कानपुर नगर। मंगलवार 13जनवरी 2026 (सूत्र/संवाददाता) सूर्य दक्षिरायण, माघ मास कृष्ण पक्ष की दसमी शिशिर ऋतु २०८२ कालयुक्त नाम संवत्सर। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग में छह दिवसीय समाचार लेखन व संपादन कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है।
कार्यशाला के दूसरे दिन के प्रथम सत्र में सभी प्रतिभागियों को विभाग के शिक्षकों एवं प्रिंट मीडिया के विशेषज्ञों द्वारा समाचार संकलन के तकनीकी पहलुओं को समझाया गया। समाचार संकलन प्रशिक्षण में समाचार स्रोतों की पहचान, साक्षात्कार तकनीक, तथ्यात्मक जानकारी जुटाना, विश्वसनीय स्रोतों की पहचान और डिजिटल सत्यापन के बारे में विस्तार से सिखाया गया, ताकि सभी प्रतिभागी जमीनी हकीकत को समझकर सटीक और निष्पक्ष खबरें तैयार कर सके।
प्रशिक्षण के प्रथम सत्र में सभी छात्रों से समाचार वाचन भी करवाया गया, समाचार वाचन के दौरान विभाग के शिक्षकों ने उन्हें भाषा शैली, सटीक उच्चारण एवं खबरों के चयन के बारे में सिखाया। कार्यशाला के दूसरे दिन के अंतिम सत्र में मुख्य अतिथि के तौर पर वरिष्ठ पत्रकार महेश शर्मा उपस्थित रहे, उन्होंने प्रिंट मीडिया कार्यशाला की आवश्यकता पर विस्तार से चर्चा किया। सभी छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि लेखन केवल शब्दों का संयोजन नहीं, बल्कि आत्ममंथन और भावनाओं को अभिव्यक्त करने का सशक्त माध्यम है, ऐसी कार्यशाला विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
अपने अनुभव साझा करते हुए उन्होंने सभी छात्रों को समाचार लेखन की बारीकियों से अवगत कराया, इस दौरान लेखन कला, पत्रकारिता के मूल तत्व, शब्द-ज्ञान व संपादन के विभिन्न आयामों पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया। सभी छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि श्रेष्ठ लेखकों की पुस्तकें एवं लेख नियमित रूप से पढ़ें और लेखन शैली को समझने के साथ शब्द-भंडार को समृद्ध करें, निरंतर लेखन अभ्यास और अध्ययन से ही लेखन में परिपक्वता आती है। आगे उन्होंने कहा कि नियमित रूप से समाचार पत्र पढ़ें, हमारा पैशन ही हमारा प्रोफेशन है। समाचार लेखन में ए.आई. का प्रयोग न करें। आज के युग में कंटेंट की लड़ाई है, पत्रकारिता में करियर बनाने के लिए आपको हर क्षेत्र में जानकारी होना जरूरी है।
विभागाध्यक्ष डॉ दिवाकर अवस्थी ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि कार्यशाला के दूसरे दिन प्रशिक्षण के दौरान सभी छात्रों को समाचार पत्र में प्रकाशित स्थानीय खबरों और सूचनाओं से जनता से जुड़ी मुख्य बातों की पहचान करना, सरल और स्पष्ट भाषा के प्रयोग, प्रभावी हेडलाइन और लीड पैराग्राफ लिखने की तकनीक पर विस्तार से बताया गया है।
कार्यशाला के दौरान पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के सहायक विभागाध्यक्ष डॉ ओम शंकर गुप्ता, सह आचार्य डॉ योगेंद्र पांडेय, सहायक आचार्य डॉ जितेंद्र डबराल, डॉ रश्मि गौतम, डॉ हरिओम कुमार, सागर कनौजिया, प्रेम किशोर शुक्ला एवं विभाग के सभी छात्र छात्राएं उपस्थित रहे ।

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