली धनराशि  से  नगर निगम द्वारा प्रस्तावित योजनाओं लगभग 119.05 करोड़ रुपये लागत की 19 परियोजनाओं पर उद्यमियों ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कई कार्य तत्काल जनहित की प्राथमिकता में नहीं आते और सौंदर्यीकरण के नाम पर अनावश्यक व्यय प्रतीत होते हैं। प्रस्तावों में पनकी में सांस्कृतिक थीम पार्क (4 करोड़), काकादेव में मेडिटेशन पार्क (1.50 करोड़), झांसी रानी पार्क में सेंसरी पार्क (1.20 करोड़), फूलबाग में गो-कार्टिंग ट्रैक (5.90 करोड़), प्रवेश द्वार व सौंदर्यीकरण (20 करोड़), नाला कवरिंग (12 करोड़) जैसे कार्य शामिल हैं। अन्य मदों सहित कुल प्रस्तावित व्यय 119 करोड़ रुपये से अधिक है। उद्यमियों ने सुझाव दिया कि उपलब्ध धनराशि को सड़क, जलनिकासी, प्रमुख बाजारों में शौचालय, प्रकाश व्यवस्था और औद्योगिक आधारभूत ढांचे पर प्राथमिकता से खर्च किया जाए।

जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/एसडीएम सदर की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति गठित की गई है, जो प्रत्येक परियोजना की आवश्यकता और उपयोगिता की समीक्षा करेगी। समिति की संस्तुति के आधार पर ही आगे निर्णय लिया जाएगा।

नौबस्ता गल्ला मंडी में चूहों के कारण प्रतिवर्ष लगभग दो करोड़ रुपये से अधिक के अनाज नुकसान का मुद्दा उठने पर जिलाधिकारी ने मंडी सचिव को तत्काल प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। व्यापारियों को आर्थिक क्षति से बचाने के लिए ठोस व्यवस्था करने को कहा गया।

झकरकटी बस अड्डे के सामने क्षतिग्रस्त सड़क के कारण जाम की समस्या पर भी संज्ञान लेते हुए संबंधित विभाग को शीघ्र मरम्मत कराने के निर्देश दिए गए, जिससे पुल पर बसों के खड़े होने से उत्पन्न अव्यवस्था समाप्त हो सके।

बैठक में डीसीपी ट्रैफिक रविंद्र कुमार, प्रभारी अपर जिलाधिकारी नगर आलोक कुमार गुप्ता, उपायुक्त उद्योग अंजनीश प्रताप सिंह, उपायुक्त जीएसटी अफसर हुसैन, विजय पंडित, उमंग अग्रवाल, शेषनारायण द्विवेदी, कपिल सब्बरवाल, बृजेश शुक्ला, उपेंद्र जायसवाल समेत व्यापारी एवं उद्यमी संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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